केरल: ट्रांसजेंडर दंपत्ति ने दिया बच्चे को जन्म, सुनाई संघर्ष की कहानी

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केरल में ट्रांसजेंडर जोड़ी ज़िया और ज़हद आठ फ़रबरी को बच्चे के माता-पिता बन गए हैं. ये बच्चा डॉक्टरों की बताई तारीख़ से एक महीना पहले हुआ है.

ज़िया ने बीबीसी हिंदी को बताया, "ज़हद और बेबी दोनों स्वस्थ हैं."

Kerala story of Transgender couple who gives birth to a child

ज़िया ने बच्चे का जेंडर बताने से मना कर दिया.

इससे पहले ज़िया को डॉक्टरों ने बताया था कि उनकी 23 वर्षीय पार्टनर ज़हद नौ फ़रवरी को बच्चे को जन्म देने वाली हैं.

डिलीवरी डेट अगले महीने की तय थी लेकिन ज़हद को डायबिटीज़ की समस्या के कारण सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया.

ये पूछे जाने पर कि लोग इस बच्चे के जन्म के बारे में क्या कह रहे हैं, ज़िया ज़ोर से हंस देती हैं.

ज़िया ने बताया, "ट्रांसजेंडर समुदाय बहुत ख़ुश है. हालांकि ट्रांसजेंडर समुदाय में और बाहर के भी कुछ ऐसे लोग हैं जो रूढ़ियों पर भरोसा रखते हैं. वे समझते हैं कि समलैंगिक लोग बच्चा नहीं रख सकते. लेकिन इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता."

ज़िया लड़के के रूप में पैदा हुईं और 'मां' कहलाना चुना, जबकि ज़हद बचपन से लड़की हैं और उनकी इच्छा पुरुष बनने की थी.

दोनों की तीन साल पहले कोझिकोड़ में मुलाक़ात हुई. हालांकि इससे बहुत पहले ज़िया ने ब्रेस्ट इम्प्लांट करवा लिया था और उधर ज़हद ने भी ब्रेस्ट हटाने की सर्जरी करवाई थी.

डेढ़ साल पहले तय किया

लेकिन ज़हद के अंडाशय और गर्भाशय नहीं हटाए गए थे क्योंकि उनकी टेस्टोस्टीरोन हार्मोनल थेरेपी चल रही थी जबकि ज़िया का अपने पसंद के जेंडर के लिए हार्मोन थेरेपी का इलाज चल रहा था.

ज़िया ने बताया, "क़रीब डेढ़ साल पहले, हमने बच्चा पैदा करने का फैसला किया. उस समय हमने हार्मोनल थेरेपी बंद कर दी क्योंकि डॉक्टरों की यही सलाह थी."

हमने पूछा कि क्या आप दोनों इसलिए साथ आए ताकि संतान पैदा की जाए?

इस सवाल पर ज़िया ने हंसते हुए कहा, "नहीं, बस हमें प्यार हो गया."

उनके बीच मोहब्बत का सिलसिला अलग-अलग स्थितियों में अपने अपने परिवारों से अलग होने के काफी बाद शुरू हुआ.

ज़िया के अनुसार, "मैं एक रुढ़िवादी मुसलमान परिवार से हूं, जिन्होंने मुझे शास्त्रीय नृत्य सीखने की इजाज़त कभी नहीं दी. वो यहां तक पुराने ख़्याल के थे कि उन्होंने मेरे बाल काट दिए ताकि मैं डांस न कर पाऊं. एक यूथ फ़ेस्टिवल था जिसमें मैं शामिल होने गई थी, वहां से फिर कभी घर नहीं लौटी."

ज़िया एक ट्रांसजेंडर कम्युनिटी सेंटर में डांस सीखने गईं जहां लड़कियों को डांस सिखाया जाता था.

नॉर्मल डिलीवरी

ज़हद की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. जब उनके जेंडर के बारे में परिवार को पता चला तो वे घर वालों से अलग हो गए.

वो एक इसाई परिवार से आते हैं. तिरुअनंतपुरम में ओकी तूफ़ान के दौरान उनके परिवार का घर और नाव दोनों तबाह हो गए.

जब ज़हद ने अपने अभिभावकों को प्रेग्नेंसी के बारे में बताया, तो उनका रुख़ सकारात्मक बन गया. वे ज़हद की प्रेग्नेंसी के दौरान मदद कर रहे हैं. ये ज़हद की मां का ही सुझाव था कि वे अपनी प्रेग्नेंसी को सार्वजनिक न करें.

ज़िया ने बताया, "पिछले हफ़्ते ही उन्होंने कहा कि अब इस ख़बर को सार्वजनिक करने का सही वक़्त आ गया है."

लेकिन बच्चे को पालने के लिए क्या वो आर्थिक रूप से काबिल हैं?

ज़िया का कहना है, "ज़िंदा रहना बहुत मुश्किल है. मेरे पास छोटे बच्चों को डांस सिखाने का काम है जबकि ज़हद एक अकाउंटेंट हैं. उन्होंने शुरुआत में तिरुअनंतपुरम में सरकार की ओर से बनाए गए जेंडर पार्क में काम किया."

"बाद में वो कोझिकोड़ चले गए जहां उन्होंने सुपरमार्केट में नौकरी कर ली. मुझे अपने स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ानी होगी. ज़हद को भी बच्चा पैदा होने के दो महीने बाद अपने काम पर वापस लौटना होगा. इसके बाद मैं बच्चे का ख्याल रखूंगी."

कोझिकोड़ सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि दंपति को किसी भी नॉर्मल पुरुष स्त्री की तरह ही नॉर्मल डिलीवरी होगी. डॉक्टरों को इस मामले पर मीडिया से बोलने की इजाज़त नहीं है इसलिए वे इस पर टिप्पणी के लिए नहीं मिले.

जटिल हार्मोन थेरेपी

बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई हास्पिटल में सेक्स चेंज के मामले देखने वाले एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. महेश डीएम ने बीबीसी से कहा, "एक बार प्रेग्नेंसी का दौर ख़त्म हो जाए तो वे सेक्स हार्मोन थेरेपी को फिर से शुरू कर सकते हैं और अपनी इच्छाएं पूरी कर सकते हैं. जबतक अंडाशय और गर्भाशय हटाया नहीं जाता तो 40 साल की उम्र तक कोई समस्या नहीं आती है."

डॉ. महेश, एक महिला के सेक्स चेंज के मामले में शामिल रहे हैं. पायलट बनने की इच्छा रखने वाले एडम हैरी ने औरत से मर्द बनने के लिए सेक्स चेंज कराया था.

उन्होंने बीबीसी को बताया, "मैंने भी हार्मोन थेरेपी रोक दी थी और कुछ समय बाद इसे फिर से शुरू किया."

ज़िया और ज़हद को बताया गया है कि सेक्स चेंज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक बार अपने सर्टिफ़िकेट पर नया जेंडर दर्ज हो गया तो वो लोग क़ानूनी तौर शादी कर सकते हैं.

पर क्या ज़िया और ज़हद ट्रांसजेंडर मां-बाप बनने वाले पहले कपल हैं?

ज़िया ने एक बार फिर हंसते हुए कहा, "अभी तक ट्रांसजेंडर समुदाय में कोई भी खुद को बायलॉजिकल पैरेंट नहीं कहता है."


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