Israel News: फिर विवादों में इजराइल, रातों-रात एक नए मुस्लिम देश को दी मान्यता
Israel recognizes Somaliland: इजरायल ने एक ऐतिहासिक और कूटनीतिक रूप से साहसिक कदम उठाते हुए 'सोमालिलैंड' को आधिकारिक मान्यता दे दी है। इसी के साथ इजरायल दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने सोमालिलैंड को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में स्वीकार किया है। यह निर्णय न केवल हॉर्न ऑफ अफ्रीका की राजनीति को बदल देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
सुन्नी मुस्लिम आबादी वाले सोमालिलैंड को दी गई यह मान्यता प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा 'अब्राहम समझौते' की विस्तारवादी नीति का हिस्सा मानी जा रही है। हालांकि, सोमालिया और अफ्रीकी संघ ने इसे अपनी अखंडता पर हमला बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया है।

Israel Somaliland diplomatic relations: इजरायल और सोमालिलैंड के बीच नई साझेदारी
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमालिलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही को बधाई देते हुए कृषि, स्वास्थ्य और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तुरंत सहयोग शुरू करने की घोषणा की है। इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार और सोमालिलैंड के राष्ट्रपति ने आपसी मान्यता के एक संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति अब्दुल्लाही ने भी स्पष्ट किया कि उनका देश अब्राहम समझौतों का हिस्सा बनेगा, जो भविष्य में क्षेत्रीय और वैश्विक शांति की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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Somaliland independence: सोमालिलैंड के लिए नई अंतरराष्ट्रीय उम्मीद
सोमालिलैंड 1991 से व्यावहारिक रूप से सोमालिया से अलग और स्वायत्त रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसे अब तक किसी देश ने मान्यता नहीं दी थी। सोमालिलैंड प्रशासन को उम्मीद है कि इजरायल जैसे शक्तिशाली देश की पहल के बाद दुनिया के अन्य देश भी उसे मान्यता देने के लिए आगे आएंगे। 34 साल बाद मिली यह औपचारिक पहचान सोमालिलैंड को वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीति की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर प्रदान कर सकती है, जिससे इस क्षेत्र का भविष्य बदल सकता है।
सोमालिया का कड़ा रुख
इस घोषणा के बाद सोमालिया सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोमालिया के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इजरायल के इस फैसले को अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा हमला करार दिया है। सोमालिया का कहना है कि वह अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा के लिए हर कूटनीतिक और कानूनी कदम उठाएगा। इस कदम ने मोगादिशु (सोमालिया की राजधानी) और यरूशलेम के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।
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अफ्रीकी संघ ने इजराइल के इस कदम को खारिज किया
अफ्रीकी संघ (African Union) ने भी सोमालिलैंड को मान्यता देने के कदम को खारिज कर दिया है। संघ का मानना है कि ऐसे अलगाववादी क्षेत्रों को मान्यता देना पूरे अफ्रीका महाद्वीप में स्थिरता को कमजोर कर सकता है। मिस्र, तुर्की और जिबूती जैसे देशों ने भी इस पर चिंता जताई है। मिस्र के विदेश मंत्री ने कहा कि सोमालिया की एकता का समर्थन करना अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए अनिवार्य है। इन देशों को डर है कि यह फैसला क्षेत्र में एक नया संघर्ष पैदा कर सकता है।












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