Iran Hijab Law Stopped: ईरान में महिलाओं के सख्त हिजाब कानून पर रोक, जानें सरकार के फैसले के पीछे क्या वजह?
Iran Hijab Law Stopped: ईरान ने महिलाओं के लिए सख्त हिजाब कानून लागू करने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह कानून सितंबर 2023 में संसद से पास हुआ था और इसे जल्द ही सरकार को लागू करने के लिए भेजा जाना था। लेकिन, इसे रोकने का फैसला किया गया है।
इस कदम के पीछे मुख्य वजह यह मानी जा रही है कि 2022 में महसा अमिनी की मौत के बाद भड़के विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू हो सकते हैं।

प्रस्तावित कानून में उन महिलाओं के लिए कड़े दंड का प्रावधान है, जो हिजाब नहीं पहनेंगी। इसमें उन व्यवसायों को भी सजा दी जाएगी जो बिना हिजाब वाली महिलाओं को सेवा देंगे। पहले अपराध पर $800 (लगभग ₹66,000), दूसरे पर $1500 (लगभग ₹1.2 लाख) का जुर्माना और तीसरी बार अपराध पर 15 साल तक की जेल का प्रावधान है।
राजनीतिक और सामाजिक चिंता
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने इस कानून पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे लागू करने पर देश के अंदर संवैधानिक संकट की आशंका जताई। राष्ट्रपति ने इस कानून के कठोर प्रावधानों को लेकर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई से बात करने की कोशिश की।
महसा अमिनी मामला और विरोध प्रदर्शन
महसा अमिनी की मौत सितंबर 2022 में हुई थी, जब उन्हें हिजाब सही तरीके से न पहनने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनकी मौत के बाद ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें 500 से अधिक लोग मारे गए और 22,000 से अधिक गिरफ्तारियां हुईं। इस घटना ने ईरान के सख्त हिजाब कानून के खिलाफ महिलाओं की आवाज को और मजबूत किया।
निगरानी और कड़े नियम
कानून में प्रावधान है कि पुलिस निजी सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की रिकॉर्डिंग की जांच कर सकती है। व्यवसाय मालिकों और टैक्सी चालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे बिना हिजाब वाली महिलाओं की रिपोर्ट करें। अन्यथा, उन्हें भी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
विरोध के बावजूद महिलाएं दिखा रही हैं साहस
महसा अमिनी की मौत के बाद, ईरान की कई महिलाएं बिना हिजाब के सार्वजनिक स्थलों पर आ रही हैं, भले ही उन्हें गिरफ्तारी का खतरा हो। यह मौजूदा कानून के खिलाफ एक साहसिक कदम माना जा रहा है।
क्या होगा आगे?
फिलहाल, कानून लागू करने की प्रक्रिया रोक दी गई है, लेकिन अगर इसे फिर से पेश किया गया, तो राष्ट्रपति इसे रोकने के लिए सीमित विकल्पों का ही इस्तेमाल कर सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पर ईरान की सरकार, सुप्रीम लीडर और जनता क्या रुख अपनाते हैं।
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