जहरीले इंजेक्शन से नहीं मरा, अब क्रूर तरीके से दी जाएगी मौत की सजा, अमेरिका पर क्यों भड़का संयुक्त राष्ट्र?
किसी भी अपराधी के लिए मौत की सजा सबसे डरावनी होती है। कई देशों में मौत की सजा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है लेकिन अमेरिका में अभी भी इसका प्रावधान है। अमेरिका में सामान्यतः कैदी की जान लेने के लिए इंजेक्शन का प्रयोग किया जाता है।
इसके अलावा फांसी, बिजली का झटका, गैस चैंबर जैसे तरीके हैं जिससे ये सजा दी जाती है। लेकिन हाल ही में अमेरिका ने मौत की सजा का एक नया तरीका ढूंढ़ निकाला है। अमेरिका में पहली बार किसी कैदी को नाइट्रोजन गैस के जरिए मौत की सजा दी जाएगी।

अमेरिकी इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब किसी कैदी को नाइट्रोजन गैस के जरिए मारा जाएगा। जिस कैदी को ये सजा मिल रही है उसका नाम कीनिथ यूजीन स्मिथ है। उसे 1996 में मौत की सजा सुनाई गई थी।
नवंबर 2022 में स्मिथ को जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी लेकिन वो मर नहीं पाया था। तब उसको जल्लादों ने मारने की कोशिश की थी। उसपर कई रसायनों के घातक मिश्रण का इंजेक्शन लगाया गया था लेकिन वह बच निकला था।
दरअसल जल्लाद जो कि अमूमन डॉक्टर होते हैं उन्हें स्मिथ की नस ही नहीं मिल रही थी। कई चीरें लगाने के बाद आखिरकार उसको छोड़ दिया गया था। क्यों आधी रात के बाद मृत्यु वारंट की तारीख बदल गई थी। वकीलों ने दावा किया था कि स्मिथ को चार घंटों तक बांधकर रखा गया था।
25 को दी जाएगी मौत की सजा
इस बार कीनिथ स्मिथ को 25 जनवरी को मौत दी जाएगी। इस बार उसे स्ट्रेचर पर लिटा दिया जाएगा और उसके चेहरे पर एक एयर-टाइट मास्क बांधकर उसे शुद्ध नाइट्रोजन लेने पर मजबूर किया जाएगा। नाइट्रोजन एक अक्रिय गैस है जिसे लगातार लेने पर शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। यह यह प्रक्रिया कई घंटे तक चल सकती है, जब तक की यूजिन की मौत नहीं हो जाती।
हालांकि दोषी स्मिथ के वकीलों ने कोर्ट में इसे चुनौती दी है और इसे टॉर्चर बताया है। वकीलों का कहना है कि स्मिथ पर एक्सपेरिमेंट किया जा रहा है। उन्होंने दलील दी कि ये तरीका न सिर्फ रिस्क से भरा है, बल्कि ये संवैधानिक उल्लंघन भी है।
संयुक्त राष्ट्र ने की निंदा
संयुक्त राष्ट्र ने भी इस पर आपत्ति जताई है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे अमानवीय और क्रूर बताते हुए सजा पर रोक लगाने की मांग की है। हालांकि अलाबामा सरकार का कहना है कि इस तरीके से तुरंत बेहोशी आ जाएगी। लेकिन इसका विरोध करने वालों का तर्क है कि ये तरीका पहला कभी इस्तेमाल नहीं हुआ है और उन्होंने इसकी 'ह्यूमन एक्सपेरिमेंट' से तुलना की है।
सामान्य परिस्थितियों में, मनुष्य द्वारा साँस के रूप में ली जाने वाली हवा का अधिकांश भाग नाइट्रोजन से बना होता है और ऑक्सीजन के उचित स्तर के साथ साँस लेने पर यह हानिरहित होता है। लेकिन ये तब खतरनाक हो जाती है, जब साथ में ऑक्सीजन नहीं मिलती। अगर ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो जाए और हवा में सिर्फ नाइट्रोजन हो तो किसी की भी मौत हो सकती है।
कई राज्यों ने दी मंजूरी
अमेरिका में अब तक जहर का इंजेक्शन देकर मौत की सजा दी जाती रही है। लेकिन अब वहां मौत की सजा देने के लिए नए तरीकों को तलाशा जा रहा है। साल 2018 में अलबामा के साथ-साथ मिसिसिपी और ओक्लाहोमा ने भी नाइट्रोजन से मौत की सजा दिए जाने को मंजूरी दे दी थी।
स्मिथ का अपराध क्या है?
स्मिथ को हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है। उस पर 1989 में पैसे लेकर एक प्रीचर की पत्नी की हत्या करने का आरोप था। इस मामले में दो लोगों को दोषी ठहराया गया था। इस काम के लिए उन्हें 1000 डॉलर मिले थे। स्मिथ ने चाकू मारकर और पीट-पीटकर उस महिला की हत्या कर दी थी।
स्मिथ आधुनिक अमेरिका का एकमात्र शख्स है जिसे दो बार मौत की सज़ा दी जाएगी। बीबीसी को दिए गए एक इंटव्यू में उसने बताया कि वह बेहद डरा हुआ महसूस कर रहा है। उसे कहा कि उसे सजा के डर से हर दिन उल्टी होती है और लगभग हर दिन माइनर पैनिक अटैक का सामना करना होता है।












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