जापानी शोधकर्ताओं का दावा- COVID-19 के वायरस को बेअसर कर देती है ओजोन गैस
नई दिल्ली। देश-दुनिया में फैले कोरोना वायरस से अब तक 2.39 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। इस महामारी पर काबू पाने के लिए दुनिया में करीब 30 देश के वैज्ञानिक कोविड-19 वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। रूस के अलावा अभी कई देशों की वैक्सीन ट्रायल के दौर में ही हैं। इस बीच जापानी शोधकर्ताओं कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर बुधवार को एक बड़ा दावा किया।

जापानी शोधकर्ताओं का बड़ा दावा
जानकारी के लिए बता दें कि कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और ग्रीन हाउस गैसों के अलावा ओजोन भी ऐसी ग्रीनहाउस गैस है इंसान के लिए बहुत नुकसानदेह होती है। लेकिन जापानी शोधकर्ताओं का दावा है कि इस ओजोन गैस की मदद से कोरोना वायरस को भी खत्म किया जा सकता है। फजीता हेल्थ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किए एक शोध में पाया गया कि ओजोन की कम सांद्रता कोरोना वायरस के संक्रमण को बेअसर कर सकती है।

कोरोना वायरस को खत्म करता है ओजोन
इसकी मदद से अस्पतालों के जांच केंद्र और वेटिंग रूम को डिसइंफेक्ट किया जा सकता है जहां कोरोना वायरस संक्रमण का ज्यादा खतरा होता है। वैज्ञानिकों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ओजोन गैस के 0.05 से 0.1 प्रति मिलियन (पीपीएम) की सांद्रता कोरोना वायरस को खत्म करने में सक्षम है, अच्छी बात यह है कि इस स्तर पर यह गैस इंसानों के लिए भी हानिकारक नहीं है।

वायरस की ताकत 90% हुई कम
शोधकर्ताओं ने बताया कि कोरोना वायरस नमूनों के साथ प्रयोग के दौरान उन्होंने पाया कि 10 घंटे के लिए ओजोन के निम्न स्तर के अधीन होने पर वायरस की शक्ति 90% से अधिक घट गई। इस प्रयोग में वैज्ञानिकों ने ओजोन जनरेटर का उपयोग किया था। फजीता हेल्थ यूनिवर्सिटी प्रमुख शोधकर्ता ताकायुकी मुराता ने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के लगातार प्रसार को कम-सांद्रता ओजोन उपचार द्वारा कम किया जा सकता है।

कई रोगों को निष्क्रिय करने में सहायक है ओजोन
ताकायुकी मुराता ने कहा कि इस गैस का उपयोग वहां भी किया जा सकता है जहां लोग मौजूद हैं। इस तरह की प्रणाली का उपयोग करते हुए जल्दी कोरोना वायरस पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा, हमने पाया कि यह प्रणाली उच्च आर्द्रता वाली परिस्थितियों में विशेष रूप से प्रभावी है। एक प्रकार का ऑक्सीजन अणु ओजोन कई रोगजनकों को निष्क्रिय करने के लिए जाना जाता है। 1-6 पीपीएम की उच्च सांद्रता पर यह गैस कोरोना संक्रमण को रोकने में प्रभावी है।
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