Singapore: सिंगापुर में शम विवाह के जुर्म में भारतीय नागरिक को सजा, जानें क्या होती है 'दिखावटी शादी'?
सिंगापुर सरकार के वकील ने कोर्ट में कहा, कि फर्जी शादियों के बारे में पता लगाना काफी मुश्किल होता है, लिहाजा आरोपियों को सजा देना जरूरी है।

Sham marriage in Singapore: सिंगापुर में भारतीय मूल के एक शख्स को शम विवाह यानि दिखावटी शादी के अपराध के लिए दोषी पाया गया है और कोर्ट ने उसे जेल की सजा सुनाई है।
सिंगापुर की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 73 साल के भारतीय मूल के शख्स को आव्रजन लाभ हासिल करने के लिए अपने एक सहयोगी की अपनी भतीजी से शादी कराने के जुर्म में 6 महीने जेल की सजा सुनाई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि आरोपी अपने सहयोगी को आव्रजन की सुविधा दिलवाना चाहता था और इसके लिए उसने दिखावटी शादी का आयोजन किया था।
भारतीय मूल के सख्स को जेल
रिपोर्ट के मुताबिक, 73 साल के मीरन गनी नागूर पिचाई ने साल 2016 में 55 साल के भारतीय नागरिक अब्दुल कादर कासिम से अपनी 58 साल की भतीजी नूरजन अब्दुल करीम से शादी करवाई थी। अब्दुल कादर कासिम भारत का रहने वाला था और उसे सिंगापुर में आव्रजन हासिल करना था, इसीलिए ये दिखावटी शादी करवाई गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, मीरन गनी नागूर ने इस फर्जी शादी की व्यवस्था की थी, क्योंकि उसकी 58 साल की भतीजी के पास सिंगापुर की नागरिकता था। इस शादी के बदले उसकी भतीजी, जो कमजोर आर्थिक हालातों से गुजर रही थी, उसे पैसे दिए गये।
जिसके बाद 58 साल की महिला भारत से आए अब्दुल कादर कासिम की प्रोयोजक बन गई। आपको बता दें, कि सिंगापुर में अगर किसी को अपने रहने की अवधि 89 दिनों तक बढ़वानी होती है, तो फिर उसे किसी स्थानीय प्रायोजक की जरूरत होती है। और इस मामले में 58 साल की महिला प्रायोजक बनाई गई थी और दोनों में संबंध आधिकारिक तौर पर स्थापित हो, इसके लिए फर्जी शादी का आयोजन किया गया था।
आर्थिक तंगी से गुजर रही थी महिला
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नागरिक अब्दुल अपने अल्पकालिक यात्रा पास का विस्तार करना चाहता था, जबकि नूरजन आर्थिक तंगी से गुजर रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है, कि अब्दुल ने नूरजन को 25,000 सिंगापुरी डॉलर का भुगतान किया और इस फर्जी शादी के लिए 73 साल के मीरन गनी नागूर पिचाई को भी 1 हजार डॉलर मिले थे, जो उसकी भतीजी ने उससे कर्ज लिया हुआ था।
इसके बाद 17 सितंबर 2016 को निकाह कर लिया गया।
रिपोर्ट में कहा गया है, कि 28 सितंबर 2022 को मीरन गनी पिचाई को इमिग्रेशन एंड चेकपॉइंट्स अथॉरिटी (आईसीए) के अधिकारियों ने इमीग्रेशन एडवांटेज हासिल करने के लिए सुविधाजनक तरीके से शादी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
बुधवार को अदालत में, आईसीए से सहायक अधीक्षक (एएसपी) गणेशवरन धनसेकरन ने मीरन को उसके गुनाह के लिए छह महीने की जेल की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। सिंगापुर के अखबार टूडे ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि "शम विवाह एक अपराध है, जिसका पता लगाना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि नकली विवाहों के साक्ष्य को उजागर करना मुश्किल है।"
वहीं, आरोपी मीरन के वकील राजन सुप्रमण्यम ने अभियोजन पक्ष के छह महीने की जेल के प्रस्ताव से कम सजा की मांग की। उन्होंने कहा, कि उनका मुवक्किल "बहुत पछता रहा है" और उसका इरादा केवल अपने सहयोगी और भतीजी की मदद करना था।
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जिला न्यायाधीश वोंग पेक ने कहा, कि हालांकि आरोपी मीरन को इस फर्जी शादी से आर्थिक रूप से लाभ नहीं हुआ, लेकिन शादी की व्यवस्था करने में उसने "प्रमुख भूमिका" निभाई थी। जिला न्यायाधीश पेक ने कहा, "मैं अभियोजन पक्ष से सहमत हूं, कि ऐसे शादियों पर रोकथाम की आवश्यकता है, क्योंकि दिखावटी विवाहों का पता लगाना मुश्किल है।" जिसके बाद कोर्ट ने मीरन को 6 महीने और अब्दुल और नूरजन को भी छह और सात महीने की जेल की सजा सुनाई।












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