अमेरिका में भारतीय विदेश मंत्री, चीन-वैक्सीन और व्यापार को लेकर बेहद महत्वपूर्ण समझौते
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका के दौरे पर हैं। जहां वैक्सीन, क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत-अमेरिका ट्रेड पर दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई है।
वॉशिंगटन, मई 29: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका के दौरे पर हैं, जहां उनकी जो बाइडेन प्रशासन के साथ काफी महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई है और दोनों देशों के बीच अहम समझौते हुए हैं। भारत और अमेरिका के बीच वैक्सीन को लेकर बात हुई है वहीं द्विपक्षीय व्यापार को लेकर भी टीम बाइडेन और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच बेहद महत्वपूर्ण बातचीत की गई है। पश्चिमी एशिया में चीन द्वारा छोटे देशों को धमकाने और क्वाड के मुद्दे पर भी भारत और अमेरिका के बीत बेहद अहम बातचीत की गई है।

वैक्सीन पर एस. जयशंकर
वैक्सीन को लेकर भारतीय विदेश मंत्री ने अमेरिका में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने वादा किया है कि कोरोना संकट से निपटने के लिए अमेरिका भारत को वैक्सीन देगा। भारतीय विदेश मंत्री ने हालांकि ये नहीं कहा कि अमेरिका से भारत को वैक्सीन की कितनी डोज मिलेंगी लेकिन उन्होंने ये जरूर कहा है कि अमेरिका से 'रेडी टू यूज' वैक्सीन भारत को मिलेगा। भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि 'अमेरिका की एफडीए ने जिन जिन वैक्सीन के इस्तेमाल की इजाजत दे रखी है, उन वैक्सीन को हमने भी अमेरिका से खरीदने की इजाजत दे दी है।' भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि 'मुझे लगता है कि आने वाले वक्त में अमेरिका में वैक्सीन का उत्पादन और तेजी से बढ़ेगा और वैक्सीन को लेकर दूसरे चैनलों के जरिए भी हमारी बात होगी। मुझे लगता है कि वैक्सीन पर अमेरिकी प्रशासन आने वाले वक्त में अपना मन बनाएगा'
क्वाड पर अमेरिका से बातचीत
भारतीय विदेश मंत्री ने अमेरिका के दौरे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा है कि 'क्वाड से कई देशों के सामूहिक हित जुड़े हुए हैं। क्वाड कई मायनों में मौजूदा विश्व ऑर्डर का एक रूप है। अब विश्व में शीत युद्ध जैसी स्थिति नहीं रही है। और जो लोग अभी भी शीत युद्ध में यकीन करते हैं वहीं क्वाड को लेकर अलग अलग सवाल उठा रहे हैं।' भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 'क्वाड को लेकर भारत की मनोस्थिति पूरी तरह से साफ है। ये संगठन उस खाली स्थान को भरता है, जहां आज के जमाने में ग्लोबल और रिजनल जरूरतें बढ़ रही हैं। आज की जरूरतों को सिर्फ एक देश अकेले या फिर कोई दो देश आपसी संबंधों के आधार पर पूरा नहीं कर सकते हैं और अलग अलग वैश्विक कार्यक्रम और मंचों पर ऐसी समस्याओं को अभी भी उठाया नहीं जाता है। इसीलिए क्वाड एक बेहद महत्वपूर्ण गुट है, जो सिर्फ आपसी मदद के लिए है' भारतीय विदेश मंत्री ने अमेरिका में क्वाड को लेकर कहा कि 'क्वाड, समुद्री सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर चर्चा करता है। हाल के वर्षों में टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन को मजबूत करने और वैक्सीन उत्पादन पर चर्चा शुरू हुई है। दुनिया कई सारी समस्याओं से जूझ रही है और हमारे सामने भी कई चिंताएं हैं और हमें कई समस्याओं का सामूहिक तौर पर पर निराकरण करना होगा।
द्विपक्षीय व्यापार पर बातचीत
अमेरिका दौरे पर गये भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक प्रक्रिया को सरल करने के लिए अकसर बात होती रहती है। उन्होंने कहा कि हमने एक बार फिर अलग अलग स्तर पर बातचीत के जरिए व्यापार को सरल और सुगम बनाने पर, सप्लाई चेन को मजबूत करने, कंपनियों के बीच आपसी बातचीत को मजबूूत करने और कानून जैसे मुद्दों पर बातचीत की है। ज्यादातर मामलों में एंबेसडर और विदेश विभाग के अधिकारी की इन मामलों को डील करते हैं। भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि 'सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ हमारी लंदन में बातचीत हुई थी और उसी का नतीजा हम पिछले 2-3 हफ्तों में देख रहे हैं, जब दोनों देशों के बीच सप्लाई चेन काफी आसान हुई है'












Click it and Unblock the Notifications