'हर तरफ बम विस्फोट, बचने की कोई उम्मीद नहीं...' , यूक्रेन में पढ़ रही लखनऊ की छात्रा ने बताया खौफनाक मंजर

'हर तरफ बम विस्फोट, बचने की कोई उम्मीद नहीं...' , यूक्रेन में पढ़ रही लखनऊ की छात्रा ने बताया खौफनाक मंजर

नई दिल्ली, 26 फरवरी: 'मेरी नींद एक धमाके की आवाज से खुली, जब मैंने झट से अपने फ्लैट की खिड़की खोली तो देखा कि बाहर घना धुआं था, शहर पर हमला हो चुका था।'' ये बात यूक्रेन में रहने वाली भारतीय छात्रा ने बताई है। भारत के लखनऊ (यूपी) की रहने वाली 23 वर्षीय छात्रा ऋति सिंह, जो यूक्रेन के वीएन कारजिन विश्वविद्यालय में पढ़ाई करती हैं और एमडी की डिग्री ले रही हैं। फिलहाल वो यूक्रेन पर हो रहे रूस हमले के बीच वहां फंसी हैं। भारत आने के लिए छात्रा ऋति सिंह संघर्ष कर रही हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक 23 वर्षीय ऋति सिंह अन्य भारतीय छात्रा के साथ यूक्रेन के खार्किव मेट्रो की साल्टिवस्का लाइन पर स्टुडेंट्का मेट्रो स्टेशन पर शेल्टर में छिपी हैं। उन्होंने व्हाट्सएप मैसेज के जरिए ये सारी बातें बताई हैं। ऋति सिंह ने 10वीं की पढ़ाई माउंट कार्मेल से और 12वीं की पढ़ाई लखनऊ के आईआईएम कैंपस के केंद्रीय विद्यालय से की है।

'हर वक्त बमों के फटने की आवाज आती है...'

'हर वक्त बमों के फटने की आवाज आती है...'

23 वर्षीय छात्रा ऋति सिंह ने कहा, ''फिलहाल वो यूक्रेन के शहर खार्किव में हैं। अभी खार्किव पर हमले हो रहे हैं। मैं समय-समय पर बमों के फटने की आवाज सुन सकती हूं। मैं मेट्रो स्टेशन के अंदर छिपी हूं। लगभग 600 से 700 लोग यहां हैं, और हां, हम समय-समय पर बमों की आवाज सुनाई दे रही है।'' ऋति भारत भर के सैकड़ों अन्य छात्रों में शामिल हैं, जो समय पर यूक्रेन छोड़ने में असमर्थ थे क्योंकि उड़ान सेवाएं रद्द कर दी गई थीं।

'हम सब यहां सिर्फ अपने दम पर हैं...'

'हम सब यहां सिर्फ अपने दम पर हैं...'

ऋति सिंह ने कहा, ''यूक्रेन की सरकार पुलिस के साथ मिलकर यहां से लोगों को निकलाने की योजना बना रही है। लेकिन हमारे लिए वहां पहुंचना मुश्किल है क्योंकि हमारे पास परिवहन का कोई साधन नहीं है। अगर हम पैदल चलकर जाते हैं, तो उसमें 17 घंटों से अधिक वक्त लग सकता है।''

ऋति ने कहा, ''हम सब यहां अपने दम पर हैं। खाने-पीने की चीजें एकदम खत्म हो गई हैं। राशन के दाम बढा दिए गए हैं। मां-पााप हम बड़ी मुश्किल से किसी तरह खुद को अभी तक सुरक्षित रखने में कामयाब हो पाए हैं। आगे बचने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।''

पिता ने बताया बेटी यूक्रेन में कर रही है मेडिकल की पढ़ाई

पिता ने बताया बेटी यूक्रेन में कर रही है मेडिकल की पढ़ाई

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ काम करने वाले उनके पिता जेएस चौहान कहते हैं, "मिसाइल, हवाई हमले, नागरिक हताहत, सड़क पर टैंक, और ये सभी बिना गर्म किए बेसमेंट और मेट्रो स्टेशनों में -2 डिग्री सेल्सियस में सो रहे हैं। वहां की स्थिति बहुत खराब है।''

जेएस चौहान ने कहा, ''मेरी बेटी, ऋति, वर्तमान में वीएन काराजिन विश्वविद्यालय खार्किव, यूक्रेन से मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। वह वहां सैकड़ों अन्य छात्रों के साथ फंसी हुई है। वे सभी 24 फरवरी गुरुवार सुबह बम विस्फोट शुरू होने के बाद से धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे हैं।''

'कोई कार-बस, ट्रेन कुछ नहीं, कैसे निकले बाहर...'

'कोई कार-बस, ट्रेन कुछ नहीं, कैसे निकले बाहर...'

ऋति सिंह ने कहा है, ''भारत सरकार का कहना है कि उनके पास बचाव योजना है, लेकिन वह योजना केवल उन लोगों के लिए काम करेगी जो यूक्रेन के पश्चिमी सीमा के पास रह रहे हैं। खार्किव, कीव, निप्रो, ओडेसा, सूमी, जाप्रोजे और अन्य जगहों पर रहने वाले बाकी छात्रों को पश्चिमी सीमा पर हजारों किलोमीटर पार करने की कोई उम्मीद नहीं है। उनके पास कोई कार नहीं है, कोई ट्रेन नहीं है, कोई बस नहीं है- बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। हर घंटे आपूर्ति खत्म होने के साथ स्थिति और खराब होती जा रही है।''

 रूसी दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं

रूसी दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं

लखनऊ के जानकीपुरम के निवासी ने कहा, उन्हें दिल्ली में दोस्तों और रिश्तेदारों की जरूरत है जो रूसी दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन करें और मीडिया का ध्यान आकर्षित करें। हमें उम्मीद है कि यह भारतीय और रूसी सरकारों पर सुरक्षा को प्राथमिकता देने और वास्तविक निकासी योजना के साथ आने के लिए पर्याप्त दबाव डालेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने दिया मदद का भरोसा

उत्तर प्रदेश सरकार ने दिया मदद का भरोसा

उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार (25 फरवर) को यूक्रेन में फंसे राज्य से लोगों को निकालने में मदद करने, सहायता करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर के साथ एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। राजस्व विभाग के राहत आयुक्त और सचिव रणवीर प्रसाद ने कहा, "अब तक, 60 परिवारों ने राज्य सरकार से संपर्क किया है, और डेटा नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है।"

उत्तर प्रदेश के अन्य लोग जो यूक्रेन में फंस गए हैं, उनमें लखनऊ की अमूल्य यदुवंशी, विनित्स्या में नेशनल पिरोगोव मेमोरियल मेडिकल यूनिवर्सिटी में तीसरे वर्ष का छात्र है। उसने वापस टिकट बुक किया था लेकिन उसकी उड़ान रद्द कर दी गई थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+