इजरायल ने गाजा मचाई भीषण तबाही, 6 बच्चों समेत 24 मरे, 200 से ज्यादा घायल, आज युद्ध की आशंका
इजरायली सेना ने कहा है कि, उत्तरी गाजा शहर के जबलिया शहर में शनिवार देर रात फिलीस्तीनी आतंकवादियों ने गलत रॉकेट फायर किया था और वो रॉकेट उसके ही इलाके में गिर गया, जिससे कई बच्चे और आम नागरिक मारे गये हैं।
तेल अवीव, अगस्त 07: इजरायल के हवाई हमलों ने गाजा में कई घरों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है, जबकि दक्षिणी इजरायल में फिलिस्तीनी रॉकेट का बैराज दूसरे दिन भी आना जारी रहा, जिससे मध्यपूर्व में भारी संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि, तटीय पट्टी में अब तक 24 लोग मारे गए हैं, जिनमें छह बच्चे भी शामिल हैं। इससे पहले शुक्रवार को भी इजरायल ने भारी हमला किया था, जिसमें गाजा पट्टी के एक और आतंकवादी संगठन 'इस्लामिक जिहाद' के वरिष्ठ आतंकवादी कमांडर समेत 7 लोगों को मौत हो गई थी और इजरायल ने कहा है, कि वो अगले एक हफ्ते तक हमास और दूसरे आतंकी संगठनों के खिलाफ ऑपरेशन चलाएगा।

मध्य-पूर्व में बड़े संघर्ष की आशंका
गाजा पर शासन करने वाला सबसे बड़ा आतंकवादी संगठन हमास, जो अभी तक इस संघर्ष की तीव्रता में शांत बैठा हुआ था और ऐसा लग रहा था, कि वो संघर्ष को किनारे पर बैठकर देख रहा है, वो भी अभ संघर्ष में कूद पड़ा है। अब तक इस्लामिक जिहद ही इजरायल से लड़ रहा था। इज़राइल और हमास ने बमुश्किल एक साल पहले ही युद्ध लड़ा था, जो पिछले 15 वर्षों में चार प्रमुख संघर्षों और कई छोटी लड़ाइयों में से एक है, जिसने काफी गरीब माने जाने वाले गाजा क्षेत्र की स्थिति को और भी खराब कर दिया था। वहीं, कई एक्सपर्ट्स का कहना है, कि हमास इस लड़ाई में शामिल होता है या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है, कि इजरायल गाजा पर कितना हमला करता है। इजरायल लगातार गाजा को अपने रॉकेट से निशाना बना रहा है, जिससे गाजा में भारी तबाही मच गई है।

महिलाओं और बच्चों को नुकसान
वहीं, इजरायली सेना ने कहा है कि, उत्तरी गाजा शहर के जबलिया शहर में शनिवार देर रात फिलीस्तीनी आतंकवादियों ने गलत रॉकेट फायर किया था और वो रॉकेट उसके ही इलाके में गिर गया, जिससे कई बच्चे और आम नागरिक मारे गये हैं। इजरायली सेना ने कहा है कि, उसने घटना की जांच की और "बिना किसी संदेह के" निष्कर्ष निकाला है, कि यह इस्लामिक जिहाद की ओर से मिसफायर के कारण हुआ था। घटना पर कोई आधिकारिक फिलिस्तीनी टिप्पणी नहीं आई है। वहीं, फिलीस्तीन के एक डॉक्टर, जो मीडिया को बयान देने के लिए अधिकृत नहीं थे, उन्होंने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि, विस्फोट में तीन बच्चों के साथ कम से कम 6 लोग मारे गये हैं। इससे पहले शनिवार को इजरायल के युद्धक विमानों ने गाजा शहर में चार आवासीय भवनों को निशाना बनाया था और सभी स्थान स्पष्ट रूप से इस्लामिक जिहाद से जुड़े थे। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी। प्रत्येक मामले में, इजरायली सेना ने हमलों से पहले निवासियों को चेतावनी दी थी।

इस्लामिक जिहाद को बनाया जा रहा निशाना
वहीं, शनिवार को एक और स्ट्राइक में एक कार को उड़ा दिया गया, जिसमें 75 साल की एक महिला की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हो गये हैं। वहीं, चेतावनी के बाद इजरायली हमले में इस्लामिक जिहाद संगठन के एक आतंकवादी के घर पर दो बम गिराए गये, जिससे उसका घर तबाह हो गया, वहीं आसपास के घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि चेतावनी मिलने की वजह से महिलाएं और बच्चों ने इलाके को खाली कर दिया था। हुदा शामलख नाम की एक महिला, जो उसी घर के आसपास रहती थी, उसने बताया कि, 'उन्होंने रॉकेट दागकर ही हमें चेतावनी दी और हम बिना कुछ घर से लिए भाग गये।' महिला ने बताया कि, जिस घर को उड़ा दिया गया है, उस घर में 15 लोग रहते थे। वहीं, इजरायली हमले में मारे गये 24 फिलीस्तीनी नागरिकों में 6 बच्चे, 2 महिलाएं और एक सीनियर इस्लामिक जिहाद का कमांडर शामिल था। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और इजरायल नागरिकों और 'सेनानियों' के बीच अंतर नहीं करता है। इजरायली सेना ने शुक्रवार को कहा कि, शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब 15 लड़ाके मारे गए हैं।

