रूस के साथ खतरनाक मिसाइल डिफेंस सिस्टम S-400 के साथ 39,000 करोड़ की डील को सील करने की कोशिश में भारत
इस वर्ष अक्टूबर में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, भारत और रूस के बीच होने वाली एनुअल समिट के लिए भारत आएंगे। उनके इस भारत दौरे पर दोनों देशों के बीच 39,000 करोड़ के रक्षा सौदे के साइन होने की उम्मीदें हैं। इंग्लिश डेली हिन्दुस्तान टाइम्स ने इसकी जानकारी दी है।
मॉस्को। इस वर्ष अक्टूबर में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, भारत और रूस के बीच होने वाली एनुअल समिट के लिए भारत आएंगे। उनके इस भारत दौरे पर दोनों देशों के बीच 39,000 करोड़ के रक्षा सौदे के साइन होने की उम्मीदें हैं। इंग्लिश डेली हिन्दुस्तान टाइम्स ने इसकी जानकारी दी है। भारत और रूस के बीच पुतिन की इसी यात्रा के दौरान एस-400 ट्रिम्फ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की डील साइन होने की भी उम्मीद है। इस मिसाइल सिस्टम की डील पर साल 2015 से बातें हो रही हैं। साल 2016 में ब्रिक्स समिट के दौरान पुतिन भारत आए थे और उस दौरान ही भारत और रूस के बीच 39,000 करोड़ के रक्षा सौदे हुए थे जिनमें एस-400 के अलावा कुछ और डिफेंस इक्विपमेंट्स शामिल थे। आपको बता दें कि इस समय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण रूस की यात्रा पर हैं।

किसी भी जेट को पल भर में नष्ट कर सकता है सिस्टम
रूस का एस-400 मिसाइल सिस्टम दुनिया का सबसे खतरनाक मिसाइल सिस्टम माना जाता है। यह मिसाइल सिस्टम 400 किमी की दूरी से आने वाले किसी भी फाइटर जेट, मिसाइल और यहां तक कि ड्रोन को भी कुछ ही मिनटों में नष्ट कर सकता है। सीतारमण ने रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री रोगोजिन और रक्षा मंत्री सर्गेइ शोइगो से मुलाकात के दौरान कई अहम बातों समेत एस-400 डील पर भी चर्चा की है। इंडियन एयरफोर्स इस मिसाइल सिस्टम को चीन और पाकिस्तान से सटे बॉर्डर पर तैनात करना चाहता है।

62 प्रतिशत हथियार रूस से
भारत और रूस चार तलवार क्लास के स्टेल्थ फ्रिगेट्स के लिए भी डील साइन कर सकते हैं। दो फ्रिगेट्स को जहां रूस से आयात किया जाएगा तो वहीं दो को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में तैयार किया जाएगा। अगर यह डील साइन हो जाती हैं तो फिर भारत के रक्षा बाजार में रूस और मजबूत हो सकेगा। आपको बता दें कि साल 2013 से 2017 तक भारत ने जितने भी हथियार खरीदे हैं उनमें से 62 प्रतिशत हिस्सेदार रूस की थी। इसके बाद 15 प्रतिशत अमेरिका और इजरायल की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत थी। यह जानकारी स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की मार्च में आई रिपोर्ट में दी गई थी।

चीन या पाकिस्तान को मिलेगा जवाब
एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम एस-400 खरीदने के बाद भारत, चीन या पाकिस्तान की ओर से किसी मिसाइल हमले की स्थिति में मुंहतोड़ जवाब दे सकेगा। इस रक्षा प्रणाली से 400 किलोमीटर की रेंज में किसी भी टारगेट को आसानी से मार गिराया जा सकता है। रडार की पकड़ से दूर यह रडार की पकड़ न आने वाली अमेरिकन एफ-35 फाइटर जेट को भी मार गिरा सकता है। रूस की एस-400 रक्षा प्रणाली में अलग-अलग क्षमता की तीन तरह की मिसाइलें मौजूद हैं। यह मिसाइल सिस्टम सीरिया बॉर्डर पर तैनात था।

चीन ने भी की है रूस के साथ डील
तीन अरब डॉलर की डील चीन ने भी यही मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए रूस के साथ दो वर्ष साल पहले तीन अरब डॉलर की डील की थी। इस मिसाइल सिस्टम को रूस की अल्माज सेंट्रल डिजाइन ब्यूरों की ओर से वर्ष 1990 से डेवलप किया जा रहा है।












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