Bangladesh Unrest: भारत ने कई बार विदेशी साजिशों का दिया मुंहतोड़ जवाब, इन मौकों पर हो सकता था कोहराम
Bangladesh Unrest: बांग्लादेश में शुरू हुए एक छात्र आंदोलन ने देशव्यापी आंदोलना का रूप ले लिया। देश के हलात बेहद बुरी स्थिति में पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग बीच शांतिपूर्ण प्रदर्शन यूं ही नहीं हिंसक हुआ, इसमें कुछ विदेशी साजिशों की बू नजर आती है। पड़ोसी देश में अशांति के बीच इस की चर्चा भी जरूरी है, कैसे और कब भारत ने अपनी ठोस विदेश नीति के चलते देश को आशांत करने की विदेश साजिशों को नाकाम कर दिया।
पिछले हफ्ते बांग्लादेश में शेख हरीना के इस्तीफे और देश छोड़ने के बाद वहां हिंदुओं पर हमले बढ़े हैं। बांग्लादेश में शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद से हिंदुओं के घरों, मंदिरों और दुकानों को निशाना बनाया जा रहा है। यहां हिंदुओं के साथ हो रही हिंसा के विरोध में शनिवार यानी 10 अगस्त को अमेरिका और ब्रिटेन में विरोध प्रदर्शन हुए। अमेरिका के न्यूयॉर्क और ब्रिटेन के लंदन में सैकड़ों हिंदुओं ने विरोध प्रदर्शन किया।

भारत में बंटबारे के बाद कई बार ऐसे मोड़ आए जब बांग्लादेश जैसी स्थिति बनी। हालांकि बांग्लादेश जैसी स्थिति से बचने में भारत ने कामयाबी हासिल कर ली है। भारत ने अपनी मजबूत नीति के दम पर विदेशी हस्तक्षेपों को नकारने में सक्षम रहा।
बांग्लादेश महज कुछ सामान्य मुद्दों से नहीं निपट पाया और ऐसी स्थित बन गई। हालांकि भारत में पिछले कुछ वर्षों के भीतर कई ऐसे प्रदर्शन शुरु हुए जिसको लेकर देश में आशंति की आशंका पैदा हो गई। लेकिन देश ने भारत की इन चुनौतियों से निपटने की क्षमता हाल की विवादों में भी साफ दिखी है।
भारत में ती कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान अंतरराष्ट्रीय हस्तियों जैसे ग्रेटा थनबर्ग और रिहाना द्वारा नारे बदलने की कोशिशें की गई। इसके बावजूद भारतीय सरकार दृढ़ बनी रही और मजबूत और अधिक लचीला बनकर उभरी। कई लोग मानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया है, लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा के लिए ये उपाय
गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों एक कमेटी का गठन करने का ऐलान किया था, जो सीमा सुरक्षा बल (BSF) के ADG और भारतीय सेना की पूर्वी कमान की देखरेख में काम करेगी। यह समिति भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थिति की निगरानी करेगी और बांग्लादेश में रह रहे भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेश के समकक्ष अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेगी।
भारतीय विदेश नीति की हो रही तारीफ
भारत लगातार अपनी मजबूत विदेश नीति का परिचय दिया है। अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के अडानी ग्रुप के लगातार शेयर गिरने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ी। पीएफआईए पर हाल ही बैन लगाते हुए गृहमंत्रालय ने देश में बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।












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