कुवैत में हिरासत में ली गईं 34 भारतीय नर्स रिहा, भारतीय दूतावास ने की पुष्टि, जानिए पूरा मामला
पिछले महीने कुवैत में हिरासत में ली गई 34 भारतीय नर्सों को रिहा कर दिया गया है। इनमें से 19 नर्सें केरल राज्य से थीं। अन्य नर्सें आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु से थीं।
भारतीय दूतावास ने इस संबंध में ट्वीट किया है कि इन सभी नर्सों/चिकित्सा कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया है।

भारतीय दूतावास, कुवैत ने ट्वीट किया, "...12 सितंबर को अधिकारियों द्वारा हिरासत में ली गई 34 भारतीय नर्सों/चिकित्सा कर्मचारियों को कुवैत में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ दूतावास के हस्तक्षेप के आधार पर आज रिहा कर दिया गया है..."
कुवैत शहर में मालिया के एक निजी क्लिनिक में कुवैत मानव संसाधन समिति के अधिकारियों द्वारा 12 सितंबर को छापेमारी की गई थी, जिसके बाद इन नर्सों को जेल में डाल दिया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय नर्सों के अवाला फिलीपींस, मिस्र और ईरान के लोगों सहित 30 से अधिक लोग अभी भी जेल में हैं।
कुवैत गृह मंत्रालय ने तर्क दिया कि इन नर्सों के पास कुवैत में रोजगार के लिए अपेक्षित लाइसेंस और योग्यता का अभाव था।
इसके विपरीत, केरल की नर्सों के परिवार के सदस्यों ने उनकी योग्यताओं का जोरदार बचाव किया और कहा कि उनके पास वैध कार्य वीजा और प्रायोजन है।
इनमें से कई नर्सों ने अपने जीवन के तीन से दस साल एक ही क्लिनिक में काम करते हुए समर्पित कर दिए थे।
बताया जाता है कि इसके पीछे अस्पताल के मालिक और प्रायोजक के बीच की दिक्कतें थीं। दरअसल क्लिनिक का स्वामित्व एक ईरानी नागरिक के पास है, और नर्सों के परिवारों के अनुसार, मालिक और प्रायोजक के बीच विवाद के कारण छापेमारी और उसके बाद गिरफ्तारियां हुईं
इससे पहले विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा था कि भारत और कुवैत के बीच उच्चतम स्तर पर बातचीत शुरू हो गई है और जिस क्लिनिक में ये नर्सें काम कर रही थीं, उसके लाइसेंस को लेकर तकनीकी मुद्दे हैं।
आपको बता दें कि कुवैत में अवैध तरीके से रहने और काम करने वाले प्रवासियों के खिलाफ जांच जारी है। आंतरिक मंत्रालय ने कहा है कि लेबर और रेजिडेंसी नियमों का उल्लंघन करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है और गिरफ्तारी के बाद उन्हें उनके देश डिपोर्ट किया जा रहा है।












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