पाकिस्तान में जरनैल सिंह भिंडरावाले के मोस्ट वांटेड भतीजे की संदिग्ध मौत, खालिस्तानी आतंकी ने ले रखी थी शरण
Pak-based Khalistani terrorist died: पाकिस्तान में एक के बाद एक भारत विरोधी तत्वों का सफाया हो रहा है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड साजिद मीर को जेल में जहर दिए जाने के बाद अब टॉप खालिस्तानी आतंकवादी की भी संदिग्ध मौत की खबर आ रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, शीर्ष खालिस्तानी आतंकवादी और प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) के नेता की पाकिस्तान में 'दिल का दौरा' पड़ने से मौत हो गई है।

लखबीर सिंह रोडे की संदिग्ध मौत
लखबीर सिंह रोडे, मारे गए खालिस्तानी आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले का भतीजा था, जिसने पाकिस्तान में शरण ले रखी थी और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर भारत विरोधी काम कर रहा था।
72 वर्षीय आतंकवादी लखबीर सिंह रोडे की मौत की पुष्टि उनके भाई और पूर्व अकाल तख्त जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे ने की है।
द इंडियन एक्सप्रेस ने जसबीर के हवाले से कहा है, कि "मुझे मेरे भाई लखबीर सिंह रोडे के बेटे ने सूचित किया है, कि उनकी पाकिस्तान में दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई है और उनका अंतिम संस्कार वहीं कर दिया गया है। वह अत्यधिक मधुमेह से पीड़ित थे। उनके दो बेटे, एक बेटी और पत्नी कनाडा में रहते हैं।"
भारत में बीते थे शुरूआती दिन
लखबीर, मूल रूप से भारतीय पंजाब के मोगा जिले का रहने वाला था, लेकिन बाद में वह दुबई भाग गया। वहां से वह पाकिस्तान भाग गया, लेकिन अपने परिवार को उसने कनाडा में रखा हुआ था। कनाडा पहले से भी भारत से भागे आतंकियों और एंटी-इंडिया तत्वों के लिए सुरक्षित पनाहगार बना हुआ है।
आपको बता दें, कि साल 2002 में भारत सरकार ने पाकिस्तान को 19 आतंकियों के प्रत्यर्पण की लिस्ट सौंपी थी, उसमें एक नाम लखबीर सिंह रोडे का भी शामिल था। हालांकि, पाकिस्तान ने लखबीर सिंह रोडे को भारत के हवाले नहीं किया था।
भारत द्वारा तैयार एक विस्तृत डोजियर में दावा किया गया है, कि "लखबीर सिंह, कथित तौर पर पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने और विभिन्न अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों (वीवीआईपी) और राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने के लिए सीमा पार से हथियारों और विस्फोटकों की खेप भारत भेजने में लगा हुआ है।"
नई दिल्ली ने उसे गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत 'व्यक्तिगत आतंकवादी' के रूप में सूचीबद्ध किया था।
हाल ही में, भारत की प्रमुख आतंकवाद विरोधी 'राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)' की विशेष अदालत, मोहाली ने पंजाब के मोगा जिले में नामित आतंकवादी लखबीर की जमीन को जब्त करने का आदेश दिया था।
यह फैसला 2021 के एक मामले में जारी किया गया था, जहां टिफिन बम विस्फोट से जुड़े मामले में लखबीर का नाम फिर से सामने आया था। ये बम विस्फोट 15 सितंबर 2021 की शाम 7.57 बजे फाजिल्का जिले के जलालाबाद में पंजाब नेशनल बैंक के पास हुआ था। रोडे 2021 के लुधियाना कोर्ट विस्फोट का मुख्य साजिशकर्ता भी था।
लखबीर ISYF का नेतृत्व करता था, जो एक सक्रिय आतंकवादी समूह है, जिसका लश्कर-ए-तैयबा (LeT) सहित इस्लामी आतंकवादी समूहों से संबंध है।
भारत में प्रतिबंधित होने के अलावा, इस समूह को 2001 में यूके में भी प्रतिबंधित कर दिया गया था। यूके में प्रतिबंध के बाद, समूह ने अपना नाम बदलकर सिख फेडरेशन-यूके (एसएफयूके) कर लिया।












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