आज भारत-ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन, दोनों देशों के PM होंगे शामिल, फ्री व्यापार पर बनेगी बात?

भारत और ऑस्ट्रेलिया पिछले कुछ सालों में काफी करीब आए हैं और फ्री और ओपन इंडो पैसिफिक को लेकर समान विचारधारा वाले देश हैं, लिहाजा भारत की तरह, ऑस्ट्रेलिया के भी चीन के साथ काफी खराब संबंध हैं।

नई दिल्ली, मार्च 21: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानंमत्री स्कॉट मॉरिसन आज एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे और दोनों देशों के बीच होने वाला ये शिखर सम्मेलन कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को लेकर कई अहम घोषणाएं हो सकती हैं।

भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन

भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन

भारत और ऑस्ट्रेलिया पिछले कुछ सालों में काफी करीब आए हैं और फ्री और ओपन इंडो पैसिफिक को लेकर समान विचारधारा वाले देश हैं, लिहाजा भारत की तरह, ऑस्ट्रेलिया के भी चीन के साथ काफी खराब संबंध हैं। दोनों देश ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ क्वाड के भी सदस्य हैं, लिहाजा मोदी सरकार के दौरान दोनो देशों के बीच नजदीकी संबंध बनाने के लिए कई समझौते हुए हैं। पहला भारत-ऑस्ट्रेलिया आभासी शिखर सम्मेलन 4 जून, 2020 को आयोजित किया गया था, जब संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ा दिया गया था।

व्यापार-रणनीतिक साझेदारी पर बात

व्यापार-रणनीतिक साझेदारी पर बात

पीएम मोदी और स्कॉट मॉरिसन के बीच व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, माइग्रेशन और गतिशीलता, और शिक्षा में घनिष्ठ सहयोग करने की उम्मीद है और इन क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलिया ने 1500 करोड़ डॉलर की निवेश की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, दोनों नेता आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। पीएमओ की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि, "भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने साइंस एंड टेक्नोलॉजी, डिफेंस, साइबर, रणनीतिक साझेदारी समेत कोविड -19 में भी आपसी सहयोग बढ़ाने को लेकर सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इसके साथ ही दोनों देशों के जल संसाधन प्रबंधन, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और शासन भी दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग में शामिल है''।

क्वाड और यूक्रेन युद्ध

क्वाड और यूक्रेन युद्ध

ऑस्ट्रेलिया के साथ शिखर सम्मेलन से पहले भारत ने जापानी प्रधानमंत्री की भी मेजबानी की है और भारत एकमात्र क्वाड का ऐसा सदस्य है, जिसने अभी तक यूक्रेन युद्ध के लिए अभी तक रूस की आलोचना नहीं की है। जबकि, ऑस्ट्रेलिया और जापान भी रूस के खिलाफ कई तरह के प्रतिबंध लगा चुके है। ऑस्ट्रेलिया और जापान ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ भी निजी प्रतिबंध लगाए हैं। लेकिन, इन देशों से अलग भारत ने रूस से भारी डिस्काउंट पर कच्चा तेल भी खरीदने का फैसला किया है, क्योंकि वैश्विक संघर्ष की स्थिति के बीच दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमत काफी बढ़ गई है, जिसका असर भारत पर सीधे तौर पर पड़ रहा है।

क्वाड ने स्वीकारा भारत की स्थिति

क्वाड ने स्वीकारा भारत की स्थिति

वहीं, इस तरह के संकेत मिल रहे हैं, कि क्वाड देशों ने यूक्रेन संकट के बीच भारत की स्थिति को स्वीकार कर लिया है और ऑस्ट्रेलिया के हाई कमीशन बैरी ओ'फेरेल ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि, 'क्वाड देशों ने भारत की स्थिति को स्वीकार कर लिया है और हम समझते हैं, कि हर देश के अपने द्विपक्षीय संबंध होते हैं।' उन्होंने कहा, "और (विदेश मंत्रालय और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी) की टिप्पणियों से यह स्पष्ट है कि उन्होंने संघर्ष को समाप्त करने के लिए अपने संपर्कों का उपयोग किया है और कोई भी देश इससे नाखुश नहीं होगा।" आपको बता दें कि, इससे पहले सितंबर 2021 में क्वाड लीडर्स समिट के दौरान दोनों नेताओं ने वाशिंगटन डीसी में पहली बार व्यक्तिगत रूप से बैठक की थी, जिसमें कोरोना के बाद की दुनिया पर चर्चा की गई थी।

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