ब्रिटेन से भारत कब लाया जाएगा कोहिनूर हीरा? भारतीय विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान

कोहिनूर हीरा दुनिया के सबसे बड़े हीरों में से एक है और ये हीरा 108 कैरेट है, जिसे साल 1849 में महारानी विक्टोरिया को दिया गया था।

Kohinoor India: कोहिनूर हीरे को ब्रिटेन से भारत लाने की मांग पिछले कई सालों से की जा रही है और पिछले महीने जब ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय का निधन हुआ, तो एक बार फिर से कोहिनूर हीरे की चर्चा काफी तेजी के साथ होने लगी है। वहीं, भारत सरकार की तरफ से भी कोहिनूर हीरे को लेकर बड़ी प्रतिक्रिया दी गई है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार को कोहिनूर हीरा वापस लाने पर बड़ा बयान दिया है।

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    कब लाया जाएगा कोहिनूर हीरा?

    कब लाया जाएगा कोहिनूर हीरा?

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कोहिनूर हीरा को वापस भारत लाने की हालिया मांगों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि, सरकार इस पर संतोषजनक समाधान निकालने के तरीके तलाशती रहेगी। ब्रिटेन की सबसे लंबे समय तक राज करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के बाद दुनिया के सबसे बड़े हीरे में से एक को वापस लाने की चर्चा फिर से सामने आई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कोहिनूर हीरा को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में कुछ साल पहले भारत सरकार द्वारा संसद में दिए गये जवाब का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, "मेरी समझ यह है, कि भारत सरकार ने कुछ साल पहले संसद में इसका जवाब दिया था। हमने कहा है कि, हम समय-समय पर यूके सरकार के साथ इस मामले को उठा रहे हैं और हम संतोषजनक उत्तर प्राप्त करने के तरीकों और साधनों का पता लगाना जारी रखेंगे, ताकि मामले का समाधान किया जा सके।"

    विश्व का सबसे बड़ा हीरा

    विश्व का सबसे बड़ा हीरा

    आपको बता दें कि, कोहिनूर हीरा दुनिया के सबसे बड़े हीरों में से एक है और ये हीरा 108 कैरेट है, जिसे साल 1849 में महारानी विक्टोरिया को दिया गया था। वर्तमान में, कोहिनूर हीरा, जिसे "प्रकाश का पर्वत" भी कहा जाता है, उसे ब्रिटेन की दिवंगत रानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के लिए बने मुकुट में माल्टीज़ क्रॉस में स्थापित है। आपको बता दें कि, 108 कैरेट का कोहिनूर रत्न महारानी विक्टोरिया को 1849 में महाराजा दलीप सिंह ने दिया था। फिर महारानी ने इसे वर्ष 1937 में अपने ताज पर लगाया था। हाल ही में, ट्विटर पर इसकी भारत वापसी की मांग ट्रेंड कर रही खी, जब ब्रिटिश महारानी का निधन हुआ था। पहले ऐसी अटकलें थीं कि, ब्रिटेन के नए राजा चार्ल्स III की पत्नी क्वीन कंसोर्ट कैमिला को कोहिनूर का ताज पहनाया जाएगा, जब अगले साल मई में चार्ल्स का राज्याभिषेक होगा। लेकिन, टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हीरे के स्वामित्व को लेकर चल रही बयानबाजीऔर मामले की राजनीतिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, वह अब इसे नहीं पहन सकती हैं।

    मुकुट में जुड़े हैं बेशकीमती रत्न

    मुकुट में जुड़े हैं बेशकीमती रत्न

    आपको बता दें कि 108 कैरेट का बेशकीमती कोहिनूर हीरा सन 1937 में क्वीन एलिजाबेथ के मुकुट की शोभा बना था और उनके निधन तक यह हीरा उन्हीं के मुकुट पर रहा। हालांकि अब यह ताज ब्रिटेन की नई रानी कैमिला के पास जाएगा। इस हीरे में नीलम और अन्य कई तरह के स्टोन जड़े हुए हैं जो बहुत ही कीमती हैं। इस मुकुट की कीमत तकरीबन 4500 करोड़ रुपए बताई जाती है। 14वीं सदी में कोहिनूर हीरा भारत में पाया गया था, लेकिन ब्रिटिश शासन होने के चलते यह हीरा भारत में नहीं रहा और समय-समय पर अलग-अलग स्थानों पर जाता गया। 1947 में भारत की स्वाधीनता के बाद इस हीरे को वापस लाने की मांग जोर पकड़ने लगी। प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक सर सीवी रमन ने हीरों के संरचनात्मक रूप पर एक व्याख्यान के दौरान कोहिनूर का जिक्र करते हुए एक बार कहा था कि देश की स्वतंत्रता तब तक पूर्ण नहीं हो सकती जब तक यह हीरा वापस नहीं मिल जाता।

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