इजरायल ने क्रॉसिंग प्वाइंट को किया बंद
गाजा ग्राउंड में इकलौता बिजली संयंत्र ईंधन की कमी के कारण शनिवार को दोपहर में बंद हो गया है, क्योंकि, इजरायल ने मंगलवार से गाजा में अपने क्रॉसिंग पॉइंट को बंद कर दिया है। क्रॉसिंग बंद होने के बाद से गज़ान को एक दिन में केवल 4 घंटे बिजली मिल सकती है, जिससे निजी जनरेटर पर उनकी निर्भरता बढ़ जाती है और भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र में बिजली संकट काफी गहरा हो गया है। पूरे दिन गाजा के उग्रवादियों ने इजरायल में नियमित रूप से रॉकेट दागे हैं और इजरायली सेना ने शनिवार शाम को कहा कि लगभग 450 रॉकेट दागे गए थे, जिनमें से 350 रॉकेट इजरायल में ही बनाए गये थे, हालांकि इजरायल ने कहा कि, सभी रॉकेट को उसके आइरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने आसमान में ही उड़ा दिया। हालांकि, रॉकेट के मलबे से दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं। इजरायली सेना ने कहा कि, एक रॉकेट बैराज को तेल अवीव की तरफ दागा गया था, जिससे सायरन बजने लगे, जिसके बाद लोगों को छिपने वाली स्थान पर भेज दिया गया, लेकिन उनमें से एक भी रॉकेट जमीन पर नहीं गिरे।

काफी संवेदनशील हो सकता है रविवार
वहीं, आशंका जताई जा रही है, कि रविवार का दिन काफी अहम दिन हो सकता है और रविवार को लड़ाई काफी भड़क सकती है, क्योंकि रविवार को यहूदी संप्रदाय तिशा बाव को चिह्नित करते हैं और यहूदियों के लिए ये एक उपवास का और उदास दिन होता है, जो बाइबिल के मंदिरों के विनाश की याद दिलाता है। इस मौके पर जेरूसलम की पश्चिमी दीवार पर हजारों लोगों के आने की उम्मीद है, और इजरायली मीडिया ने बताया कि इजरायल के नेतृत्व से उम्मीद की जा रही है, कि वे कानूनविदों को शहर में एक प्रमुख पहाड़ी पवित्र स्थल पर जाने की अनुमति देंगे जो इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच हिंसा के लिए एक फ्लैशपॉइंट रहा है। शुक्रवार शाम को, इजरायल के प्रधानमंत्री यायर लैपिड ने एक टेलीविजन भाषण में कहा कि, "इजरायल गाजा में व्यापक संघर्ष में दिलचस्पी नहीं रखता है, लेकिन अगर गाजा की तरफ से रॉकेट दागे गये, तो इजरायल को जवाबी कार्रवाई करने में कोई संकोच नहीं होगा।" वहीं, इजरायल और फिलीस्तीन के बीच शुरू हुआ ये संघर्ष प्रधानमंत्री यैर लैपिड के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गई है, जो फिलहाल इजरायल के कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं और जो नवंबर में होने वाले चुनाव में अहम चेहरा होंगे।

क्या एक साल बाद फिर होगा युद्ध?
यैर लैपिड, जो एक टीवी एंकर, लेखक और कूटनीति के उस्ताद रह चुके हैं, क्या वो युद्ध में जाना पसंद करेंगे, ये एक बड़ा सवाल है, क्योंकि गाजा के साथ संघर्ष आने वाले वक्त में उनकी राजनीतिक नींव को हिला भी सकता है, क्योंकि उनका मुकाबला आने वाले चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से होने वाला है, जिनके पास हमास से कई युद्ध लड़ने का है और जिन्होंने फिलीस्तीन की एक भी शर्त को नहीं माना। वहीं, हमास को यह तय करने में भी एक दुविधा का सामना करना पड़ता है, कि क्या वह पिछले युद्ध के बमुश्किल एक साल बाद एक नई लड़ाई में शामिल होना है, जिसने व्यापक तबाही मचाई थी। पिछले युद्ध के बाद गाजा में कोई पुननिर्माण नहीं हुआ है और अलग-थलग तटीय क्षेत्र गरीबी में घिर गया है, जिसमें बेरोजगारी लगभग 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। 2007 में हमास के अधिग्रहण के बाद से इजराइल और मिस्र ने इस क्षेत्र में कड़ी नाकेबंदी कर रखी है।

अमेरिका ने किया इजरायल का समर्थन
वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने शनिवार को कहा कि, संयुक्त राज्य अमेरिका ने पूरी तरह से इजरायल के बचाव के अधिकार का समर्थन किया है, और इसने सभी पक्षों से आगे बढ़ने से बचने का आग्रह किया, क्योंकि इजरायल के हवाई हमलों ने गाजा को तबाह कर दिया है, जबकि आतंकवादी इस्लामिक जिहाद समूह ने इजरायल में काफी रॉकेट दागे। फ़िलिस्तीनी उग्रवादियों ने इज़राइल पर 400 से अधिक रॉकेट दागे, जिन्हें आसमान में ही उडज़ा दिया गया है और इजरायल में भी लगातार सायरन अलर्ट बज रहे हैं और संवेदनशील इलाकों में लोगों को आश्रय स्थलों पर भेज दिया गया है और एंबुलेंस सेवा भी लगातार सक्रिय है। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।












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