ब्रिटेन में खालिस्तानियों पर एक्शन शुरू, इंडियन मिशन पर हमला करने वाला शख्स गिरफ्तार, ऋषि सुनक ने निभाया वादा
Khalistani Supporter Arrested in UK: खालिस्तानियों के खिलाफ सख्त एक्शन शुरू करने का वादा यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भारत से किया था और अब ऐसा लग रहा है, कि ऋषि सुनक ने अपना वादा निभाना शुरू कर दिया है।
लंदन में भारतीय उच्चायोग पर खालिस्तानी आतंकवादियों के हमले के लगभग सात महीने बाद, स्कॉटलैंड यार्ड ने "हिंसक अव्यवस्था" के आरोप में एक खालिस्तान समर्थक को गिरफ्तार किया है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा, कि जिस व्यक्ति को सोमवार को इंडिया हाउस के बाहर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था, उसे 19 मार्च को एक विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में पकड़ा गया था और आगे की पूछताछ होने तक उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया है।

खालिस्तान समर्थक की गिरफ्तारी
आपको बता दें, कि यूके सरकार ने खालिस्तानियों की मानसिकता समझने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जिसके लिए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने 3 करोड़ का फंड जारी किया है।
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वांटेड आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में कथित भारतीय भागीदारी के कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो के दावों के बाद खालिस्तानियों ने ब्रिटिश सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी और इसके लिए खालिस्तानियों ने सोमवार को प्रदर्श किया था। इसी दौरान ब्रिटिश पुलिस ने एक ब्रिटिश सिख शख्स को गिरफ्तार किया था।
मेट पुलिस के बयान में कहा गया है, "सोमवार 2 अक्टूबर को एक शख्स को गिरफ्तार किया गया। ये वही शख्स है, जिसने 19 मार्च को इंडियन मिशन के बाहर किए गये एक विरोध प्रदर्शन में भी हिंसक गतिविधियों में शामिल था, लिहाजा उसे भारतीय उच्चायोग के बाहर गिरफ्तार किया गया।"
आरोपी को दी गई जमानत
उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और आगे की पूछताछ होने तक उसे जमानत दे दी गई है।
आरोप लगने के बाद ही उस व्यक्ति के नाम का खुलासा किया जा सकता है। लेकिन, माना जा रहा है, कि आरोपी भारत की नेशनल इन्वेस्टगेटिंग एजेंसी (एनआईए) द्वारा पहचाने गए एक दर्जन से ज्यादा व्यक्तियों में से एक है, जो 19 मार्च को भारतीय उच्चायोग पर हमले के लिए जिम्मेदार थे।
आपको बता दें, कि 19 मार्च को खालिस्तानी चरमपंथी इंडियन मिशन की इमारत पर चढ़ गए थे और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को उतारने का प्रयास किया था। इंडियन मिशन पर हमला किया गया था और खिड़कियां टूटने की वजह से एक भारतीय अधिकारी घायल हो गये थे।
उस समय, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के खिलाफ अलगाववादी और चरमपंथी तत्वों की कार्रवाइयों पर भारत के "कड़े विरोध" को व्यक्त करने के लिए नई दिल्ली में सबसे वरिष्ठ यूके राजनयिक को बुला लिया था।

एनआईए ने जारी की आरोपियों की तस्वीरें
मार्च में इंडियन मिशन पर किए गये हमले के बाद जून महीने में, एनआईए ने उन संदिग्धों की तस्वीरें जारी कीं, जिनके बारे में उनका मानना है कि वे हिंसक विरोध प्रदर्शन में शामिल थे। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि मिशन पर हुए हमले के बाद भारत और यूके सरकार के बीच बातचीत की गई थी और उसके बाद जांच को भारतीय एजेंसी एनआईए को सौंप दी गई थी।
वहीं, लेटेस्ट गिरफ्तारी तब की गई है, जब स्कॉटलैंड पुलिस ने खुलासा किया, कि उसे यूके में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी को पिछले सप्ताह ग्लासगो में खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों द्वारा गुरुद्वारे में जाने से रोकने से संबंधित "कोई आपराधिकता" नहीं मिली है।
पुलिस स्कॉटलैंड के प्रवक्ता ने कहा, "शुक्रवार, 29 सितंबर, 2023 को ग्लासगो के अल्बर्ट ड्राइव क्षेत्र में गड़बड़ी की रिपोर्ट की व्यापक जांच के बाद, कोई आपराधिक मामला स्थापित नहीं किया गया है।"
वहीं, कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि ब्रिटेन में जल्द ही खालिस्तानियों के खिलाफ सख्त एक्शन शुरू होने वाला और इसके लिए दोनों देशों के बीच काफी नजदीक से बातचीत चल रही है।












Click it and Unblock the Notifications