जस्टिन ट्रूडो को करारा जवाब देंगे जयशंकर, संयुक्त राष्ट्र में कनाडा के खालिस्तान प्रेम का होगा हिसाब-किताब!
Jaishankar may Respond on Canada's Khalitan: भारत और कनाडा के बीच का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर जो आरोप लगाए हैं, उसका मुंहतोड़ जवाब भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र में दे सकते हैं।
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सभी की निगाहें कल न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर के संबोधन पर हैं, जहां उनके जून में पाक-प्रशिक्षित खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता पर कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो के "विश्वसनीय आरोपों" का जवाब देने की उम्मीद है।ॉ

जबकि, नई दिल्ली अभी भी कनाडा द्वारा खालिस्तान टाइगर फोर्स के प्रमुख निज्जर की हत्या से भारत को जोड़ने के कानूनी सबूत उपलब्ध कराने का इंतजार कर रही है, लिहाजा यह बिल्कुल स्पष्ट है, कि ट्रूडो की सिख राजनीति उन्हें इस मुद्दे पर पीछे हटने की अनुमति नहीं देगी।
ट्रूडो को संयुक्त राष्ट्र में घेरेंगे जयशंकर
माना जा रहा है, कि जस्टिन ट्रूडो बगैर कोई सबूत दिए, सिर्फ इंटेलिजेंस का हवाला देते हुए कुछ नामों को भी हवा में उछाल सकते हैं और उनपर निज्जर की हत्या का आरोप मढ़ सकते हैं। ऐसे में भारत एडवांस स्टेप उठाने के मूड में है।
वहीं, तथ्य यह है कि सिख वोट कनाडा की राजनीति के लिए इतना महत्वपूर्ण बना दिया गया है, कि पूर्व प्रधान मंत्री स्टीफन हार्पर ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से ब्रिटिश कोलंबिया में सरे गुरुद्वारे का दौरा करने का अनुरोध किया था जब वह 2015 में कनाडा गए थे। लेकिन, यह और बात है कि बैंकूवर से करीब दो घंटे की दूरी पर खालिस्तानियों के गढ़ वाले क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी के समर्थक मिल गये।
इस बीच, कनाडा ने साउथ ब्लॉक (भारतीय विदेश मंत्रालय) को आसन्न अभ्यास के बारे में पहले से सूचित करने के बाद, भारत के लिए अपनी यात्रा सलाह को अपडेट कर दिया है, जिसमें भारत की यात्रा करने वाले कनाडाई नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ऐसी रिपोर्ट है, कि ट्रेवल अपडेट के बारे में भारतीय अधिकारियों को सूचित किया गया था और कहा गया था, नई दिल्ली को इसमें ज्यादा कुछ नहीं समझा जाना चाहिए।
चूंकी, जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर गैर-न्यायिक हत्या का निराधार आरोप लगाने के लिए अपने देश की संसद को चुना था, लिहाजा माना जा रहा है, कि भारतीय विदेश मंत्री जस्टिन ट्रूडो के लगाए गये आरोपों का जवाब संयुक्त राष्ट्र में दे सकते हैं, जब वो संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन प्रशासन के अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकों के दौरान भी कनाडा के लगाए गये आरोपों पर बातचीत की गई है।
वहीं, रिपोर्ट है, कि वाशिंगटन में अपनी बैठकों के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ निज्जर की हत्या पर फाइव आईज अलायंस द्वारा कनाडा को उपलब्ध कराए गए सबूतों की वैधता और विश्वसनीयता पर चर्चा करेंगे।
हालांकि, समय बीतने के साथ, ट्रूडो सरकार को जल्द ही निज्जर के कॉन्ट्रैक्ट किलर का नाम बताना होगा और अगर ऐसा नहीं होता, तो फिर कनाडा का प्लान बी ये हो सकता है, कि वो एक या दो महीने की चुप्पी के बाद फिर से हवा में भारत का नाम उछाले और फिर से निराधार आरोप लगातार मामले को पुनर्जीवित कर दे।
लेकिन, भारत अपनी तरफ से बहुत स्पष्ट है, कि चूंकि निज्जर की हत्या में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है, इसलिए वह कनाडा में कानूनी प्रक्रिया का समर्थन करता है, लेकिन भारत के खिलाफ किसी भी निराधार आरोप का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए भी तैयार है।
यह ट्रूडो या उनके सांचो पांजा जगमीत सिंह पर है, कि वे भारत के खिलाफ कागज पर विश्वसनीय सबूत प्रदान करें और प्रधान मंत्री और उनके विदेश मंत्री की अविश्वसनीय टिप्पणियों द्वारा शुरू किए गए द्विपक्षीय संबंधों में तेजी से गिरावट को रोकें।












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