इमरान खान नहीं मानेंगे अविश्वास प्रस्ताव, हारे तो पाकिस्तान में होगा गृहयुद्ध! जनरल बाजवा ने संभाला मोर्चा
पाकिस्तान के प्रमुख न्यूज चैनल जियो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि, पाकिस्तान की इमरान खान सरकार और उनकी पार्टी पीटीआई नेतृत्व ने आज चुनाव के दौरान संघीय राजधानी में हिंसा भड़काने का फैसला किया है।
इस्लामाबाद, अप्रैल 03: पाकिस्तानी मीडिया ने सरकारी अधिकारियों के सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि, अगर इमरान खान अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग में हार जाते हैं, तो फिर वो देश में भीषण हिंसा करना सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने देश के युवाओं को विरोध प्रदर्शन करने के लिए कहा है और रिपोर्ट है कि, इमरान खान की पार्टी बहुत बड़ी हिंसा और देश में अराजतका फैलाने की साजिश रच रही है।

इमरान खान करवाएंगे हिंसा?
पाकिस्तान के प्रमुख न्यूज चैनल जियो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि, पाकिस्तान की इमरान खान सरकार और उनकी पार्टी पीटीआई नेतृत्व ने आज चुनाव के दौरान संघीय राजधानी में हिंसा भड़काने का फैसला किया है। जियो न्यूज कार्यक्रम "नया पाकिस्तान" के दौरान वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने कहा कि, सूत्रों ने उन्हें सूचित किया है कि सरकार और पीटीआई नेतृत्व ने विपक्षी सांसदों को संसद के लॉज से बाहर निकलने और निचले सदन में प्रवेश करने से रोकने का फैसला किया है। हामिद मीर ने सूचित सूत्रों के हवाले से कहा कि, "शांतिपूर्ण विरोध" के प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद, चाहे वे नेशनल असेंबली में प्रवेश करें या बाहर हों, उन्हें पीटा जाएगा। इससे पहले, पीएम इमरान खान ने युवाओं से अपनी सरकार के खिलाफ रची जा रही "विदेशी साजिश" के खिलाफ दो दिनों, शनिवार और रविवार को विरोध करने का आह्वान किया है।

इस्लामाबाद में धारा 144 लागू
इमरान खान के खिलाफ लाए गये अविश्वास प्रस्ताव पर आज पाकिस्तान के नेशनल असेंबली में मतदान होना है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए, जिला प्रशासन ने आज के लिए इस्लामाबाद में धारा 144 लागू कर दी है। राजधानी इस्लामाबाद में आज सभी गाड़ियों की एंट्री रोक दी गई है। इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि, संघीय राजधानी में रेड जोन को बड़े कंटेनर और कंटीले तारों से सील कर दिया गया है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने एक किलोमीटर के दायरे में रेड जोन के अंदर और बाहर के इलाकों में सभी तरह के जमा होने पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा, इस्लामाबाद के जिला मजिस्ट्रेट ने एक अधिसूचना जारी की है, जो 'रेड जोन के अंदर 5 या अधिक व्यक्तियों के सभी प्रकार के जमावड़े, जुलूसों / रैलियों और प्रदर्शनों पर रोक लगाती है।

इमरान ने युवाओं से किया आह्वान
पाकिस्तानी न्यूज चैनलों से बात करते हुए इमरान खान ने कहा कि, "... मैं चाहता हूं कि आप शांतिपूर्ण और समृद्ध पाकिस्तान के लिए विरोध करें"। प्रधान मंत्री ने शनिवार को लोगों के साथ एक लाइव प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान कहा कि, क्योंकि विपक्ष सरकार को हटाने के लिए एक दृढ़ स्थिति में है, इसीलिए मैं देश के युवाओं से सड़कों पर आने का आह्वान करता हूं। हालांकि, प्रधानमंत्री आवास ने हिंसा की रिपोर्ट का खंडन किया। पीएम कार्यालय ने कहा कि, "प्रधानमंत्री कार्यालय इस खबर का कड़ा खंडन करता है और इस तरह के एकतरफा प्रचार अभियान की कड़ी निंदा करता है।" पीएमओ ने कहा कि, "एक मीडिया चैनल पर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर निराधार खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिसके अनुसार नेशनल असेंबली के विपक्षी सदस्यों को कल निचले सदन में पहुंचने से रोका जाएगा।" इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दृढ़ विश्वास रखते हैं और किसी भी असंवैधानिक कदम का विरोध करते हैं।

इमरान ने कहा- मेरे पास प्लान हैं
एक टीवी इंटरव्यू के दौरान एक सवाल के जवाब में, पीएम इमरान खान ने कहा कि, उनके पास नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान सत्र के लिए कई योजनाएं है और उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि वह विपक्षी पार्टियों को नेशनल असेंबली में हरा देंगे। इमरान खान ने कहा कि, "मेरे पास एक से अधिक योजनाएं हैं। हम कल जीतेंगे"। उन्होंने कहा कि पीटीआई ने खैबर पख्तूनख्वा में स्थानीय निकाय चुनावों में जीत हासिल की है, जो बताता है कि, जनता का समर्थन मेरे पास है। इमरान खान ने कहा कि, स्थानीय निकाय के नतीजे बताते हैं कि राष्ट्र उनके साथ (विपक्ष) नहीं है और "उन्हें माफ नहीं करेगा"। उनका समर्थन करने वाले राजनेता अब डरते हैं कि वे पाकिस्तान के खिलाफ "विदेशी साजिश" का हिस्सा बन गये हैं।

स्वीकार नहीं करेंगे अविश्वास प्रस्ताव?
वहीं, विदेशी पत्रकारों को दिए गये एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री इमरान खान ने संकेत दिया है, कि उन्हें सत्ता से हटाने के लिए जो अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है और जिसपर नेशनल असेंबली में वोटिंग होगा, उन्हें वो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि, चूंकी अविश्वास प्रस्ताव एक विदेशी साजिश के तहत लाया गया है और इसे अमेरिका प्रायोजित कर रहा है, लिहाजा वो उसे नहीं मानेंगे। इमरान खान ने कहा कि, "मैं कैसे परिणाम स्वीकार कर सकता हूँ जब पूरी प्रक्रिया ही बदनाम हो?" उन्होंने पत्रकारों से कहा कि, "लोकतंत्र नैतिक अधिकार पर कार्य करता है, इस मिलीभगत के बाद कौन सा नैतिक अधिकार बचा है?" वहीं, पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट् के मुताबिक, पाकिस्तान में स्थिति काफी गंभीर होती जा रही है और गृहयुद्ध के हालात बन रहे हैं, लिहाजा जनरल बाजवा ने देश की सेना को अलर्ट पर कर दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।












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