पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ की हत्या, सियालकोट में अज्ञात लोगों ने मारी गोली
Pathankot Mastermind Rashid Latif Shot Dead: भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी शाहिद लतीफ की पाकिस्तान के सियालकोट में हत्या कर दी गई है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सियालकोट में आतंकवादी शाहिद लतीफ को अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी है।

शाहिद लतीफ भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी था और भारत सरकार की मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल था।
आपको बता दें, कि शाहिद लतीफ वही आतंकी है, जिसे साल 2010 में भारत की कांग्रेस सरकार ने सद्भावना मिशन के तहत पाकिस्तान को वापस सौंप दिया था, लेकिन उसने बाद में पठानकोट हमले में मास्टरमाइंड की भूमिका निभाई थी। कांग्रेस सरकार ने ऐसा पाकिस्तान के साथ संबंधों को सुधारने के लिए किया था
55 साल का आतंकी शाहिद लतीफ लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश ए मोहम्मद के उन 25 आतंकवादियों में शामिल था, जिसे मनमोहन सिंह की सरकार ने सद्भावना मिशन के तहत भारतीय जेल से रिहा कर दिया था।
शाहिद लतीफ भारतीय जेल में करीब 16 सालों तक बंद रहा था। शाहिद लतीफ पाकिस्तान के गुंजरावाला के अमीनाबाद कस्बे के मोर गांव का रहने वाला था और वो भारत में जैश-ए-मोहम्मद का हैंडलर था और उसकी जिम्मेदारी भारत में आतंकियों की भर्ती करना था।
शाहिद लतीफ ने सियालकोट से हमले को कॉर्डिनेट किया था और इसे अंजाम देने के लिए चार जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों को पठानकोट भेजा था।
शाहिद लतीफ़ को नवंबर 1994 में गैरकानूनी (गतिविधियाँ) रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी आरोप में भारत में गिरफ्तार किया गया था, और मुकदमा चलाया गया और अंततः जेल में डाल दिया गया। भारत में सजा काटने के बाद, उसे 2010 में वाघा के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया गया।
लतीफ़ पर 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान के अपहरण का भी आरोप था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में कहा गया कि लतीफ 2010 में अपनी रिहाई के बाद पाकिस्तान में जिहादी फैक्ट्री में वापस चला गया। उसे भारत सरकार द्वारा वांछित आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
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