US Election: 72 घंटे में राष्ट्रपति चुनाव की रेस से बाहर हो सकते हैं जो बाइडेन, ट्रंप के मुकाबले कमला हैरिस?
US presidential race: अपनी उम्र को लेकर आलोचनाओं से घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन 2024 राष्ट्रपति चुनाव से हटने की घोषणा कर सकते हैं। ऐसी रिपोर्ट है, कि पार्टी में बढ़ते बगावत के बीच वो अलग थलग पड़ गये हैं और बराक ओबामा और नैंसी पेलोसी के खिलाफ जाने से उन्हें बड़ा झटका लगा है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आधे से ज्यादा डेमोक्रेटिक नेताओं ने बाइडेन की फिर से दावेदारी का विरोध कर दिया है और उनकी बढ़ती उम्र के बीच दूसरे कार्यकाल में पद संभालने की उमकी क्षमता को लेकर आशंका जताई है।

जो बाइडेन, जो 81 साल के हैं, वो अपनी उम्र को लेकर पहले ही पार्टी प्लेटफॉर्म पर विरोध का सामना कर रहे थे और उनका स्वास्थ्य भी उनका साथ छोड़ रहा था, लेकिन 27 जून को CNN पर आयोजित बहस में डोनाल्ड ट्रंप के सामने वो चारों खाने चित हो गये, जिसके बाद उनपर रेस से बाहर होने का दवाब बढ़ने लगा। वहीं, हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप के साथ सहानुभूति भी जुड़ गई है, जिसको लेकर डेमोक्रेटिक नेताओं ने कहना शुरू कर दिया है, कि अगर बाइडेन के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाता है, तो डोनाल्ड ट्रंप की जीत तय होगी।'
बाइडेन के लिए 72 घंटे काफी अहम
CNN के मुताबिक, राष्ट्रपति जो बाइडेन पहले से कहीं ज्यादा अलग-थलग पड़ गए हैं, व्हाइट हाउस और उमके चुनाव अभियान के कई वरिष्ठ अधिकारी अब निजी तौर पर यह मान रहे हैं, कि उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए अपना अभियान छोड़ देना चाहिए और वह भी जल्द ही।
CNN ने पार्टी पदाधिकारियों के हवाले से कहा है, कि बाइडेन के लिए "अगले 72 घंटे बहुत लंबे हैं।" पार्टी अधिकारियों के साथ करीबी संपर्क में रहने वाले एक डेमोक्रेटिक गवर्नर ने गुरुवार को अपने सहयोगियों को बताया, कि अब "यह ज्यादा समय तक नहीं चल सकता।"
CNN के साथ इंटरव्यू में, वेस्ट विंग और बाइडेन के चुनाव अभियान टीम के अंदर की गतिशीलता से परिचित दो दर्जन से ज्यादा स्रोतों ने कहा है, कि अब व्यापक रूप से यह स्वीकार किया जा रहा है, कि बाइडेन का 2024 की रेस में बने रहना पूरी तरह से अस्थिर है।
एक वरिष्ठ डेमोक्रेट ने कहा, कि "हर कोई इसे निजी तौर पर कह रहा है। लोग दीवारें बंद होते हुए देख और महसूस कर रहे हैं।"
व्हाइट हाउस के करीबी एक अन्य शीर्ष डेमोक्रेट ने 27 जून को CNN प्रेसिडेंशियल डिबेट के बाद से बाइडेन को "असाधारण रूप से अलग-थलग और अकेला" बताया। कई स्रोतों ने कहा, कि बाइडेन के कुछ सबसे वरिष्ठ सलाहकारों - जिनमें सलाहकार अनीता डन, वकील बॉब बाउर और चुनाव अभियान के अध्यक्ष जेन ओ'मैली डिलन शामिल हैं, उन्हें बहस के बाद राष्ट्रपति के परिवार के गुस्से का सामना करना पड़ा।
लेकिन इसका असर ये हुआ, कि बाइडेन के सलाहकारों का आंतरिक घेरा, जो राष्ट्रपति तक आसानी से पहुंच सकता था और जो पहले से ही छोटा और अभेद्य था वो अब और भी ज्यादा तंग हो गया है।
27 जून की बहस में ट्रंप के सामने विनाशकारी प्रदर्शन करके बाइडेन ने अपने सबसे करीबी सहयोगी, और दोस्त और पार्टी में दर्जनों उनके समर्थक और वफादार नेताओं को हैरान कर दिया। हालांकि उनके दशकों पुराने सलाहकार माइक डोनिलॉन और स्टीव रिचेट्टी, और बाइडेन परिवार के सदस्य अभी भी राष्ट्रपति के साथ खड़े हैं। लेकिन, बाइडेन को लेकर बनाए गये इस तंग घेरे ने कई डेमोक्रेट्स को चिंतित कर दिया है, जो सवाल कर रहे हैं कि क्या बाइडेन को उनकी उम्मीदवारी की दुर्दशा के बारे में यथार्थवादी डेटा मिल रहा है या नहीं?
