अमेरिका: ट्रंप के खिलाफ महाभियोग पर सीनेट में सुनवाई शुरू, राष्ट्रपति के भविष्य पर होगा फैसला
वॉशिंगटन।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ अमेरिकी सीनेट में गुरुवार को महाभियोग का एतिहासिक ट्रायल शुरू हुआ है। सीनेट, अमेरिकी कांग्रेस का उच्च सदन है। इस प्रक्रिया में यह तय होगा कि अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति व्हाइट हाउस में रहेंगे या फिर उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। ट्रंप, अमेरिकी इतिहास के तीसरे ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्हें महाभियोग का सामना करना पड़ रहा है। उनसे पहले एंड्रयू जॉनसन और बिल क्लिंटन को भी महाभियोग से गुजरना पड़ा था। हालांकि अभी तक राष्ट्रपति को महाभियोग की वजह से कुर्सी नहीं छोड़नी पड़ी है। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>id='top-searched-articles'>
प्रतिनिधि
सभा
की
तरफ
से
सीनेट
को
गया
प्रस्ताव
गुरुवार
को चीफ जस्टिस जॉन ग्लोवर रॉबर्ट्स जूनियर ने आरोप पढ़े। इससे पहले निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा में हुए मतदान के दौरान सीनेट में प्रस्ताव भेजने के पक्ष में 228 वोट पड़े जबकि 193 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। सीनेट में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है जहां प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम है। प्रतिनिधि सभा के प्रबंधकों ने सीनेट के एक कर्मचारी को नीले फोल्डर में यह प्रस्ताव सौंपा जिसे सीनेट में बहुमत दल के नेता मिच मैककॉनेल ने प्रबंधकों को सीनेट में बुलाया। वे अब ट्रंप पर लगाए आरोपों को औपचारिक रूप से पढ़ेंगे। सीनेट को ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भेजने से पहले प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने आरोपों पर साइन किए। पेलोसी ने कहा, हमारे लिए यह एक दुखद और बेहद त्रासदीपूर्ण है कि राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने, अपने पद की शपथ का उल्लंघन करने और चुनाव की सुरक्षा को खतरे में डालने के कदम उठाए। उन्होंने कहा, आज हम इतिहास बनाएंगे। इस पर राष्ट्रपति को जवाबदेह ठहराया जाएगा।











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