‘प्रतिबंध अपनी जगह है लेकिन सैन्य डील होकर रहेगी’ पुतिन का ऐलान, किम जोंग की रूस यात्रा का क्या हासिल रहा?
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को 'साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ाई' में अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देशों के संबंध उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे हमेशा रूस के साथ खड़े रहेंगे।
यूक्रेन में चल रहे युद्ध में मॉस्को को समर्थन देते हुए किम जोंग उन ने राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि रूस अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए एक पवित्र युद्ध लड़ रहा है और वह बुरी ताकतों को दंडित करने की लड़ाई में विजयी होगा। किम ने कहा कि रूसी सेना को हर बार की तरह इस बार भी जीत हासिल होगी।

रूस के सरकारी मीडिया के मुताबिक रूस की पूर्व में स्थित वास्तोचनी स्पेस सेंटर में हुई मुलाक़ात के बाद किम जोंग-उन ने वापस उत्तर कोरिया की ओर रवाना हो गए हैं। रूस के सुदूर पूर्व में बुधवार को 5 घंटे तक चली बैठक के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने संकेत दिए कि दोनों नेताओं के बीच सैन्य सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई है।
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उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने कहा कि दोनों नेताओं ने कोरियाई प्रायद्वीप और यूरोप के राजनीतिक और सैन्य परिदृश्य पर गहन चर्चा की। किम ने कोरोना महामारी शुरू होने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा की है। पुतिन और किम जोंग की आखिरी मुलाकात 2019 में रूस में हुई थी।
दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक रिश्तों की दुहाई देते हुए पुतिन ने कहा कि दो नए दोस्तों के बजाय एक पुराना दोस्त ही बेहतर होता है। वहीं, किम ने दोनों देशों के बीच '100 साल की दोस्ती का एक नया युग' स्थापित करने की कसम खाई।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि देश उत्तर कोरिया के साथ कुछ सैन्य सहयोग पर विचार और चर्चा कर रहा है। पुतिन ने राज्य के स्वामित्व वाले रूस 1 से कहा, "ठीक है, कुछ प्रतिबंध हैं, और रूस इन सभी प्रतिबंधों का पालन करता है। लेकिन ऐसी चीजें हैं जिनके बारे में हम निश्चित रूप से बात कर सकते हैं, चर्चा कर सकते हैं, इसके बारे में सोच सकते हैं। और यहां भी संभावनाएं हैं।"
रूस ने ये भी संकेत दिए हैं कि वो उत्तर कोरिया को सैटेलाइट बनाने में मदद करेगा। सीएनएन के अनुसार, जब एक रिपोर्टर ने पूछा कि क्या रूस सैटेलाइट बनाने में उत्तर कोरिया की मदद करेगा, पुतिन ने कहा, "इसीलिए तो हम इस स्पेस सेंटर(वोस्तोचन) पर आए हैं।" आपको बता दें कि उत्तर कोरिया इस साल दो बार जासूसी उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने में विफल रहा, लेकिन उसका कहना है कि वह अगले महीने फिर से प्रयास करेगा।
इस बीच, रूसी राज्य मीडिया ने बुधवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव का हवाला देते हुए बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच बातचीत 'बहुत ठोस' थी। पेसकोव ने कहा कि उत्तर कोरिया "रूस के साथ द्विपक्षीय संबंध विकसित करने में बहुत रुचि दिखाई है।"












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