भारत और चीन एशिया के शक्तिशाली खिलाड़ी, LAC पर बातचीत के जरिए सुलझाएं मसला: EU
नई दिल्ली। कोरोना संकट और चीन के साथ तनाव के बीच भारत और यूरोपीय संघ अब साथ मिलकर पर्यावरणीय मुद्दों और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग की दिशा में काम कर सकते हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक यूरोपीय संघ (ईयू) के सूत्रों का कहना है कि भारत और यूरोपीय संघ को परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को सुरक्षित करने की दिशा में काम करना है। यूरोपीय संघ भारत का व्यापारिक साझेदार है और सबसे बड़ा निवेश भागीदार भी है। हमारे पास एक व्यापक विदेश व्यापार समझौते (एफटीए) को विकसित करने की बहुत संभावना है।

Recommended Video
यूरोपीय संघ के सूत्रों के मुताबिक ईयू के पास भारत के साथ अप्रयुक्त व्यापार क्षमता है। पर्यावरणीय मुद्दों से लड़ने के लिए भारत महत्वपूर्ण भागीदार है। यूरोपीय संघ को उम्मीद है कि भारत और चीन, एशिया के शक्तिशाली और प्रभावशाली खिलाड़ी हैं। पिछले महीने पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास हुए हिंसक झड़प के बाद उत्पन हुए तनाव को खत्म कर दोनों देशों को बातचीत के द्वारा डी-एस्केलेट स्थिति पर सहमत होना चाहिए।
यूरोपीय संघ ने कहा, हम चाहते हैं कि प्रमुख क्षेत्रों से डी-एस्केलेशन, विघटन और सेनाओं को वापस बुलाया जाए। यूरोपीय संघ पूरी तरह से भारत और चीन के बीच पड़ोसी संबंधों का समर्थन करता है। सूत्रों का कहना है कि यूरोपीय यूनियन भारत के साथ संबंध को प्रगाढ़ करने का समर्थन करता है। भारत और यूरोपीय संघ के वर्चुअल समिट में बुधवार को संबंधों को लेकर चर्चा होगी। हमें जलवायु तटस्थता प्राप्त करने के लिए ऊर्जा सहयोग (ईयू ग्रीन डील) सहित क्षेत्रों पर संबंधों में विविधता लाने की आवश्यकता है।
यह भी पढ़ें: कोरोना संकट में राहत की खबर, देश के 20 राज्यों में COVID-19 रोगियों की रिकवरी दर राष्ट्रीय औसत से अधिक












Click it and Unblock the Notifications