समुद्री हमलों के बीच भारत ने अरब सागर में बढ़ाई निगरानी, भारतीय नौसेना के अभियान से समुद्र में हलचल
इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद लाल सागर, अदन की खाड़ी और मध्य/उत्तरी अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमलों के कम से कम 20 मामले सामने आए हैं। यमन के हूती विद्रोही लाल सागर में इजराइल और उससे जुड़े जहाहों को निशाना बना रहे हैं।
समुद्री सुरक्षा की घटनाओं में आई तेजी के बाद भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल सतर्क हो गए हैं। भारतीय नौसेना ने लाल सागर में लगातार वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमले के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

इससे पहले को हूती विद्रोहियों की ओर से एमवी साईबाबा जहाज पर हमला किया था। अमेरिका की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि यह भारत से जुड़ा है। इस पर भारतीय क्रू मेंबर सवार थे।
'एमवी चेम प्लूटो' नाम के जहाज को 23 दिसंबर को गुजरात के पास अरब सागर में निशाना बनाया गया था। ये जहाज भारतीय तट से 370 किमी दूर था। इस पर ड्रोन से हमला हुआ था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरब सागर और लाल सागर में जहाजों पर हुए हमले को लेकर प्रतिक्रिया दी थी।
इन घटनाओं के बाद भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी क्षेत्र में समुद्री डकैती को रोकने के प्रयासों को बढ़ाने की दिशा में इस इलाके में एक और स्वदेशी निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोत तैनात कर दिया था।
अब भारतीय नौसेना ने मध्य/उत्तरी अरब सागर में समुद्री सुरक्षा अभियान चलाने और किसी भी घटना की स्थिति में व्यापारिक जहाजों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से विध्वंसक तैनात किए हैं। इसके साथ ही समुद्री निगरानी के लिए लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमानों और आरपीए द्वारा हवाई निगरानी को बढ़ाया गया है। विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की प्रभावी निगरानी के लिए, भारतीय नौसेना तटरक्षक बल के साथ मिलकर काम कर रही है।
राष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के समन्वय से भारतीय नौसेना द्वारा हर स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। नौसेना ने कहा कि वह इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।












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