चीन के 'गुलाम' मुइज्जू पर फिर मेहरबान हुआ भारत, मोदी सरकार ने कर्ज चुकाने के लिए बड़ी मोहलत दी
India-Maldives News: चीन गुलाम मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पर भारत ने फिर मेहरबानी दिखाई है और मोदी सरकार ने कर्ज चुकाने के लिए बड़ी मोहलत दे दी है।
मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर ने कहा है, कि मालदीव में भारत-सहायता प्राप्त परियोजनाओं में तेजी लाने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, क्योंकि मालदीव की सरकार, इन परियोजनाओं को फिर से शुरू करने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत के दौरे पर पहुंचे थे मूसा जमीर
मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर, मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार भारत की यात्रा पर पहुंचे थे और वो 8 से 10 मई तक नई दिल्ली में थे।
उन्होंने जोर देकर कहा, कि वह और भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, भारत की वित्तीय सहायता से शुरू की गई परियोजनाओं में तेजी लाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मामलों को संबोधित करने के लिए 9 मई को द्विपक्षीय चर्चा में शामिल हुए थे।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला, कि भारतीय विदेश मंत्री के साथ उनकी बैठक इस बात पर केन्द्रित थी, कि मालदीव में जिन प्रोजेक्ट्स को भारत ने शुरू किया है, उन्हें पूरा करने के लिए जिन समितियों का गठन किया गया है, उनकी रफ्तार में तेजी आए।
'कर्ज में मोहलत के बदले भारत ने कुछ नहीं मांगा'
मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर ने कहा, कि नई दिल्ली ने 200 मिलियन डॉलर के कर्ज में से 150 मिलियन डॉलर के कर्ज के पुनर्भुगतान की समय सीमा बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा, कि यह ऋण पिछली सरकार ने 2019 में सत्ता संभालने पर भारत से लिया था।
जमीर ने कहा, कि भारत पर बकाया कुल 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर में से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर जनवरी में चुका दिए गए थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि भारत में सरकार ने बाकी बचे 150 मिलियन अमरीकी डालर की ऋण चुकौती अवधि बढ़ाने के बदले में कोई मांग नहीं की है।
ज़मीर ने इस बात पर भी प्रकाश डाला, कि पिछले प्रशासन के दौरान भारत से ऋण और अनुदान के माध्यम से कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
'भारतीय डॉक्टरों को हटाने का कोई इरादा नहीं'
जमीर के मुताबिक, मालदीव सरकार इन परियोजनाओं को फिर से शुरू करने और पूरा करने को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। छह महीने पहले चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के सत्ता संभालने के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कड़वाहट के बीच उनकी भारत यात्रा हुई है।
मोहम्मद मुइज्जू ने राष्ट्रपति बनने के बाद मालदीव में तैनात सभी भारतीय कर्मियों को वापस भेज दिया और 10 मई तक सभी भारतीय सैनिक मालदीव से वापस लौट चुके हैं। मुइज्जू प्रशासन के इस फैसले से दोनों देशों के बीच काफी तनाव आ चुका है। हालांकि, मूसा जमीर ने कहा, कि मालदीव में तैनात भारतीय डॉक्टरों को देश से हटाने की उनकी कोई योजना नहीं है।












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