जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रंप जीते मिशिगन प्राइमरी चुनाव... राष्ट्रपति चुनाव के लिए फिर से मुकाबला होना तय!
Biden Trump Wins Michigan primaries: राष्ट्रपति जो बाइडेन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को मिशिगन प्राइमरी में जीत हासिल कर ली है, जिसके बाद इस साल के अंत में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए फिर से इन्हीं दोनों नेताओं के बीच मुकाबला होना करीब करीब तय हो गया है।
मिशिगन प्राइमरी में जो बाइडेन ने डेमोक्रेटिक पार्टी के दूसरे उम्मीदवार डीन फिलिप्स को हरा दिया है, जो उनके एकमात्र प्रतिद्वंदी बचे थे, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने काफी आसानी से भारतवंशी उम्मीदवार निक्की हेली को हरा दिया।

आपको बता दें, कि अभी अमेरिका की दोनों ही मुख्य पार्टियों रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के मतदाता अपनी अपनी पार्टी में राष्ट्रपति चुनाव का टिकट चाहने वाले नेताओं का चुनाव कर रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी से डोनाल्ड ट्रंप, तो डेमोक्रेटिक पार्टी से जो बाइडेन प्रमुख उम्मीदवार हैं।
बाइडेन और ट्रंप जीते प्राइमरी
बाइडेन के मिशिगन चुनाव पर काफी कड़ी नजर रखी जा रही थी, क्योंकि मिशिगन डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर बाइडेन के विरोधियों का एक तरह से केन्द्र बना हुआ था। डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर ऐसे वोटरों की संख्या काफी है। बाइडेन की कई नीतियों को लेकर यहां पर विरोध है और 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में मिशिगन से डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन को 10 हजार वोटों से हराया था।
वहीं, अब जहां तक ट्रंप का सवाल है, उन्होंने अब रिपब्लिकन प्राइमरी कैलेंडर में अब पांच राज्यों में जीत हासिल कर ली है। डोनाल्ड ट्रंप ने मिशिगन में भी अपनी रिपब्लिकन पार्टी की मुख्य प्रतिद्वंदी निक्की हेली को आसानी से हरा दिया है। इससे पहले निक्की हेली को अपने गृह राज्य दक्षिण कैरोलिना में भी डोनाल्ड ट्रंप से 20 प्रतिशत अंकों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
ट्रंप का चुनावी अभियान टीम जल्द से जल्द राष्ट्रपति की उम्मीदवारी फाइनल करने के लिए जरूरी 1215 प्रतिनिधी वोट हासिल करना चाहता है।
मिशिगन राज्य में दोनों नेताओं के अभियान पर इसलिए नजर रखी जा रही थी, क्योंकि पिछले चुनाव में ट्रंप ने यहां से बाइडेन को हरा दिया था और इस राज्य में ऐसे मतदाताओं की संख्या ज्यादा है, जिन्होंने तय नहीं किया होता है, कि चुनाव में किसे वोट देने वाले हैं। और एक बार फिर से यही माना जा रहा है, कि साल के अंक में होने वाले चुनाव में ट्रंप एक बार फिर से बाइडेन पर भारी पड़ सकते हैं।
हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप भी मिशिगन के उपनगरों और कॉलेज जाने वाले रिपब्लिकन वोटर्स के बीच अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। ऐसे मतदाताओं का मानना है, कई मुकदमों में फंसे डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति पद की रेस में शामिल नहीं होना चाहिए था और उन्होंने देश के कानूनों को तोड़ा है।
जो बाइडेन मिशिगन से पहले दक्षिण कैरोलिना, नेवादा और न्यू हैम्पशायर में जीत हासिल कर चुके हैं। न्यू हैम्पशायर की जीत राइट-इन अभियान के माध्यम से हुई, जिसमें मतपत्र पर बाइडेन का नाम नहीं था।
वहीं, गाजा युद्ध को लेकर अरब मुस्लिमों के एक बड़े हिस्से ने बाइडेन प्रशासन का विरोध करना शुरू कर दिया है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ सकता है। हालांकि, बाइडेन ने उन्हें संबोधित करने की कोशिश की है, लेकिन गाजा में जारी युद्ध ऐसे मतदाताओं को संबोधित करन के लिए काफी नहीं हैं।
मिशिगन से आने वाली डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि रशीदा तलीब, संसद में पहली फिलिस्तीनी अमेरिकी महिला और पूर्व प्रतिनिधि एंडी लेविन ने मिशिगन चुनाव में बाइडेन का विरोध किया था और इन्होंने एंडी लेविन का समर्थन किया था।
किसको कितने वोट मिले?
रिपब्लिकन पार्टी प्राइमरी चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को 2 लाख 40 हजार वोट यानि 66.5 प्रतिशत रिपब्लिकन वोटरों के वोट हासिल हुए हैं। जबकि, उनकी मुख्य प्रतिद्वंदी निक्की हेली करीब 28.5 प्रतिशत वोट (करीब एक लाख) हासिल करने में कामयाब रही हैं।
वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी में जो बाइडेन को एक लाख 83 हजार 917 (79.7 प्रतिशत) वोट मिले हैं, जबकि अनकमीटेट वोटरों की संख्या 33 हजार 450 (14.5 प्रतिशत) है।
वहीं, निक्की हेली ने कहा है, कि मिशिगन से डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन, दोनों का जीतना संकेत देता है, कि इस बार का होने वाला चुनाव काफी कमजोर होगा।
उन्होंने कहा, कि "जो बाइडेन आज लगभग 20 प्रतिशत डेमोक्रेटिक वोट खो रहे हैं, और कई लोग कहते हैं, कि यह नवंबर में उनकी कमजोरी का संकेत है। डोनाल्ड ट्रम्प लगभग 35 प्रतिशत वोट खो रहे हैं। यह नवंबर में ट्रम्प के लिए एक चेतावनी संकेत है।"












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