नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ, UK सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मुकदमा हारा
नीरव मोदी भारत का भगोड़ा है और उसके ऊपर बैंक फ्रॉड का आरोप है।

Nirav Modi News: भारत का भगोड़ा नीरव मोदी ब्रिटेन में सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रत्यर्पण की अपील करने का केस हार गया है और इसके साथ ही उसके भारत प्रत्यर्पण का रास्ता बहुत हद तक साफ हो गया है। नीरव मोदी के पास अब ब्रिटेन में कोई कानूनी विकल्प नहीं बचा है। पिछले महीने, नीरव मोदी ने ब्रिटेन के एक हाईकोर्ट के सामने ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में भारत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने की इजाजत के लिए आवेदन दायर किया था। 51 वर्षीय हीरा व्यापारी के मानसिक स्वास्थ्य के आधार पर प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील दायर किया था, लेकिन वो केस हार हार गया । अदालत ने नीरव मोदी से कहा था, कि उसके आत्महत्या का जोखिम ऐसा नहीं है, कि उसे मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के आरोपों का सामना करने के लिए भारत में प्रत्यर्पित करना या तो अन्यायपूर्ण या दमनकारी होगा।
भारत का भगोड़ा है नीरव मोदी
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गुजरात के पालनपुर में 27 फरवरी, 1971 को जन्में नीरव मोदी के पास बेल्जियम की नागरिकता है। हीरा व्यवसायी नीरव मोदी जब 19 वर्ष का था तो अपने अंकल मेहुल चौकसी के साथ काम करने लगा। मेहुल चौकसी पर भी धोखाधड़ी और घोटालों के आरोप है और उसे भी भारतीय जांच एजेंसियां ढूंढ रही हैं। फिलहाल मेहुल ने एंटीगुआ और बरबूडा की नागरिकता ले रखी है। नीरव मोदी को मार्च 2019 में लंदन से गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल लंदन की ही वांडस्वीर्थ जेल में बंद है और वो पहले भी प्रत्यर्पण को लेकर मुकदमा हार चुका है और अब मिली हार के बाद उसके भारत आने का रास्ता बहुत हद तक साफ हो गया है। पंजाब नेशनल बैंक ने फरवरी, 2018 में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को एक शिकायत दायर कराई जिसमें बैंक ने बताया कि नीरव मोदी और उसके साथियों ने पंजाब नेशनल बैंक से 28000 करोड़ की धोखाधड़ी की है।












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