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म्यांमार की विद्रोही सेना ने भारतीयों का अपहरण किया, एक की मौत होने पर माफी मांगी

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बर्मा। म्यांमार में एक 60 साल के भारतीय व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक और चार अन्य भारतीय लोगों को म्यांमार की विद्रोही अराकान सेना ने बंधक बना लिया था। हालांकि बाकी के चार लोगों को सोमवार को रिहा कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि ये पांच लोग यहां के रखाइन प्रांत में एक भारतीय प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। विद्रोही सेना ने रविवार को इनका अपहरण किया था और इनसे पूछताछ भी की।

myanmar arakan army

बता दें म्यांमार सरकार कहती है कि अराकान रोहिंग्या रक्षा सेना चरमपंथी संगठन है, जिसके नेता विदेश से प्रशिक्षण लेते हैं। हैरानी की बात को ये है कि घटना उस दिन हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से आसियान और ईस्ट एशिया सम्मेलन के इतर बैंगकॉक में मुलाकात की है। भारत ने म्यांमार को पूरा आश्वासन दिया है कि भारत-म्यांमार सीमा पर विद्रोही संगठनों को काम करने के लिए जगह ना मिल पाए।

अराकान सेना ने अपने बयान में कहा है कि जिस भारतीय नागरिक की हिरासत में मौत हुई है, उसकी पहचान विनू गोपाल के तौर पर हुई है। वह निर्माण से संबंधित काम में सलाहकार के तौर पर काम करते थे। बयान में कहा गया है कि गोपाल की मौत हार्ट अटैक और डायबटीज के कारण हुई है और उनका उपचार भी किया गया था। वहीं जिन भारतीयों को रिहा किया गया है, उनके नाम विजय कुमार सिंह, नंगशानबोक सुइम, राकेश शर्मा और अजय कोठियाल बताया जा रहा है।

स्थानीय अखबार के अनुसार, विद्रोही समूह ने पांच भारतीयों सहित दस लोगों का अपहरण किया था। इनमें आंग सान सू की नेशनल लीग ऑफ डेमोक्रेसी पार्टी के एक सांसद यू वी टिन भी शामिल थे। इनका अपहरण उस समय हुआ जब ये लोग चिन राज्य के पलेटवा से रखाइन के क्युकटाव जा रहे थे। जिस परियोजना के लिए गोपाल और बाकी के चार भारतीय काम कर रहे थे, उसके तहत म्यांमार के सिटवेपोर्ट को भारत-म्यामार से जोड़ा जाना है। इससे ना केवल भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का आर्थिक विकास होगा बल्कि उत्पादों के लिए समुद्री मार्ग भी खुलेगा।

अराकान सेना के प्रवक्ता ने भारतीय श्रमिक की मौत के लिए माफी मांगी है। प्रवक्ता ने कहा है कि हम पहाड़ी पर चढ़ रहे थे और थकावट के कारण गोपाल ही मौत हो गई। हमने भारतीयों को नहीं बल्कि सांसद को निशाना बनाया था लेकिन नाव पर भारतीय भी थे, इस बात का हमें नहीं पता था। फिलहाल विद्रोही समूह ने सांसद को नहीं छोड़ा है। अराकान सेना को यूनाइटेड लीग ऑफ अराकान (यूएलए) के सशस्त्र विंग के तौर पर स्थापित किया गया है। विद्रोही समूह बौद्धों को अधिक स्वायत्ता दिए जाने के कारण करीब एक दशक से लड़ रहा है।

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English summary
indian man died after being in hostage by myanmar rebels, these rebels hostage ten people including five indians.
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