PM मोदी से मुलाकात के बाद इस देश के पीएम क्यों देना चाहते हैं इस्तीफा? अब कौन लेगा जगह?
Japan PM Shigeru Ishiba: जापान की सियासत में भूचाल आ गया है। प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने 7 सितंबर 2025 को इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। उनकी सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) में फूट पड़ने का खतरा मंडरा रहा था, और इसे रोकने के लिए इशिबा ने कुर्सी छोड़ने का फैसला लिया। यह खबर जापानी मीडिया NHK ने दी।
आपको बता दें, हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात और बुलेट ट्रेन की सैर ने सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन अब इशिबा की विदाई ने सबको चौंका दिया। आइए, समझते हैं - इशिबा क्यों जा रहे हैं, और जापान का अगला PM कौन होगा?

Shigeru Ishiba Resigns- इशिबा का इस्तीफा: क्या है पूरा माजरा?
शिगेरु इशिबा ने अक्टूबर 2024 में जापान के प्रधानमंत्री का पद संभाला था, लेकिन उनकी कुर्सी ज्यादा दिन नहीं टिकी। जुलाई 2025 में हुए हाउस ऑफ काउंसलर्स (ऊपरी सदन) के चुनाव में LDP और उनके सहयोगी दल कोमेतो ने बहुमत खो दिया। इससे पहले, अक्टूबर 2024 में निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में भी उनकी गठबंधन सरकार अल्पमत में आ गई थी। LDP की स्थापना 1955 में हुई थी, और यह पहली बार है जब उसने संसद के दोनों सदनों में बहुमत गंवाया।
चुनावी हार के बाद LDP में इशिबा के खिलाफ बगावत तेज हो गई। पार्टी के दक्षिणपंथी नेताओं और सांसदों ने उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए। 8 सितंबर को LDP को असाधारण नेतृत्व चुनाव पर फैसला करना था, जो इशिबा के लिए 'नो-कॉन्फिडेंस' वोट जैसा था। इसे टालने के लिए इशिबा ने इस्तीफा देने का फैसला किया, ताकि पार्टी में फूट न पड़े। NHK और असाही शिंबुन के मुताबिक, इशिबा ने पार्टी एकता के लिए ये कदम उठाया।
चुनावी हार: LDP का बुरा हाल
जुलाई 2025 के ऊपरी सदन चुनाव में LDP-कोमेतो गठबंधन को करारी शिकस्त मिली। 248 सीटों वाले इस सदन में बहुमत के लिए 124 सीटें चाहिए थीं, लेकिन गठबंधन को सिर्फ 122 सीटें मिलीं, जिनमें LDP की 39 सीटें थीं। इससे पहले, अक्टूबर 2024 में निचले सदन (465 सीटें) में भी गठबंधन को सिर्फ 215 सीटें मिलीं, जो बहुमत (233) से कम थीं। विपक्षी CDPJ को 148 सीटें मिलीं, लेकिन वो भी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं थी।
इस हार के पीछे कई कारण थे-
- अमेरिकी टैरिफ का डर: डोनाल्ड ट्रंप के 15% टैरिफ ने जापानी ऑटो इंडस्ट्री को चिंता में डाल दिया था।
- महंगाई और आर्थिक दबाव: बढ़ती कीमतों और आर्थिक ठहराव से जनता में नाराजगी थी।
- LDP की बदनामी: पूर्व PM फुमियो किशिदा के कार्यकाल में फंडिंग स्कैंडल ने पार्टी की छवि खराब की थी।
इशिबा ने शुरू में इस्तीफा देने से इनकार किया और कहा कि वो अमेरिका के साथ टैरिफ डील को लागू करेंगे। लेकिन पार्टी के दबाव और जनता के गुस्से ने उन्हें घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
PM मोदी से मुलाकात और भारत-जापान रिश्ते
30 अगस्त 2025 को PM नरेंद्र मोदी ने जापान का दौरा किया, जहां उन्होंने इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। दोनों नेताओं ने टोक्यो में मुलाकात की और सेंडाई में एक सेमीकंडक्टर प्लांट का दौरा किया। इस दौरान भारत और जापान ने 10 ट्रिलियन येन (लगभग 60,000 करोड़ रुपये) के निवेश का लक्ष्य रखा। दोनों देशों ने 13 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें डिफेंस, क्लीन एनर्जी, और टेक्नोलॉजी शामिल थे।
मोदी और इशिबा ने शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में सेंडाई की यात्रा की, जहां जापानी लोगों ने 'मोदी-सान, वेलकम!' के नारे लगाए। इशिबा ने JR ईस्ट में ट्रेनिंग ले रहे भारतीय रेल चालकों से मुलाकात की और इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया। मोदी ने इशिबा को मूनस्टोन और मकराना मार्बल से बना एक खास रेमन बाउल गिफ्ट किया। लेकिन अब इशिबा के इस्तीफे ने सवाल उठाया है - क्या नया PM भारत-जापान रिश्तों को उतनी ही गर्मजोशी से आगे बढ़ाएगा?
