kristallnacht kfc: 'क्रिस्तालनाख्त' की वर्षगांठ मनाने वाला नोटिफिकेशन भेज बुरी तरह फंसा KFC, मांगी माफी
KFC ने यहूदी विरोधी हिंसा की रात क्रिस्तालनाख्त को सेलिब्रेट करने वाले नोटिफिकेशन भेजने के लिए माफी मांगी है। केएफसी ने यहूदी विरोधी नरसंहार की वर्षगांठ को फ्राइड चिकन और पनीर के साथ मनाने के लिए प्रोत्साहित किया था।
KFC ने जर्मन ग्राहकों को क्रिस्तालनाख्त यानी यहूदी विरोधी नरसंहार को फ्राइड चिकन और पनीर के साथ मनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए माफी मांगी है। फास्ट फूड चेन ने एप यूजरों को बुधवार को एक नोटिफिकेशन भेजा था जिसमें जिसमें ग्राहकों को 1938 के क्रिस्तालनाख्त या 'टूटे शीशों की रात' की 84वीं वर्षगांठ मनाने का सुझाव दिया था। जर्मनी में भारी आलोचना के बाद कंपनी ने इसके लिए माफी मांगी है।

जर्मनी में भेजा गया नोटिफिकेशन
जर्मन में के ट्विटर उपयोगकर्ताओं के अनुसार, फास्ट फूड चेन KFC ने बुधवार को ऐप उपयोगकर्ताओं को एक नोटिफिकेशन भेजा। इसमें ग्राहकों को क्रिस्तालनाख्त की वर्षगांठ पर खुद को ट्रीट देने का सुझाव दिया गया था। इस संदेश में लिखा था, " क्रिस्तालनाख्त की सालगिरह- खुद को अधिक नरम पनीर और कुरकुरे चिकन के साथ ट्रीट दें। अब KFCeese पर!"

KFC ने तुरंत मांगी माफी
बिल्ड अखबार के अनुसार, इस नोटिफिकेशन के रिसीव होते ही यह बुरी तरह से सर्कुलेट होने लगा। कुछ ही देर में कंपनी के पास शिकायतों के मेल आने लगे। कंपनी को लगा कि भारी गड़बड़ी हुई है और महज एक घंटे बाद कंपनी ने खुद को गलत मानते हुए माफी मांग ली। KFC ने कहा, "हमें बहुत अफसोस है। हम अपनी इंटरनल प्रोसेस की तुरंत जांच करेंगे ताकि ऐसा दोबारा न हो। कृपया इस त्रुटि के लिए हमें क्षमा करें।"

84 साल पहले शुरू हुई थी हिंसा
क्रिस्तालनाख्त या 'टूटे शीशों की रात'- 9 नवंबर 1938 की वह रात थी जब नाजी संसदीय दल और आम नागरिकों ने मिलकर जर्मनी और ऑस्ट्रिया के कुछ हिस्सों में यहूदियों के खिलाफ एक देशव्यापी हिंसा की मुहिम छेड़ी दी थी। इस दौरान यहूदियों के खिलाफ हिंसा होती रही और जर्मन प्रशासन बिना कोई हस्तक्षेप किए चुपचाप इसे देखता रहा। यह एकतरफा हिंसा दो दिनों तक चलती रही। इस दौरान यहूदियों के घरों, दुकानों और आराधना स्थलों को तोड़ कर तहस-नहस कर दिया गया। इन्हें इस तरह नष्ट किया गया कि सड़कें और गलियां यहूदियों की संपत्ति के मलबे से ढंक गईं। टूटे हुए भवनों से लगकर बिखरे शीशे के ढेरों को दिखाती तस्वीरें आज भी तस्वीरों में देखी जा सकती हैं।

60 लाख यहूदियों की हुई मौत
यह जर्मनी में टूटे हुए खिड़की-दरवाजों की रात, बेगुनाह यहूदियों की हत्याओं की रात थी। इस दौरान कम से कम 91 यहूदियों की हत्या कर दी गई, लगभग 7,500 यहूदी दुकानों में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान 30,000 यहूदी पुरुषों को हमलों के दौरान बंधक बना लिया गया था। क्रिस्तालनाख्त जर्मनी में यहूदियों के खिलाफ प्रलय की शुरुआत थी। यही वह रात थी जो जर्मनी में बसे यहूदियों के लिए काल बनकर आई। इस रात के बाद कुछ ही वर्षों में लगभग 60 लाख यहूदी मौत की घाट उतार दिए गए।
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