India-EU FTA: भारत और EU के बीच होने जा रही है 'Mother of all deals, ट्रंप के लिए क्यों माना जा रहा है झटका
India-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों में एक युगांतरकारी बदलाव आने वाला है। दावोस में विश्व आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत के साथ होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को "सभी समझौतों की जननी" (Mother of all deals) करार दिया।
यह समझौता न केवल दो अरब लोगों का एक विशाल बाजार तैयार करेगा, बल्कि वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में एक-चौथाई हिस्सेदारी रखने वाली दो बड़ी शक्तियों को एक मंच पर लाएगा।

India-EU Free Trade Agreement 2026 : दो अरब लोगों का साझा बाजार
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने घोषणा की कि भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने इसे एक "ऐतिहासिक क्षण" बताया जो वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा बदल सकता है। यह समझौता व्यापारिक बाधाओं को हटाकर निवेश को बढ़ावा देगा और टिकाऊ विकास के नए रास्ते खोलेगा। यूरोपीय संघ अपनी वैश्विक रणनीति के तहत भारत को एक विश्वसनीय और स्थिर आर्थिक भागीदार के रूप में देख रहा है, जो चीन पर निर्भरता कम करने में सहायक होगा।
Republic Day 2026 Chief Guest: गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। 25 जनवरी से शुरू होने वाली उनकी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान वे कर्तव्य पथ पर परेड देखेंगे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे। यह कूटनीतिक कदम भारत और यूरोप के बीच बढ़ते विश्वास और प्रगाढ़ होते सामरिक रिश्तों का प्रतीक है।
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16वां भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन और व्यापार मंच
27 जनवरी को 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसकी सह-अध्यक्षता पीएम मोदी और यूरोपीय नेता करेंगे। इस दौरान न केवल व्यापार, बल्कि ऊर्जा, तकनीक और सुरक्षा जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा होगी। सम्मेलन के साथ ही एक 'इंडिया-ईयू बिजनेस फोरम' का भी आयोजन किया जाएगा, जहां दोनों क्षेत्रों के उद्योगपति आपसी सहयोग और निवेश की संभावनाओं को तलाशेंगे। यह बैठक 2004 से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
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World Economic Forum 2026 India: ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में बढ़ता निवेश
यूरोपीय संघ ने अपने संबोधन में ऊर्जा और रक्षा को विकास का मुख्य स्तंभ बताया। उर्सुला ने एक 'ऊर्जा संघ' बनाने पर जोर दिया जो सस्ती और विश्वसनीय स्वदेशी ऊर्जा प्रदान कर सके। इसके साथ ही, यूरोप में रक्षा निवेश में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जहां तीन रक्षा स्टार्टअप 'यूनिकॉर्न' बन चुके हैं। भारत के साथ सहयोग के माध्यम से रक्षा तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी नई संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है, जो दोनों क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करेगा।












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