Insect Brain Map: क्या कीट पतंगों में भी होता है दिमाग? साइंटिस्ट्स ने किया 'स्कैन'! पूरा मैप जारी
विशेषज्ञों ने अपने शोध के जरिए ये कीट पतंगों के दिमाग की स्थिति स्पष्ट की है। अपने नए शोध में उन्होंने पहली बार सूक्ष्म जीवों कीट पतंगों लेकर इतना बड़ा दावा किया।

कीड़ों की ब्रेन मैपिंग उपलब्धि है, जिसे पाने के लिए दुनियाभर साइंटिस्ट्स तरस रहे हैं। करीब वर्षों 50 साल में पहली सफलता हाथ लगी है। शोधकर्ताओं ने पहली बार एक कीट के मस्तिष्क का एक विस्तृत नक्शा बनाया, लेकिन उन्होंने कहा कि जब तक वे इसे पूरी तरह साबित नहीं कर लेते 'इसे रेत पर झंडा गाड़ने' के बराबर ही मानते हैं।

जॉन्स हॉपकिन्स और कैंब्रिज में शोध
वैज्ञानिकों ने एक कीट के मस्तिष्क का पहला विस्तृत मैप तैयार किया है। इसे भविष्य में मानव मस्तिष्क से जुड़ी रिसर्च में भी सहायता मिल सकती है। ये ब्रेन मैप जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय और कैम्ब्रिज यूनिर्सिटी के विशेषज्ञों ने किया। इसको लेकर जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के बायोमेडिकल इंजीनियर जोशुआ टी. वोगेलस्टीन ने कहा, "अगर हम यह समझना और विचार करना चाहते हैं कि हम कौन हैं, तो इसकी कुंजी यह जानना है कि मस्तिष्क में न्यूरॉन्स एक-दूसरे से कैसे जुड़ते हैं।"

10 वर्षों तक अनुसंधान
तंत्रिका विज्ञान (Neuroscience) की सफलता ने वैज्ञानिकों को विचार के तंत्र (मस्तिष्क) को समझना आसान कर दिया है। हाल ही में जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कीट के ब्रेन का एक नक्शा बनाया। जिस पर यूके, यूएस और जर्मनी के साइंटिस्ट्स की एक टीम ने कार्य किया। इसके लिए साइंटिस्ट्स की टीम करीब 10 वर्ष से कार्य कर रही थी।

न्यूरॉन्स का अरेंजमेंट
ब्रेन मैपिंग को लेकर शोध दशकों से चल रहा है। हालांकि एक्सपर्स्ट्स इसे एक मुश्किल काम मानते हैं। दरअसल, इसके लिए मस्तिष्क को सैकड़ों या हजारों अलग-अलग ऊतक के नमूनों को पहचानने और उन्हें विभाजित करने की जरूरत होती है। जिसके बाद न्यूरॉन्स को चित्रित किया जाता है।

साइंटिस्ट्स ने क्या कहा?
एक्सपर्ट्स ने ताजा ब्रेन मैप ड्रोसोफिला मेलानोगास्टर लार्वा को लेकर किया है। विशेषज्ञों का शोध भी इसी विषय पर है। माना जाता है कि अगर इस कीट की ब्रेन मैपिंग कर ली जाती है तो इससे मानव मस्तिष्क को और नजदीकी से समझने में आसानी होगी। शोधकर्ताओं की टीम के प्रमुख साइंटिस्ट वोगेलस्टीन ने कहा, "50 साल हो गए हैं और यह पहला ब्रेन कनेक्टोम है। यह रेत में एक झंडा है जो हम ऐसा कर सकते हैं। सब कुछ इस पर काम कर रहा है।"

कैसे बना कीड़े का ब्रेन मैप?
शोधकर्ताओं ने 3,016 न्यूरॉन्स और उनके बीच हर कनेक्शन को लेकर मैपिंग की। बाद में ये अध्ययन करीब 5,48,000 न्यूरॉन्स तक पहुंच गया। जिसके बाद कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क की उच्च-रिजॉल्यूशन वाली छवियां बनाईं। जबकि अनुसंधान में 12 वर्ष लगे। बाद में डेटा को जॉन्स हॉपकिन्स के शोधकर्ताओं को सौंपा गया। जहां यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने मस्तिष्क की कनेक्टिविटी का विश्लेषण करने के लिए बनाए गए मूल कोड का उपयोग करते हुए तीन साल अधिक समय लिया। टीम ने साझा कनेक्टिविटी पैटर्न के आधार पर न्यूरॉन्स के समूहों को खोजने के लिए तकनीकें भी विकसित कीं। शोधकर्ताओं ने कहा कि फल मक्खी के लार्वा ने सर्किट की विशेषताएं दिखाईं जो प्रमुख और शक्तिशाली मशीन लर्निंग आर्किटेक्चर की याद दिलाती हैं।
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications