CAA, किसान बिल, पैगंबर, अग्निपथ... अशांति का खामियाजा भुगत रहा देश, 646 अरब डॉलर का नुकसान
देश भर में अग्निपथ योजना के कारण बड़े पैमान पर हिंसक घटनाएं हो रही हैं। इन हिंसक घटनाओं में भारत को 646 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है।
वाशिंगटन, 17 जूनः देश भर में अग्निपथ योजना के कारण बड़े पैमान पर हिंसक घटनाएं हो रही हैं। सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। रेलवे की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। पूर्व में भी हमने सीएए/एनआरसी, किसान आंदोलन, पैगंबर विवाद के बाद हिंसक घटनाएं देखीं हैं। यही कारण है कि ग्लोबल पीस इंडेक्स में भारत 163 देशों की सूची में 135वें स्थान पर है। इन हिंसक घटनाओं में भारत को 646 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है। जाहिर है कि भारत में लगातार बढ़ती हिंसक घटनाएं देश को आर्थिक रूप से बेहद चोट पहुंचा रही हैं।

आइसलैंड सबसे शांत देश
ग्लोबल पीस इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक आइसलैंड दुनिया का सबसे शांत देश है। यदि भारत ग्लोबल पीस इंडेक्स में आइसलैंड की जगह होता तो यह न केवल सबसे शांतिपूर्ण देश होता, बल्कि ऋण-मुक्त भी होता। हिंसा के कारण इस देश जितना नुकसान सहन किया है, उस रुपये को हम अपने सभी बजट व्यय और विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों में खर्च कर सकते थे। बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने बीते कुछ सालों में हिंसक घटनाओं में कुल 646 अरब डॉलर का नुकसान सहा है। यह भारती की जीडीपी का 6 फीसदी हिस्सा है।

6 फीसदी जीडीपी का नुकसान
पिछले कुछ साल में देश में कई मुद्दों को लेकर अनगिनत बार हिंसक प्रदर्शन हो चुके हैं। इस कारण कर्फ्यू, इंटरनेट शटडाउन जैसे सख्त कदम भी उठाने पड़े हैं। वहीं, आतंकवादी और नक्सली हमलों के कारण भी देश को तगड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इन घटनाओं में जान-माल की हानि के अलावा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से देश को भी आर्थिक हानी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत को जहां जीडीपी का 6 फीसदी नुकसान हुआ है, वहीं चीन में यह आंकड़ा 4 फीसदी और पाकिस्तान में 8 फीसदी है।

हिंसा में अफगानिस्तान टॉप पर
ग्लोबल पीस इंडेक्स 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा हिंसाग्रस्त देशों में अफगानिस्तान अव्वल है। अफगानिस्तान से ऊपर यमन और सीरिया काबिज हैं। ये तीनों देश गंभीर रूप से आतंकवाद और गृहयुद्ध का सामना कर रहे हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा के कारण 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को 1287 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था का 10.9% है।

हिंसा प्रभावित देशों की संख्या बढ़ी
ग्लोबल पीस इंडेक्स 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसक आंतरिक संघर्ष का सामना करने वाले देशों की संख्या एक सालों में 29 से बढ़कर 38 हो गई है। हालांकि आंतरिक संघर्षों में मारे गए लोगों की संख्या कम हुई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक अफ्रीका के बाद दक्षिण एशिया दुनिया का दूसरा सबसे अशांत क्षेत्र रहा है। सीरिया, दक्षिण सूडान और मध्य अफ्रीकी गणराज्य में हिंसा के कारण सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान हुए हैं। जबकि आइसलैंड, कोसोवो और स्विटजरलैंड सबसे कम प्रभावित देश रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications