UNSC में भारत ने फिर खोली पाकिस्तान की पोल, रूचिरा कंबोज ने कहा- सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे हथियार
पाकिस्तान अब खुलकर आतंकियों की मदद नहीं कर पा रहा है, लेकिन वो ड्रोन के जरिए कश्मीर में आतंकियों के पास हथियार भेजने की कोशिश करता है। जिसे भारत बार बार नाकाम कर देता है।

India UNSC Pakistan: यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) में भारत ने एक बार फिर से अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान पर जोरदार हमला बोला है और सीमा पार से अवैध हथियारों की सप्लाई करने का आरोप लगाया है।
पाकिस्तान पर परोक्ष हमला करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी राजदूत रुचिरा कांबोज ने कहा, कि भारत ड्रोन के जरिए अवैध हथियारों की सीमा पार से आपूर्ति की 'गंभीर चुनौती' का सामना कर रहा है।
भारत इससे पहले भी पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में घेर चुका है और पाकिस्तान पर भारत में आतंकवाद फैलाने का आरोप लगा चुका है।
पाकिस्तान पर बरसा भारत
सोमवार को पाकिस्तान की पोल खोलते हुए यूएनएससी में भारत की राजदूत रूचिरा ने कहा, कि "कुछ देश लगातार आतंकियों की मदद करते हैं और ड्रोन के जरिए सीमा पार हथियारों को भेजने की कोशिश करते हैं।" लिहाजा, उन्होंने ऐसे देशों को जिम्मेदार ठहराने की मांग करते हुए कहा, कि "ये एक गंभीर चुनौती का मामला बनता जा रहा है और ऐसे देशों को उनके कर्मों के जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।"
आपको बता दें, कि इस दौरान भारतीय राजदूत ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान से समझा जा सकता है, कि उनका निशाना पाकिस्तान की ही तरफ था।
भारत पिछले साल भर से कहता आया है, कि कश्मीर में पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए हथियार भेजने की कोशिश की जाती है, ताकि घाटी में सक्रिय आतंकियों तक हथियार पहुंचाए जा सकें।
उन्होंने आगे कहा, कि "अंतर्राष्ट्रीय कानून के उल्लंघन में हथियारों और सैन्य उपकरणों के निर्यात, भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ाते हुए, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।"
नकाब में छिपे हुए हैं ऐसे देश- भारत
रूस की अध्यक्षता वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 'अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरे' नाम के कार्यक्रम में बोलते हुए रूचिरा ने पाकिस्तान को नकाब पहनने वाला देश करार दिया।
उन्होंने कहा, कि "ऐसे खतरे उस वक्त और बढ़ जाते हैं, जब 'कुछ देश, जिनका इतिहास संदिग्ध गतिविधियों से भरे हैं, वो नकाब के पीछे छिपकर आतंकवादियों और अन्य नन-स्टेट एक्टर्स के साथ सांठगांठ करते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, कि "उदाहरण के लिए, आतंकवादी संगठनों के पास अच्छी क्वालिटी के छोटे-छोटे हथयार मौजूद हैं, जो हमें बार बार याद दिलाती है, कि ऐसे हथियार उनके पास बिना किसी राज्य के समर्थन के उनके पास मौजूद नहीं हो सकते हैं।"
आगे बोलते हुए उन्होंने कहा, कि "हम ड्रोन का उपयोग करके अवैध हथियारों की सीमा पार आपूर्ति की गंभीर चुनौती का सामना कर रहे हैं, जो उन क्षेत्रों के नियंत्रण वाले अधिकारियों के सक्रिय समर्थन के बिना संभव नहीं हो सकता है।"
बीएसएफ की तरफ से की जाती है कार्रवाई
आपको बता दें, कि अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद से कश्मीर में आतंकियों के पास पैसे और हथियारों की सप्लाई पर बहुत ज्यादा लगाम लगाई जा चुकी है।
आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ा जा चुका है। वहीं, बीएसएफ कई बार पाकिस्तान की सीमा से आने ड्रोन में भरकर आने वाले हथियारों की खेप को मार गिराया है।
आपको बता दें, कि मार्च महीने के बाद से दो ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जब बीएसएफ ने पाकिस्तानी ड्रोन को ट्रैक किया है और उसे मार गिराया है।












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