Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

वो 'ब्लैक विडो' जो अपने ही साथी को निगलने पर है आमादा, जानिए क्या है रहस्य

नई दिल्ली, 29 जुलाई। अंतरिक्ष में कई ऐसे अजीब घटनाएं हैं जो स्पेस साइंटिस्ट्स के लिए भी पहेली बन गई हैं। एक नई रिसर्च में सूर्य के लगभग 2.35 गुना द्रव्यमान के एक स्टार का पता चला है। ये तार विशालकाय तारा अपने ही एक साथी को निगल रहा है। जिसके कारण इसका वजन भी बढ़ता जा रहा है।

स्पेस साइंटिस्ट्स ने निकाले अहम निष्कर्ष

स्पेस साइंटिस्ट्स ने निकाले अहम निष्कर्ष

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक नए तारे को लेकर रिसर्च में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दरअसल, इस तारे का द्रव्यमान यानी भार लगातार बढ़ता जा रहा है। जो इसके भविष्य में इसके अस्तित्व को लेकर खतरे का संकेत देता है।

सूर्य से भारी है ये तारा

सूर्य से भारी है ये तारा

नए तारे का भार सौर मंडल के ग्रह सूर्य के द्रव्यमान का लगभग ढाई गुना है। वैज्ञानिकों की मानें तो ये ग्रह सूर्य के द्रव्यमान का 2.35 गुना भार वाला है और इसके भार में लगातार वृद्धि हो रही है।

तारे के अस्तित्व पर खतरा

तारे के अस्तित्व पर खतरा

दरअसल, ये न्यट्रॉन तारा है जिसकी स्पेस साइंटिस्ट्स ने खोज की है। जिसकी संरचना अन्य सौर मंडल के अन्य तारों से अलग है। इस तारे के बनावट अन्य किसी तारे बिल्कुल मेल नहीं खाती। इसका एक कारण इसके बढ़ता द्रव्यमान भी हो सकता है। वैज्ञानिकों ने इसे भार में परिवर्तन को तारे के अस्तित्व के लिए खतरा बताया है।

तारे का द्रव्यमान 1.3 से 2.5 सौर द्रव्यमान का बराबर

तारे का द्रव्यमान 1.3 से 2.5 सौर द्रव्यमान का बराबर

नए खोजे गए न्यूट्रॉन तारे का वजन सूर्य के द्रव्यमान का लगभग 2.35 गुना है। दरअसल, न्यूट्रान स्टार का द्रव्यमान लगभग 1.3 से 2.5 सौर द्रव्यमान का बराबर होता है। अगर ये अधिक भारी हो जाता है, तो यह ढह सकता है और एक ब्लैक होल बन सकता है।

ब्लैक हो बना लेता है न्यूट्रॉन स्टार

ब्लैक हो बना लेता है न्यूट्रॉन स्टार

नए खोजे गए न्यूट्रॉन तारे का वजन सूर्य के द्रव्यमान का लगभग 2.35 गुना है, और यदि यह भारी हो जाता है तो ये खत्म हो जाता है और एक ब्लैक होल बन जाता है।

अपने साथी को खा लेता है न्यूट्रॉन तारा

अपने साथी को खा लेता है न्यूट्रॉन तारा

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने पहली बार सबसे भारी ज्ञात न्यूट्रॉन तारे की खोज की है। साइंटिस्ट्स कहते है कि इतना भारी स्टार तब बनता है जब एक विशाल तारा समाप्त होता है। तारा इतनी तेजी से घूमता है कि वो अपने साथी तारे के लगभग पूरे द्रव्यमान खत्म कर खुद में मिला लेता है।

 वैज्ञानिकों ने कहा 'ब्लैक विडो'

वैज्ञानिकों ने कहा 'ब्लैक विडो'

न्यूट्रॉन तारे अंतरिक्ष में अद्वितीय संरचनाएं हैं जिनमें लगभग 1.3 से 2.5 सौर द्रव्यमान शहर के आकार के क्षेत्र में शायद 20 किलोमीटर है। नासा के अनुसार, मैटर को इतनी कसकर पैक किया जाता है कि चीनी-घन के आकार की सामग्री का वजन 1 बिलियन टन से अधिक होगा। ये लगभग माउंट एवरेस्ट के समान है। स्टार को ब्लैक विडो नाम दिया गया है, जो कि मादा ब्लैक विडो स्पाइडर की प्रवृत्ति का है। जो संभोग के बाद बहुत छोटे नर को खा जाती है।

ब्लैक विडो ने बदले पुराने रिजल्ट्स

ब्लैक विडो ने बदले पुराने रिजल्ट्स

स्टैनफोर्ड स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड साइंसेज में भौतिकी के प्रोफेसर रोमानी ने कहा कि इस आकार के अन्य ब्लैक विडो से पता चला है कि न्यूट्रॉन तारे 2.35 सौर द्रव्यमान के आसपास होते हैं। जबकि वैज्ञानिकों ने लंबे समय से माना है कि जब लगभग 1.4 सौर द्रव्यमान से बड़े कोर वाला कोई तारा अपने जीवन के अंत में ढह जाता है, तो यह इतने उच्च दबाव में अधिक घनत्व और कॉम्पैक्ट वाली कोई नई वस्तु बनती है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+