ईरानी वैज्ञानिकों को अलग-अलग तरीकों से चुन-चुनकर मार रहा इजरायल! इसबार ऐसे बनाया शिकार
तेहरान, 14 जूनः इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच ईरानी एयरोस्पेस इंडस्ट्री में काम करने वाले दो अधिकारियों की संदिग्ध मौत से देश में हंगामा मच गया है। इन दोनों अधिकारियों की मौत अलग-अलग घटनाओं में हुई है। इसके बावजूद ईरानी को यह संदेह है कि मौत की इन घटनाओं के पीछे इजरायल का हाथ है।
तस्वीर- सोशल मीडिया

जहर देकर मारने का शक
द न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मई महीने के अंत में अचानक से ये दोनों साइंटिस्ट बीमार पड़े। इसके बाद इन्हें अलग-अलग शहरों में हॉस्पिटल के आईसीयू विभाग में इलाज के दौरान भर्ती कराया गया जहां इनकी मौत हो गई। ईरान का शक है कि इजरायल की खूफिया एजेंसी मोसाद ने उनके दोनों वैज्ञानिकों को जहर देकर मारा है। हालांकि शुरुआत में सिर्फ एक ही अधिकारी की मौत की पुष्टि की गई थी, लेकिन चंद घंटे बाद IRGC से जुड़ी सरकारी फार्स समाचार वेबसाइट ने दूसरे अधिकारी की मौत की खबर दी। ईरान ने दोनों वैज्ञानिकों की मौत को शहादत का दर्जा दिया है।

अलग जगहों पर नियुक्त थे वैज्ञानिक
जिन दो वैज्ञानिकों की मौत हुई हैं फिलहाल इनके बारे में अधिक जानकारी स्पष्ट नहीं है लेकिन ईरानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उनमें से एक अयूब एंतेजारी एरोनॉटिकल इंजीनियर और दूसरे कामरान अघमोलेई जियोलॉजिस्ट थे। मिली जानकारी के मुताबिक कामरान ईरान के नतांज परमाणु साइट में काम करते थे। जबकि अयूब एंतेजारी तेहरान से करीब 600 किलोमीटर दूर यज्द शहर में एक सरकारी एयरोस्पेस केंद्र के लिए मिसाइल और हवाई जहाज टर्बाइनों से संबंधित प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे।

मेजबान की तलाश जारी
मौत से पहले ये दोनों वैज्ञानिक स्वस्थ थे और अलग-अलग जगहों पर थे। यज्द शहर में एक डिनर पार्टी में शामिल होने के बाद अचानक एंतेजारी बीमार हो गए जिसके बाद 31 मई को उनकी मृत्यु हो गई। फिलहाल ईरानी अधिकारी उस मेजबान की तलाश कर रहे हैं जिसने वैज्ञानिक को आमंत्रित किया था। ब्रिटन स्थित एक आउटलेट ईरानी इंटरनेशनल के मुताबिक एक परिचित ने एंतेजारी को जहर दिया। अपने काम में सफल होने के बाद वह देश से फरार हो गया।

मिला शहीद का दर्जा
एंतेजारी की मौत के बाद क्षेत्र के गवर्नर ने उनके परिवार को एक पत्र भेजा जिसमें उन्हें एक शहीद का दर्जा दिया गया था। इसका मतलब है कि एंतेजारी को एक दुश्मन देश द्वारा या देश की सेवा करते हुए मार दिया गया। इसके साथ ही एक तस्वीर में ईरानी अधिकारियों को एंतेजारी के घर में शोक व्यक्त करते हुए दिखाया गया था।

वैज्ञानिक की हुई दस्त की शिकायत
वहीं मारे जाने वाले दूसरे वैज्ञानिक कामरान अघमोलेई के बारे में अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि कामरान तबरेज शहर में एक बिजनेस के सिलसिले में गए हुए थे। वहां से वह तेहरान लौटे जहां उनकी हालत खराब होने लगी। उन्हें गंभीर मितली और दस्त की शिकायत थी। उन्हें शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन वहां उनकी हालत बेहतर नहीं हुई। उनके अंग खराब होने लगे और 2 जून को उनकी मौत हो गई।

गुपचुप लोगों की हत्या कर रहा इजरायल
पिछले दो सप्ताह में संदेहास्पद स्थिति में हुई ईरान के टॉप लोगों की मौत की सीरीज ने ईरान को झकझोर कर रख दिया है। इजरायली पीएम ऑफिस के प्रवक्ता ने ईरान में हाल में हुई मौतों पर कमेंट करने से इनकार कर दिया है। बता दें कि इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करने से सालों से गुपचुप तरीके से काम किया है। इसी कड़ी में उनके टॉप लोगों की हत्याएं भी शामिल हैं।

अलग-अलग घटनाओं में लोगों की हुई मौत
इससे पहले 26 मई को ईरान के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि तेहरान के पास परचिन मिलिट्री कंपाउंड में एक संदिग्ध इजरायली ड्रोन हमले में ईरानी इंजीनियर एहसान गदबीगी मारा गया था। 22 मई को रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के एक सीनियर सदस्य सयाद खोदैई को तेहरान में संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ होसैन सलामी ने सार्वजनिक रूप से खोदेई की हत्या के लिए इजरायल को दोषी ठहराया और बदला लेने की कसम भी खाई। इसके अलावा रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक और सीनियर सदस्य बालकनी से संदिग्ध रूप से गिरे और उनकी मौत हो गई।












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