विदेश मंत्री जयशंकर की चीन को दो टूक, कहा- अब इतिहास का गुलाम नहीं रहा भारत, वीटो पावर को लेकर कह दी ये बात

विदेश मंत्री जयशंकर ने इस बार चीन को घेरा है। उन्होंने इशारों ही इशारों में चीन को कह दिया है कि भारत की सीमाई क्षेत्रों को एकतरफा रूप से बदलने की चीन की विस्तारवादी नीति उसके लिए खतरनाक साबित होगी।

नई दिल्ली, 09 जूनः यूरोप, अमेरिका जैसे देशों को आइना दिखाने वाले विदेश मंत्री जयशंकर ने इस बार चीन को घेरा है। उन्होंने इशारों ही इशारों में चीन को कह दिया है कि भारत अपने इतिहास की झिझक से बाहर निकल चुका है और इस देश की सीमाई क्षेत्रों को एकतरफा रूप से बदलने की चीन की विस्तारवादी नीति उसके लिए खतरनाक साबित होगी।

किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारत तैयार

किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारत तैयार

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बिना चीन का नाम लिए कहा कि किसी भी देश द्वारा ऐसी कोशिश पर वैसी ही प्रतिक्रिया दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत यथास्थिति में एकतरफा बदलाव करने के किसी प्रयास को कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने आगे कहा कि और अगर ऐसा होता है तो हम भीषण रूप से प्रतिक्रिया देंगे।

वीटो पावर को लेकर भी कसा तंज

वीटो पावर को लेकर भी कसा तंज

मोदी सरकार के 8 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में जयशंकर ने विदेशी राजनयिकों को संबोधित करते हुए कहा, "अगर कुछ देशों को ऐसा लगता है कि वो वीटो का प्रयोग करके किसी भी मुद्दे को अपने पक्ष और भारत के विपक्ष में मोड़ लेंगे तो वो भ्रम में हैं। हम इतिहास की झिझक से बाहर निकल आए हैं और हम किसी को भी अपने विकल्पों को वीटो करने की अनुमति नहीं देंगे।"

इतिहास का गुलाम नहीं रहा भारत

इतिहास का गुलाम नहीं रहा भारत

बता दें कि लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर चीन पिछले दो साल से भारत के साथ उलझा हुआ है। जयशंकर ने कहा कि भारत अब अपने इतिहास का गुलाम नहीं है। जब भारत की सुरक्षा की बात आती है तो हम वही करेंगे जो राष्ट्रहित सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने इस मौके पर उनका भी धन्यवाद दिया जो हमेशा भारत के साथ खड़े रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि हम अपने विश्वसनीय सहयोगियों की भूमिका को मानते हैं जो हमारे साथ भारत को हर दिन सुरक्षित बनाने में मदद कर रहे हैं।"

आतंकवाद को लेकर कही ये बात

आतंकवाद को लेकर कही ये बात

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में शामिल होने की उम्मीद कर रहा है। भारत वैश्विक हितों के खिलाफ राजनीतिक बाधाओं से पार पाने को लेकर आशान्वित है। उन्होंने आगे आतंकवाद का जिक्र करते हुए कहा कि कूटनीति ने इस चुनौती से निपटने में काफी योगदान किया है, जो आतंकवाद को समर्थन देने से इंकार के रूप में सामने आया है।

दुनिया के लिए भी चाहते हैं निर्माण

दुनिया के लिए भी चाहते हैं निर्माण

जयशंकर ने इस दौरान आत्मनिर्भर भारत का उल्लेख करते हुए कहा कि हम भारत में निर्माण करना चाहते हैं, लेकिन हम दुनिया के साथ और दुनिया के लिये भी निर्माण करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति खुली सोच और व्यवहारिकता पर आधारित 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के सूत्र पर आधारित है तथा जटिल मुद्दों के समाधान के लिये इसमें 'सबका प्रयास' के तत्व भी समाहित हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+