कौन हैं इंद्रजीत गोसल, निज्जर से कैसा था रिश्ता? कनाडा में मंदिरों पर हमले का कैसे बना मास्टरमाइंड?
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में खालिस्तान समर्थक लगातार भारत के लिए जहर उगल रहे हैं। पिछले साल जून में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद खालिस्तान नेटवर्क की कमर टूट गई थी, ऐसे में इस आतंकी गुट को एक लीडर की थी, जिसे इंद्रजीत गोसल ने पूरी की। हालांकि अब गोसल पर भी नाटकीय ढंग के कार्रवाई की। हिंदू मंदिरों हमले के आरोपी इस खालिस्तान आतंकी को कनाडा में पील रीजनल पुलिस (PRP) शर्तों पर रिहा कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश के साथ ब्रैम्पटन में ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया। ऐसे में सवाल ये है कि इंद्रजीत गोसल कौन है, जो हिंदू मंदिरों पर हमले की साजिश रच रहा है।
कौन है इंद्रजीत गोसल?
इंद्रजीत गोसल का कोलंबिया में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद सामने आया। गोसल को जून 2023 के बाद सिख्स फॉर जस्टिस के मुख्य कनाडाई आयोजक की जिम्मेदारी दी गई। गोसल को एसजेएफ के जनरल काउंसिल गुरपतवंत सिंह पन्नून का लेफ्टिनेंट माना जाता है, जिन्हें भारत ने आतंकवादी घोषित किया है।

एक बयान में इंद्रजीत गोसल के बारे में जानकारी देते हुए कनाडाई पुलिस ने कहा कि गोसल देश के उन 13 नागरिकों में शामिल थे, जो खालिस्तान समर्थक तत्वों के उद्देश्य से आपराधिक हिंसा का निशाना बने थे। पन्नून ने कहा था कि ओंटारियो प्रांत की पुलिस - रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस के साथ काम करते हुए ने गोसल को एक नोटिस जारी किया था।
विरोध प्रदर्शन के दौरान मंदिरों पर हमला: एसएफजे
वहीं दूसरी ओर एसएफजे ने दावा किया है कि ब्रैम्पटन में हिंदू मंदिर के खिलाफ खालिस्तान समर्थक विरोध प्रदर्शन के दौरान गोसल को निशाना बनाया गया था, जो उस समय एक कांसुलर शिविर की मेजबानी कर रहा था। इस दौरान टोरंटो स्थित वाणिज्य दूतावास के भारतीय अधिकारी परिसर में मौजूद थे। जबकि पिछले गोसल ने एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर पंजाब में सिखों के लिए एक स्वतंत्र मातृभूमि की स्थापना के लिए उन्हें मरने का डर नहीं है। द फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में गोसल के हवाले से कहा गया, "मुझे पता है कि मैंने किसके लिए साइन अप किया था, मौत मुझे डराती नहीं है।"












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