इब्राहिम कुबैसी, इब्राहिम अकील, फुआद शुकर, हिज्बुल्लाह के टॉप लीडरशिप को कैसे खत्म कर रहा इजराइल?
Israel Vs Hezbollah Conflict: इजराइल लंबे अर्से से हिज्बुल्लाह को गलती नहीं करने की चेतावनी दे रहा था और अब, जबकि हिज्बुल्लाह की आतंकी हरकतें इजराइल के बर्दाश्त से बाहर जा चुकी हैं, तो बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार एक एक करके इस आतंकी संगठन के नेताओं को ठोक रही है।
हिज्बुल्लाह को निशाना बनाकर लेबनान पर इजराइल के हमले लगातार जारी हैं और फिलहाल अब इसका अंत नजदीक नहीं दिख रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के लोगों को दूसरी चेतावनी भी जारी की, जिसमें उनसे "खतरे से दूर रहने" की चेतावनी दी गई है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, इजराइल के प्रधानमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा, कि "हम हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखेंगे। जिस किसी के लिविंग रूम में मिसाइल और गैरेज में रॉकेट होगा, उसके पास घर नहीं होगा।" और इजराइली डिफेंस फोर्स के हमलों से ऐसा लग रहा है, कि ये हवाई हमले, हिज्बुल्लाह के दिल पर वार कर रहे हैं, जिसमें आतंकवादी समूह के शीर्ष कमांडरों को मार गिराया गया है।
सबसे लेटेस्ट मरने वाला इब्राहिम कुबैसी है, जिसे मंगलवार को इजराइली सेना ने एक हमले में मार दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस आतंकी को लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों को निशाना बनाया गया है।
हिज्बुल्लाह ने भी कुबैसी की मौत की पुष्टि की है। एक बयान में, ईरान समर्थित इस प्रॉक्सी समूह ने कहा है, कि "कमांडर इब्राहिम कुबैसी यरूशलेम की सड़क पर शहीद हो गए।"
आइये जानते हैं, कि इजराइल अभी तक हिज्बुल्लाह के कितने सीनियर आतंकियों को मौत के घाट उतार चुका है।
इब्राहिम कुबैसी
मंगलवार (24 सितंबर) को, लेबनान पर भीषण एयरस्ट्राइक करते हुए इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किया, जिसमें दहियाह जिले में छह मंजिला आवासीय इमारत पर हमला करके हिज्बुल्लाह के इब्राहिम कुबैसी को मार गिराया गया।
इजराइल रक्षा बलों (IDF) ने कुबैसी को हिज्बुल्लाह के रॉकेट और मिसाइल डिवीजन का प्रमुख बताया है। आईडीएफ ने कहा, कि "पिछले कई वर्षों और युद्ध के दौरान, वह इजराइली होम फ्रंट पर रॉकेट लॉन्च के लिए जिम्मेदार था।"
रिपोर्ट के मुताबिक कुबैसी, मिसाइलों का बहुत बड़ा जानकार था और हिज्बुल्लाह के टॉप लीडरशिप में शामिल था। इजराइल का दावा है, कि कुबैसी 1980 के दशक में हिज्बुल्लाह में शामिल हुआ था और बद्र क्षेत्रीय डिवीजन के प्रमुख सहित कई भूमिकाओं में काम करता था। आईडीएफ ने यह भी कहा है, कि यह कुबैसी ही था जिसने 2000 में माउंट डोव में अपहरण हमले की योजना बनाई थी, जिसमें आईडीएफ सैनिकों - स्टाफ सार्जेंट बेन्यामिन अव्राहम, स्टाफ सार्जेंट आदि अवितान और स्टाफ सार्जेंट उमर सवैद की जान चली गई थी। उनके शव चार सालों के बाद 2004 में वापस किए गए थे।

अली कराकी
सोमवार को भी आईडीएफ ने लेबनान पर भीषण हवाई हमले किए थे और जिसमें हिजबुल्लाह के दक्षिणी मोर्चे के कमांडर अली कराकी को निशाना बनाया गया। अली कराकी, हिजबुल्लाह के शीर्ष सैन्य निकाय जिहाद परिषद का सदस्य था और इजराइल पर हमले की योजना बनाने में काफी अहम भूमिका निभाता था।
लेबनान के एक अधिकारी ने स्काई न्यूज अरेबिया को बताया, कि कराकी हमले में मारा गया। हलांकि, हिज्बुल्लाह ने कहा कि हत्या का प्रयास नाकाम रहा और उसे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। हम पुष्टि नहीं कर सकते हैं, कि अली कराकी वाकई जिंदा है या मारा जा चुका है।
इब्राहिम अकील
पिछले शुक्रवार को लेबनान में पेजर और वॉकी-टॉकी विस्फोटों के कुछ ही दिनों बाद, इजराइल ने बेरूत में एक आवासीय क्षेत्र को निशाना बनाया और हिज्बुल्लाह के दो शीर्ष सैन्य कमांडरों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराया। मारे गए लोगों में से एक इब्राहिम अकील था, जो हिज्बुल्लाह के कुलीन राडवान फोर्स का एक वरिष्ठ कमांडर था। आईडीएफ ने हत्या की पुष्टि करते हुए कहा, कि "इब्राहिम अकील के हाथों पर कई निर्दोष लोगों का खून लगा था, जिसमें इजराइली, अमेरिकी, फ्रांसीसी, लेबनानी और कई अन्य नागरिक और जवान थे।"
आईडीएफ के मुताबिक, 62 साल के अकील ने फुआद शुक्र की हत्या के बाद हिज्बुल्लाह के सशस्त्र बलों के दूसरे-इन-कमांड के रूप में कार्यभार संभाला था।
अकील 1980 के दशक में हिज्बुल्लाह में शामिल हुआ था और समूह के भीतर काफी सीक्रेट शख्स बना रहा। इसने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिए और वो कभी लोगों के बीच नहीं आया। 1983 में बेरूत में अमेरिकी दूतावास पर किए गये बमबारी के लिए अमेरिका इसे जिम्मेदार मानता है और वांडेट आतंकी करार दिया था। हमले में 63 लोग मारे गये थे। इसके अलावा, उसने अमेरिकी मरीन कॉर्प्स बैरक में भी सिलसिलेवार धमाके करवाए थे, जिसमें 241 अमेरिकी जवानों की जान चली गई थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अकील 1980 के दशक में अमेरिकी और जर्मन लोगों को अगवा करने में भी जिम्मेदार था।
अमेरिका ने अकील के ऊपर 7 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था। हिज्बुल्लाह ने अकील की मौत की पुष्टि की और उसे एक "महान शहीद" और "महान जिहादी नेताओं में से एक" बताया। हिज्बुल्लाह ने कहा, कि "यरूशलेम हमेशा दिन-रात उसके दिल, दिमाग और विचारों में रहता था। यरूशलम उसकी आत्मा का जुनून था और उसकी मस्जिद में प्रार्थना करना उसका सबसे बड़ा सपना था।"
बेरूत में हुए हमले में हिज्बुल्लाह की प्रशिक्षण इकाई के प्रमुख और राडवान फोर्स के पूर्व कमांडर अहमद वहबी की भी मौत हो गई।
फुआद शुकर
लेबनान में इन लेटेस्ट हमलों से पहले, जुलाई में इजराइल ने बेरूत में हवाई हमला किया था, जिसमें हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ कमांडरों में से एक फुआद शुकर की मौत हो गई थी। रिपोर्ट्स का दावा है, कि शुकर को एक फोन कॉल आया था जिसमें उसे अपने दूसरे-मंजिल के कार्यालय से अपने सातवें-मंजिल के निवास पर जाने के लिए कहा गया था, जिससे उस पर हमला होने का खतरा ज्यादा था, लेकिन वो जैसे ही सातवें मंजिल पर गया, उसे निशाना बनाकर हमला किया गया और वो मारा गया।
अल-हज मोहसिन के नाम से भी जाने जाने वाला शुकर, 1982 में लेबनान पर इजराइली आक्रमण के दौरान हिज्बुल्लाह के संस्थापक सदस्यों में से एक था। उसे हिज्बुल्लाह प्रमुख सैय्यद हसन नसरल्लाह का दाहिना हाथ माना जाता था।
इजराइल के अलावा अमेरिका ने भी इसे वांटेड घोषित कर रखा था, क्योंकि इसने 1983 में बेरूत में अमेरिकी मरीन बैरकों पर बमबारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें 241 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए थे। यह हमला पश्चिम एशिया क्षेत्र में अमेरिकी सेना के खिलाफ सबसे घातक हमलों में से एक है। इसके लिए अमेरिका ने उस पर 5 मिलियन डॉलर तक का इनाम रखा था।
हिज्बुल्लाह के कई और आतंकी मारे गये
इजराइल ने यह भी दावा किया है, कि उसने हिज्बुल्लाह के अन्य वरिष्ठ कमांडरों जैसे कि नस्र क्षेत्रीय डिवीजन के कमांडर तालेब अब्दुल्ला और अजीज क्षेत्रीय डिवीजन के कमांडर मोहम्मद नासिर को भी मार गिराया है। इसके अलावा, लेबनानी समूह के कुलीन राडवान फोर्स के उप प्रमुख विसम अल-ताविल को 8 जनवरी को दक्षिणी लेबनान में एक हमले में मार दिया गया था, जिसके लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराया गया।












Click it and Unblock the Notifications