अमेरिका के साथ टैरिफ डील: इशिबा की आखिरी कोशिश
इशिबा ने जुलाई 2025 में अमेरिका के साथ एक 'मैसिव' टैरिफ डील फाइनल की, जिसमें जापानी ऑटोमोबाइल पर टैरिफ 25% से घटाकर 15% कर दिया गया। इसके बदले जापान ने अमेरिका में 550 अरब डॉलर का निवेश और अमेरिकी कृषि उत्पादों (चावल, मक्का, सोयाबीन) की खरीद बढ़ाने का वादा किया। इस डील से टोयोटा और होंडा जैसी कंपनियों को राहत मिली, लेकिन इशिबा की सियासी नैया डूबने से नहीं बची।
Who Is Shigeru Ishiba: कौन है शिगेरु इशिबा?
- जन्म: 4 फरवरी 1957, टोक्यो।
- शिक्षा: केयो यूनिवर्सिटी से लॉ में ग्रेजुएशन।
- परिवार: पत्नी योशिको इशिबा, दो बेटियां।
- करियर: 1986 में टोट्टोरी से सांसद बने। पूर्व रक्षा मंत्री (2007-08), कृषि मंत्री (2008-09), और LDP महासचिव (2012-14) रहे।
- PM बने: 27 सितंबर 2024 को LDP नेता चुने गए, 1 अक्टूबर 2024 को PM बने।
इशिबा को उनकी सादगी और जनता से जुड़ाव के लिए जाना जाता था। वो टाउन हॉल मीटिंग्स में लोगों की बात सुनते थे और रक्षा नीतियों के विशेषज्ञ माने जाते थे। उन्होंने 'एशियन NATO' का आइडिया भी दिया, लेकिन इसे लागू करना मुश्किल माना गया।
Next Japan PM- अब कौन बनेगा जापान का PM?
इशिबा के इस्तीफे के बाद LDP में नेतृत्व की जंग शुरू हो गई है। संभावित दावेदारों में शामिल हैं:-
- सना ताकाइची: पूर्व आर्थिक सुरक्षा मंत्री, दक्षिणपंथी नेता। लेकिन उनकी हॉकिश नीतियां विवादास्पद हैं।
- तोशिमित्सु मोतेगी: पूर्व LDP महासचिव, अनुभवी नेता।
- शिंजीरो कोइजुमी: वर्तमान कृषि मंत्री, युवा चेहरा।
- योशिमासा हयाशी: वर्तमान कैबिनेट सचिव, मॉडरेट नेता।
- कात्सुनोबू कातो: वर्तमान वित्त मंत्री, मजबूत दावेदार।
LDP के सांसद और क्षेत्रीय प्रतिनिधि सोमवार को नेतृत्व चुनाव पर फैसला करेंगे। अगर जल्दी चुनाव हुआ, तो अक्टूबर तक नया PM चुना जा सकता है।
शिगेरु इशिबा की PM कुर्सी जुलाई 2025 की चुनावी हार और LDP में बगावत के चलते डगमगा गई। PM मोदी के साथ उनकी मुलाकात और भारत-जापान के बीच 10 ट्रिलियन येन के निवेश की डील भले ही चर्चा में रही, लेकिन सियासी दबाव ने उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया। अब LDP में नया नेता चुनने की जंग शुरू होगी। सवाल ये है - क्या जापान का नया PM भारत के साथ रिश्तों को उतनी ही मजबूती देगा, या ये डील्स अधर में लटक जाएंगी? आप क्या सोचते हैं? कमेंट बॅक्स में बताएं...
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