गाजा में बमबारी से भड़का जॉर्डन, राजदूत वापस बुलाया, और किन देशों ने तोड़े इजरायल से संबंध?
इजराइल-हमास जंग के बीच जॉर्डन ने इजराइल से अपना दूत वापस बुला लिया है। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि जॉर्डन ने गाजा में चल रहे युद्ध को लेकर अपने राजदूत को इजराइल से वापस आने के लिए कहा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि राजदूत केवल तभी तेल अवीव लौटेंगे जब इजराइल ने गाजा में युद्ध रोक देगा और "इससे उत्पन्न मानवीय संकट" समाप्त हो जाएगा।

मंत्रालय ने कहा कि जॉर्डन में इजराइल के राजदूत, जो विरोध प्रदर्शनों के बीच दो सप्ताह पहले चले गए थे, उन्हें केवल उन्हीं शर्तों पर लौटने की अनुमति दी जाएगी।
इससे पहले कोलंबिया और चिली ने भी गाजा में नागरिकों की मौत की निंदा करते हुए अपने राजदूतों को तेल अवीव से वापस बुला लिया था। चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने बताया कि परामर्श के लिए इजरायल में चिली के राजदूत को वापस बुलाया जा रहा है। इसका कारण गाजा पट्टी पर इजरायल के हालिया सैन्य हमले हैं।
चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने इजराइल पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया। आपको बता दें कि चिली में अरब देशों के बाहर सबसे बड़ा फिलिस्तीनी समुदाय रहता है।
वहीं, लैटिन अमेरिकी देश बोलिविया ने तो इजराइल के साथ डिप्लोमैटिक रिलेशन्स भी तोड़ डाला है। अल जजीरा के मुताबिक, बोलिविया जंग शुरू होने के बाद इजराइल से डिप्लोमैटिक रिलेशन्स तोड़ने वाला पहला देश हैं।
इस बीच हमास शासित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि 7 अक्टूबर के बाद से गाजा में मरने वालों की संख्या 8,796 हो गई है। गाजा में पिछले 24 घंटों में 271 लोग मारे गए हैं। मंत्रालय के अनुसार, गाजा पट्टी में मारे गए लोगों में 3,648 बच्चे शामिल हैं।












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