Karachi Attack: पाक सेना पर आतंकी हमला के बाद 6 आतंकवादी ढेर, 4 जवानों की मौत
Karachi Pakistan Army Base Attack: पड़ोसी देश पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची से एक बहुत बड़ी और दहलने वाली खबर आ रही है। शनिवार 27 जून की रात कराची में पाकिस्तानी सेना के पैरामिलिट्री विंग 'सिंध रेंजर' के एक बड़े कंपाउंड पर आतंकियों ने आत्मघाती हमला कर दिया।
इस भीषण हमले और उसके बाद करीब 90 मिनट तक चली आमने-सामने की मुठभेड़ में 6 आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि 4 पाकिस्तानी जवान भी शहीद हो गए हैं। सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को जिंदा पकड़ने में भी कामयाबी हासिल की है।

Sindh Rangers Compound Blast: 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़
Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक- आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच लगभग 90 मिनट तक भीषण मुठभेड़ चली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU) और एंटी टेररिस्ट फोर्स (ATF) के कमांडो भी मौके पर भेजे गए। संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक-एक कर सभी आतंकियों को घेर लिया।
ऑपरेशन खत्म होने तक 6 आतंकवादी मारे जा चुके थे, जबकि एक घायल हमलावर को जिंदा पकड़ लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आतंकी से पूछताछ में हमले की साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। हालांकि इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों को भी नुकसान उठाना पड़ा और 4 अर्धसैनिक जवान मारे गए।
पूरे इलाके को किया गया सील
न्यू एजेसी ANI के मुताबिक- मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को सील कर दिया। मुख्यालय के आसपास की सड़कों पर यातायात रोक दिया गया और लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान आसपास के कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। राहत और बचाव दलों को तुरंत मौके पर भेजा गया। रेस्क्यू 1122 सिंध ने बताया कि उन्हें गुलिस्तान-ए-जौहर ब्लॉक-5 के पास विस्फोट की सूचना मिली थी, जिसके बाद आपातकालीन टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं।
90 मिनट तक चला कमांडो ऑपरेशन, एक आतंकी जिंदा दबोचा
हमले की खबर मिलते ही पाकिस्तान सेना की स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU) के कमांडो और एंटी-टेरर फोर्स (ATF) के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। सुरक्षा बलों ने पूरे मोसामियात चौरंगी इलाके और आसपास की सड़कों को सील कर दिया। करीब डेढ़ घंटे (90 मिनट) तक दोनों तरफ से रुक-रुक कर भारी गोलीबारी होती रही। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास के इलाकों की बिजली (पावर कट) काट दी थी और लोगों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी गई थी। आखिरकार, कमांडो ने घेरकर 6 आतंकवादियों को ढेर कर दिया, जबकि एक घायल आतंकी को जिंदा पकड़ लिया गया, जिससे अब पूछताछ की जा रही है। इस ऑपरेशन में रेंजर्स के 4 जवानों की जान चली गई।
किसने ली हमले की जिम्मेदारी ?
इस बड़े हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सबसे खूंखार गुट 'जमात-उल-अहरार' ने ली है। आमतौर पर टीटीपी (TTP) के आतंकी अफगानिस्तान सीमा से सटे पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत 'खैबर पख्तूनख्वा' में एक्टिव रहते हैं, लेकिन कराची जैसे बड़े आर्थिक शहर में घुसकर सेना के ठिकाने पर हमला करना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा सुरक्षा फेल्योर (चूक) माना जा रहा है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान में बढ़ सकता है तनाव
इस हमले के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सरकारों के बीच पहले से जारी तनाव और ज्यादा गहराने की आशंका है। पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी (ISI) लगातार अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर यह आरोप लगाती रही हैं कि वे टीटीपी के आतंकियों को अपने देश में सुरक्षित ठिकाने दे रहे हैं, जहां से बैठकर ये आतंकी पाकिस्तान पर सीमा पार हमले प्लान करते हैं। जवाब में पाकिस्तानी सेना भी अफगानिस्तान के अंदर घुसकर टीटीपी के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर चुकी है। इस नए हमले के बाद दोनों देशों के बीच तल्खी और बढ़ सकती है।














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