'भारत हमारे साथ है', यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बयान से टेंशन में ट्रंप और पुतिन
Ukraine President Zelensky on India: रूस और यूक्रेन के बीच जंग तीन साल से अधिक समय से जारी है और इसका कोई स्पष्ट समाधान अभी तक नजर नहीं आया है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भारत को लेकर अहम बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत ज्यादातर हमारे पक्ष में है और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर मतभेद हैं, लेकिन उन्हें मैनेज किया जा सकता है। जेलेंस्की ने यूरोप को भारत के साथ मजबूत संबंध बनाने की सलाह दी और स्पष्ट किया कि भारत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका यह बयान वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।

भारत के साथ संबंधों को लेकर जेलेंस्की का रुख
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि भारत हमारे लिए एक महत्वपूर्ण देश है। ऊर्जा संसाधनों को लेकर कुछ मतभेद हैं, लेकिन ये हल किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप को भारत के साथ साझेदारी और सहयोग को मजबूत बनाना चाहिए। जेलेंस्की का यह बयान भारत की वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ती भूमिका को स्पष्ट करता है।
चीन और रूस पर दबाव की बात
जेलेंस्की ने पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा था कि चीन को रूस पर दबाव डालना चाहिए ताकि यह युद्ध समाप्त हो सके। उनका कहना है कि चीन के बिना पुतिन का रूस किसी भी समाधान के लिए तैयार नहीं है, लेकिन आमतौर पर चीन चुप्पी साधे रहता है। यह बयान रूस-चीन संबंध और युद्ध की स्थिति पर नए नजरिए को उजागर करता है।
ट्रंप के रुख पर जेलेंस्की की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर आरोप लगाया था कि वह रूस का तेल खरीदकर युद्ध को फंड कर रहा है। ट्रंप ने नाटो देशों को चेताया कि अगर रूस को शांति वार्ता के लिए मजबूर नहीं किया गया तो अमेरिका मॉस्को के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगा सकता है। इस पर जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें ट्रंप का बयान सुनकर आश्चर्य हुआ, लेकिन उन्होंने इसे सकारात्मक संकेत माना कि अमेरिका और ट्रंप युद्ध के अंत तक यूक्रेन के साथ खड़े रहेंगे।
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भारत की वैश्विक अहमियत और यूक्रेन की रणनीति
जेलेंस्की का यह बयान भारत की वैश्विक महत्वता को रेखांकित करता है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऊर्जा और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मतभेद हैं, लेकिन कूटनीतिक संवाद के जरिए उन्हें मैनेज किया जा सकता है। यूक्रेन यूरोप और अन्य देशों को भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की सलाह दे रहा है, जिससे वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका मजबूत होती जा रही है।
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अमेरिका के लिए बड़ा झटका
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का भारत को लेकर बयान अमेरिका और रूस दोनों के लिए बड़ा झटका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत पर निशाना साधते रहे हैं। अमेरिका ने भारत पर युद्ध के दौरान रूस से व्यापार के लिए 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया और वैश्विक मंचों पर भारत-रूस संबंधों पर सवाल उठाए। लेकिन जेलेंस्की ने कहा कि भारत ज्यादातर यूक्रेन के पक्ष में है और यूरोप को भारत के साथ मजबूत संबंध बनाने चाहिए। इससे अमेरिका की रणनीति प्रभावित हुई और रूस की उम्मीदों पर भी असर पड़ा।












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