अफगानिस्तान की मदद के लिए भारत ने भेजी दवाओं की पहली खेप, अफगानों ने जताया आभार
भारत ने अफगानिस्तान की मदद के लिए दवाओं की पहली खेप राजधानी काबुल भेज दी है।
नई दिल्ली/काबुल, दिसंबर 11: दिल खोलकर अफगानों की मदद करने वाले भारत ने एक बार फिर से अफगानिस्तान की मदद करनी शुरू कर दी है। पिछले हफ्ते गेहूं भेजने के बाद भारत ने दवाओं की बड़ी खेप अफगानिस्तान भेजी है। भारत में अफगानिस्तान के राजदूत ने भारत से दवा मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि, 1.6 मीट्रिक टन जीवन रक्षक दवाओं की पहली खेप शनिवार को काबुल भेजी है।

अफगानिस्तान को मदद
भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद ममुंडजे ने ट्विटर पर कहा कि, भारत से मिली सहायता इस कठिन समय में कई अफगान परिवारों की मदद करेगी। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि, "सभी बच्चों को थोड़ी मदद, थोड़ी उम्मीद और किसी ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत होती है जो उन पर विश्वास करता हो।' उन्होंने लिखा कि, 'भारत से चिकित्सा सहायता की पहली खेप आज सुबह काबुल पहुंची। 1.6 मीट्रिक टन जीवन रक्षक दवाएं इस कठिन समय में कई परिवारों की मदद करेंगी।" इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि, अफगानिस्तान में चुनौतीपूर्ण मानवीय स्थिति को देखते हुए, भारत सरकार ने वापसी की उड़ान पर चिकित्सा आपूर्ति की एक खेप भेजी है जो भारतीयों और अफगानों को वापस लेने गई थी।

भारत का ऑपरेशन 'देवीशक्ति'
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि, विशेष उड़ान शुक्रवार को भारत द्वारा किए गए एक निकासी मिशन के तौर पर की गई। भारत ने इस मिशन का नाम 'ऑपरेशन देवीशक्ति' रखा हुआ है, जिसके तहत भारत सरकार अफगानिस्तान से भारतीय लोगों और पीड़ित अफगानों को निकाल रही है। ऑपरेशन देवीशक्ति के तहत अफगानिस्तान से हिंदू-सिख अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों सहित 10 भारतीयों और 94 अफगानों को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि "ऑपरेशन देवी शक्ति" के तहत अब तक कुल 669 लोगों को अफगानिस्तान से निकाला गया है। इसमें सैकड़ों भारतीय और अफगान शामिल हैं, जिनमें अफगान हिंदू/सिख अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य शामिल हैं। अगस्त 2021 के महीने में 438 भारतीयों सहित 565 लोगों को अफगानिस्तान से निकाला गया था।
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भारतीय मदद को तरसते अफगान
आपको बता दें कि, इसी महीने एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि, तालिबान शासन भारत को अलग-थलग करके बहुत बड़ी गलती कर रहा है, जो पिछले 20 सालों से अफगानिस्तान में मानवीय मदद के साथ साथ, नागरिक उड्डयन, दूरसंचार सहित देश की प्रगति में सहायता कर रहा था। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि, भारत ने अफगानिस्तान के परिवहन और शिक्षा क्षेत्र में विकास के लिए अभूतपूर्व काम किया है, जो अब पूरी तरह से बंद है, लिहाजा आम अफगानों को भारत की याद आ रही है। एशियन लाइट अखबार के अनुसार, भारत ने 2015 में अफगान वायु सेना को सैन्य हार्डवेयर, चार एमआई-25 अटैक हेलीकॉप्टर और अफगान नेशनल आर्मी को 285 सैन्य वाहनों की आपूर्ति की थी।












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