इजराइल ने 'लेबनान मॉडल' से ईरानी राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर को उड़ाया? सांसद बोले- रईसी करते थे पेजर का इस्तेमाल
Iran President News: ईरानी संसद के सदस्य अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी ने आशंका जताई है, कि लेबनान में हिज्बुल्लाह को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए पेजर के समान ही एक पेजर मई में पूर्व ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के हेलिकॉप्टर के अंदर फट गया था, जिससे वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
ईरानी सांसद का दावा सनसनीखेज है, क्योंकि हिज्बुल्लाह के कम से कम 3000 सदस्य पेजर विस्फोट में गंभीर घायल हुए हैं और आरोप इजराइल पर लगाया गया है, कि उसने ही पेजर में विस्फोटक भरे थे। जिसकी वजह से लेबनान में एक घंटे से ज्यादा वक्त तक पेजरों में धमाके होते रहे।

16 सितंबर और 17 सितंबर को लेबनान में दो तरह के हमले हुए थे। 16 सितंबर को पेजरों में धमाके हुए थे, जबकि 17 सितंबर को वॉकी-टॉकी फटने लगे थे, जिनमें 39 लोगों की मौत हुई है। हिज्बुल्लाह के आतंकी कम्युनिकेशन के लिए पेजर और वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इजराइल ने अभी तक इस घटना में शामिल होने की ना तो पुष्टि की है और ना ही इनकार ही किया है।
रईसी के हेलीकॉप्टर में भी पेजर धमाका?
ईरानी सांसद अर्देस्तानी ने समाचार मीडिया आउटलेट्स से कहा, कि "ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की जान लेने वाली घातक हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बारे में एक संभावित शक उनके पेजर का विस्फोट होना है।"
उन्होंने कहा, कि "रईसी ने एक पेजर का इस्तेमाल किया था, हालांकि उन्होंने जिस तरह के पेजर का इस्तेमाल किया वह हिज़्बुल्लाह बलों के पास मौजूद पेजर से अलग हो सकता है। लेकिन हेलिकॉप्टर दुर्घटना के बारे में संभावित लक्षणों में से एक उनके पेजर का विस्फोट होना है।"
उन्होंने आगे संकेत दिया, कि ईरान ने पेजर की खरीद में भूमिका निभाई थी।
उन्होंने आगे कहा, "(ईरानी बलों) ने निश्चित रूप से हिज्बुल्लाह के पेजर की खरीद में भूमिका निभाई है, और इसलिए, हमारी अपनी खुफिया एजेंसियों को भी इस मामले की जांच करनी चाहिए।"
पिछले सप्ताह रईसी की तरफ से पेजर का इस्तेमाल किए जाने की बात तब चर्चा में आई, जब उनकी और निवर्तमान इराकी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल-हलबूसी की एक तस्वीर वायरल हुई। तस्वीर के बैकग्राउंड में टेबल पर एक पेजर रखा हुआ देखा जा सकता है। यह साफ नहीं है, कि यह वही पेजर ब्रांड है जिसका इस्तेमाल हिज्बुल्लाह के आतंकवादी कर रहे थे या नहीं।
इस महीने की शुरुआत में ईरानी सरकार की तरफ से जारी अंतिम जांच रिपोर्ट में कहा गया है, कि मई में हेलीकॉप्टर दुर्घटना के लिए मुख्य रूप से घना कोहरा और खराब मौसम जिम्मेदार थी, जिसके परिणामस्वरूप ईरान के दिवंगत राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मृत्यु हो गई थी। ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, कि हेलीकॉप्टर के तकनीकी, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक और नेविगेशन पहलुओं की गहन जांच की गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने आईआरआईबी समाचार एजेंसी के हवाले से बताया, कि निष्कर्षों से पुष्टि हुई है कि उड़ान से पहले और उड़ान के दौरान सभी प्रक्रियाओं और उपायों में स्थापित मानकों और नियमों का पालन किया गया था।
रिपोर्ट में उड़ान मार्ग में आए किसी तरह के व्यवधान, गलत मार्ग जानकारी और बाहरी हस्तक्षेप से इनकार किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, कि पायलट ने किसी भी आपातकालीन स्थिति की सूचना नहीं दी थी और फोरेंसिक जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी या हमले का कोई सबूत नहीं मिला। रिपोर्ट में दुर्घटना के लिए क्षेत्र की "बारिश के दौरान जटिल जलवायु और वायुमंडलीय परिस्थितियों" को जिम्मेदार ठहराया गया, जिसके कारण घना कोहरा छा गया और हेलीकॉप्टर पहाड़ से टकरा गया।
आपको बता दें, कि इब्राहिम रईसी और उनके विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन समेत उनके कई सहयोगियों की 19 मई को पूर्वी अजरबैजान प्रांत के एक पहाड़ी इलाके में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई थी।












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