मुस्लिमों की नाराजगी बाइडेन को ले डूबेगी? सुपर ट्यूजडे में 15 राज्यों में 14 जीते, लेकिन वोटों का भारी नुकसान
Super Tuesday 2024: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के सुपर ट्यूजडे मुकाबले में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने सभी डेमोक्रेट प्रतिद्वंदियों को हरा दिया है सुपर ट्यूज़डे प्राइमरी राज्यों में अपने प्रतिद्वंद्वियों, प्रतिनिधि डीन फिलिप्स और स्वयं-सहायता गुरु मैरिएन विलियमसन पर आसानी से जीत हासिल कर ली है।
हालांकि, जो बाइडेन को समोआ कॉकस में हार का सामना करना पड़ा है, जो उनके लिए बहुत बड़ा झटका है।

जो बाइडेन कहां कहां से जीते
राष्ट्रपति ने आयोवा कॉकस में शुरुआती जीत दर्ज की और फिर वर्जीनिया, उत्तरी कैरोलिना, वर्मोंट, टेनेसी, ओक्लाहोमा, मैसाचुसेट्स, मेन, अलबामा, अर्कांसस, टेक्सास, कोलोराडो, मिनेसोटा और यूटा में आयोजित प्राइमरी में जीत हासिल की।
जो बाइडेन को सबसे बड़ा झटका समाओ कॉकस में लगा, जहां एक मामूली से उम्मीदवार ने जो बाइडेन को हरा दिया है। मामूली इसलिए, क्योंकि किसी ने भी उस उम्मीदवार के बारे में सुना नहीं था। राष्ट्रपति जो बाइडेन समोआ कॉकस हार गये हैं और क्षेत्र के विचित्र परिणाम में राष्ट्रपति पद के अज्ञात उम्मीदवार जेसन पामर से वो चुनाव हारे हैं।
राष्ट्रपति जो बाइडेन को डेमोक्रेटिक प्राइमरी में अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा है, अमेरिकी समोआ के कॉकस में अज्ञात उम्मीदवार जेसन पामर से हार गए हैं। राष्ट्रपति बाइडेन, दक्षिण प्रशांत के उस छोटे से अमेरिकी क्षेत्र में हार गए हैं, जहां इलेक्टोरल कॉलेज वोट नहीं दिए जाते, लेकिन फिर भी वे इस ग्रीष्मकालीन सम्मेलन में डेमोक्रेटिक प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकते हैं। केवल 91 डेमोक्रेट वोट देने के लिए निकले, जिसमें पामर को बाइडेन के 40 के मुकाबले 51 वोट मिले। अमेरिकन समोआ में सिर्फ छह प्रतिनिधि हैं, पामर को चार और बाइडेन को दो प्रतिनिधि मिलने की उम्मीद है।
गाजा युद्ध से बाइडेन को भारी नुकसान
सुपर ट्यूजडे मुकाबले में भले ही जो बाइडेन 15 में से 14 राज्यों में जीत हासिल कर चुके हैं, लेकिन बाइडेन के लिए सबसे ज्यादा गंभीर गंभीर चुनौती यह है, उन्हें गाजा युद्ध को लेकर गंभीर नुकसान झेलना पड़ रहा है। गाजा में मरने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उन्हें अरब मुस्लिम वोटरों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक की वोटिंग से पता चला है, कि अरब मु्स्लिम वोटरों के बीच बाइडेन को काफी कम वोट मिले हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी के 'अनकमिटेड' वोटरों के बीच जो बाइडेन को काफी नुकसान होता दिख रहा है और इस तरह के वोटरों के बीच शुरुआती रिटर्न से पता चला है, कि मैसाचुसेट्स में लगभग 10 प्रतिशत 'अनकमिटेड' डेमोक्रेट्स ने जो बाइडेन को वोट दिया है, जबकि उत्तरी कैरोलिनियों के भी सिर्फ 10 प्रतिशत 'अनकमिटेड' ने बाइडेन को वोट डाला है।
दरअसल, इजराइल-हमास युद्ध पर राष्ट्रपति जो बाइडेन की प्रतिक्रिया ने उस राज्यों में गुस्सा पैदा कर दिया है, जिन्होंने उन्हें 2020 में जीत दिलाने में मदद की थी। इससे पहले 27 फरवरी को हुए मिशिगन डेमोक्रेटिक चुनाव में भी बूाइडेन को अरब वोटरों के बीच भारी नुकसान हुआ था। 2020 में हुए अमेरिका चुनाव में जो बाइडेन ने डोनाल्ड ट्रंप को बेहद करीबी अंतर से हराया था। तब ये माना गया कि मिशिगन, पेंसिल्वेनिया, विस्कॉन्सिन जैसे महत्वपूर्ण स्विंग स्टेट्स में अमेरिकी-अरबी मुसलमानों की एकतरफा वोटिंग ने उन्हें ये जीत दिलाई है।
लेकिन अब, चार साल बाद एक बार फिर से जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुकाबला होने की संभावना दिखाई दे रही है तो सवाल खड़ा हो गया है कि क्या इस बार भी अमेरिकी-अरबी मुस्लिम जो बाइडेन के पक्ष में वोटिंग करेंगे? अगर अरब मुस्लिम वोटर्स बाइडेन का बहिष्कार करते हैं, तो डोनाल्ड ट्रंप के सामने उनका जीतना अत्यंत मुश्किल हो जाएगा।
बाइडेन के लिए खतरे की दूसरी घंटी
सुपर ट्यूजडे में बाइडेन कैम्पेन के लिए दूसरी सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति कैलिफोर्निया के एग्जिट पोल हैं, जिसमें गैर-श्वेत मतदाताओं के बीच ट्रम्प ने निक्की हेली को बुरी तरह से हरा दिया है। जो बताता है, कि अश्वेत मतदाताओं में ट्रंप काफी लोकप्रिय हो चुके हैं, जो बाइडेन के लिए खतरे की घंटी है, क्योंकि अभी तक अश्वेत मतदाता डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट देते आए हैं। डोनाल्ड ट्रंप को हिस्पैनिक मतदाताओं के 72 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि निक्की हेली को सिर्फ 23 प्रतिशत वोट ही मिल पाए हैं।
हिस्पैनिक्स और अन्य गैर-श्वेत मतदाता डेमोक्रेटिक पार्टी के वोटर माने जाते हैं, जो क्षेत्रीय मूल के हैं। हालांकि, जनवरी के रॉयटर्स/इप्सोस पोल में ट्रम्प, हिस्पैनिक लोगों के बीच बाइडेन से सिर्फ 10 प्रतिशत अंक से ही पीछे नजर आए थे, और अब सुपर ट्यूजडे मुकाबले में ऐसा लग रहा है, कि ट्रंप और बाइडेन बराबरी के मुकाबले पर आ गये हैं। 2020 के चुनाव में बाइडेन ने हिस्पैनिक्स मतदाताओं के बीच ट्रम्प को लगभग 20 प्रतिशत अंकों से हराया था।
वहीं, दूसरे हालिया जनमत सर्वेक्षणों से पता चला है, कि ट्रम्प को गैर-श्वेत मतदाताओं, विशेषकर श्रमिक वर्ग के बीच ताकत मिल रही है। कैलिफ़ोर्निया सर्वेक्षण में, 24% मतदाताओं ने कहा, कि वो डोनाल्ड ट्रंप को वोट करने वाले हैं।
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