रेस से निकलने के बारे में सोच रहे हैं बाइडेन?
प्रभावशाली हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव एडम शिफ सहित लगभग दो दर्जन डेमोक्रेट्स ने सार्वजनिक रूप से बाइडेन से पद छोड़ने और आगामी चुनावों के लिए किसी अन्य नेता को अनुमति देने का आह्वान किया है। सीनेट के बहुमत नेता चक शूमर और हाउस डेमोक्रेटिक लीडर हकीम जेफ्रीज भी चिंता के संकेत दे रहे हैं, जिसने डेमोक्रेटिक पार्टी को इस राजनीतिक संकट में उलझा दिया है।
इसके अलावा, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने भी आपसी बातचीत में जो बाइडेन की उम्मीदवारी को लेकर चिंता जताई है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी के शीर्ष नेताओं में बाइडेन के चुनावी अभियान से हटने के बाद कमला हैरिस को उम्मीदवार बनाने को लेकर गंभीरता से विचार चल रहा है।
अगले महीने के पहले हफ्ते में डेमोक्रेटिक पार्टी का कन्वेंशन होना है और उसमें उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया जाएगा, ऐसे में अब किसी और नेता के लिए वक्त नहीं बचा है, कि वो अपन उम्मीदवारी को लेकर पार्टी में समर्थन साबित कर सके, इसलिए कमला हैरिस की लॉटली निकल सकती है।
अगस्त में होने वाले कन्वेंशन से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनियर नेता वर्चुअल नोट तैयार कर रहे हैं और इसमें कमला हैरिस के नाम पर गहराई से मंथन हो रहा है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति बाइडेन के कई करीबी लोगों ने गुरुवार को कहा है, कि उनका मानना है कि उन्होंने इस विचार को स्वीकार करना शुरू कर दिया है, कि वे नवंबर में जीतने में सक्षम नहीं हो सकते हैं और उन्हें अपनी पार्टी के कई चिंतित सदस्यों की बढ़ती मांगों के आगे झुकते हुए दौड़ से बाहर होना पड़ सकता है।
हालांकि बाइडेन अभियान के सह-अध्यक्ष सेड्रिक रिचमंड ने MSNBC को बताया, कि "न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टिंग बिल्कुल गलत है। और राष्ट्रपति ने कहा है, कि वह दौड़ रहे हैं और यह कहानी का अंत है।"
इस सप्ताह प्रकाशित AP-NORC सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च पोल के अनुसार, देश भर के डेमोक्रेट्स में से लगभग दो-तिहाई का कहना है, कि बाइडेन को रेस से हट जाना चाहिए और अपनी पार्टी को एक अलग उम्मीदवार नामित करने देना चाहिए। यह बाइडेन के बहस के बाद के दावे को पूरी तरह से कमजोर करता है, कि "औसत डेमोक्रेट" अभी भी उनके साथ हैं भले ही कुछ "बड़े नाम" उनसे दूर हो रहे हों।
हालांकि, बाइडेन के चुनाव अभियान टीम ने उनके रेस से बाहर होने या उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, जो उनकी उप-राष्ट्रपति हैं, उनके लिए सीट छोड़ने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है।
बाइडेन-हैरिस चुनाव अभियान के प्रमुख उप अभियान प्रबंधक क्वेंटिन फुलक्स ने कहा, कि "हमारा अभियान किसी ऐसे सिनेरियो पर काम नहीं कर रहा है, जहां जो बाइडेन टिकट पाने के लिए शीर्ष पर हों। वह डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार हैं और रहेंगे। राष्ट्रपति ने कई बार कहा है, वह इस रेस में बने रहेंगे।"
कोलोराडो के डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन हिकेनलूपर ने कहा, कि उनका मानना है कि बाइडेन राष्ट्रपति पद की दौड़ में बने रहने के बारे में फैसला लेने की दिशा में काम कर रहे हैं और देश के लिए जो अच्छा होगा, उसे चुनेंगे।












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