शिंजो आबे ने जमीन घोटाले से जुड़े दस्तावेजों से की छेड़छाड़, इस्तीफे का दबाव बढ़ा
टोक्यो। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे अब तक के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। शिंजो आबे पर सरकारी स्वामित्व वाली भूमिको स्कूलों के एक राष्ट्रवादी संचालक को बेचने से जुड़े मामले में दस्तावेजों से छेड़छाड़ का आरोप लगा है। जापान में आबे के खिलाफ मामला अब बढ़ता जा रहा है और कई संगठन अपने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस घोटाले में शिंजो आबे के अलावा उनकी पत्नी अकी आबे भी शामिल है।

आबे ने सोमवार को घोटाले से जुड़े सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने के आरोप को स्वीकारा था। जापान के स्ट्रैट टाइम्स के मुताबिक, आबे ने कहा कि सरकार के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें ओसाका जमीन से जुड़े दस्तावेजों को बदलने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि यह काम उन्होंने अकेले नहीं किया है, बल्कि वित्त मंत्री ने भी उन्हें ऐसा करने के लिए निर्देश दिए थे।
आबे ने पार्टी का सर्वोच्च नेता होने के नाते सरकारी दस्तावेजों से हुई छेड़छाड़ के आरोपों को अपने ऊपर लेते हुए पार्लियामेंट से माफी भी मांगी है। जापान के वित्त मंत्री ने पिछले सप्ताह किंडरगार्टन लैंड डील से जुड़े दस्तावेज जारी किए थे, जिनसे छेड़छाड़ी की गई थी। यह जमीन आबे की पत्नी को कम कीमत पर देने की डील हुई थी।
यह मामला वर्ष 2016 में एक सरकारी स्वामित्व वाली भूमिको स्कूलों के एक राष्ट्रवादी संचालक को बेचने से जुड़ा है और तभी से आबे और वित्त मंत्री तारो असो लगातार निशाने पर थे। इसके बाद आसो को पद से हटा दिया गया। यह सौदा प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी की सांठगांठ से हुआ था।












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