अमेरिका नहीं दुनिया की बेस्ट कंट्री तो फिर कौन जानिए
दावोस। अगर आप अभी तक मानते हैं कि अमेरिका दुनिया की बेस्ट कंट्री है तो फिर आप दोबारा सोचिए क्योंकि अमेरिका के हाथ से बेस्ट कंट्री का खिताब छिल गया है।
स्विटजरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की शुरुआत हो गई है। यहां पर बुधवार को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देशों की लिस्ट जारी की गई।
इस लिस्ट में जर्मनी पहले नंबर पर है तो अमेरिका को चौथा स्थान हासिल हुआ है। इस लिस्ट को यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट, पेंसलिवेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन स्कूल और बीएवी कंसलटिंग के साथ मिलकर तैयार किया गया है।
लिस्ट को तैयार करने के लिए 60 देशों के 16,000 से ज्यादा लोगों पर एक सर्वे किया गया था।
इस सर्वे को 24 श्रेणियों में बांटा गया था। जर्मनी को लिस्ट में पहला नंबर यहां पर व्यापार करने की सुविधाओं के अलावा इसकी ताकत और नागरिकता की वजह से मिला है।
लिस्ट के मुताबिक अमेरिका जरूर लिस्ट में चौथे नंबर पर है लेकिन इसके बावजूद इसकी सैनिक क्षमता और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का दर्जा अभी तक कायम है।
आगे की स्लाइड्स पर नजर डालिए कौन-कौन से देश हुए हैं दुनिया की बेस्ट कंट्रीज की लिस्ट में शामिल।

यूरोपियन यूनियन का सबसे बड़ा देश
लिस्ट में जर्मनी को पहला स्थान मिला है। जर्मनी यूरोपियन यूनियन का सबसे बड़ा देश है और यह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा रखता है। इसकी जीडीपी 3.7 ट्रिलियन डॉलर की है। लिस्ट के मुताबिक जर्मनी के पास मौजूद मानवबल दुनिया का सबसे क्षमतावान मानवबल है। हालांकि इस देश की बूढ़ी होती आबादी पर चिंता भी जताई गई है।

35.5 मिलियन की आबादी
कनाडा को लिस्ट में नंबर दो पर रखा गया है। लिस्ट में कहा गया है कि कनाडा नॉर्थ अमेरिका के एक बड़े हिस्से पर काबिज है और इसकी वजह से रूस के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा देश बन गया है।

दुनिया का तीसरा सर्वश्रेष्ठ देश
लिस्ट में यूके के सबसे बड़े और इसकी राजधानी लंदन का जिक्र किया गया है। लंदन को दुनिया का सबसे बड़ा और अहम वित्तीय केंद्र बताया गया है। बैंकिंग और टूरिज्म सेक्टर इस देश की अर्थव्यवस्था में रीढ़ की हड्डी की तरह हैं।

नंबर चार पर अमेरिका
16.8 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी वाले अमेरिका को लिस्ट में चौथा स्थान हासिल हुआ है। भले ही लिस्ट में अमेरिका नंबर चार पर हो लेकिन आज भी मिलिट्री पावर और अर्थव्यवस्था की वजह से दुनिया में इसका दबदबा कायम है।

580 बिलियन डॉलर की जीडीपी
स्वीडन इस लिस्ट में पांचवे नंबर पर है। भले ही स्वीडन की संस्कृति मिलिट्री और ऐसी ताकतों से जुड़ी हो, इसके बावजूद यहां हमेशा शांति बरकरार रही है। जिस तरह से यहां पर मानवाधिकारों, सार्वजनिक सेवाओं और स्थिरता को बढ़ावा दिया गया है, उसकी वजह से अंतराष्ट्रीय स्तर पर इसे एक अलग सम्मान हासिल हो सका है।

दुनिया का छठीं बेस्ट कंट्री
ऑस्ट्रेलिया इस लिस्ट में छठें नंबर पर है और यहां भी यूनाइटेड किंगडम की ही तरह राजशाही कायम है। 1.6 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी वाले ऑस्ट्रेलिया को दुनिया का अमीर देश माना जाता है। ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था बाजार पर आधारिकत है और इसकी वजह से यहां पर जीडीपी अच्छी है। लोगों को अच्छा रोजगार भी हासिल होता है।

सांतवां सबसे अच्छा देश
एशिया के पहले विकसित देश का दर्जा रखने वाले जापान को इस लिस्ट में सांतवां स्थान हासिल हुआ है। जापान की जीडीपी 4.9 ट्रिलियन डॉलर वाली है। जिस तरह से वर्ष 2011 में आई सूनामी के बाद जापान में अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौटी उसने दुनिया को एक नई राह दिखाई।

मुश्किल है नजरअंदाज करना
फ्रांस को इस लिस्ट में आंठवीं पोजिशन हासिल हुई है। लिस्ट के मुताबिक फ्रांस को पूर्व में और आज के दौर में नजरअंदाज करना काफी मुश्किल है। वेस्टर्न यूरोप में स्थित यह देश दुनिया का सबसे पुराना देश है और यहां पर विज्ञान, राजनीति, अर्थव्यवस्था और विभिन्न संस्कृतियों से जुड़े कई लोग आसानी से मिल जाएंगे।

सबसे सहनशील समाज
यूरोप की तीन सबसे बड़ी नदियों राइन, म्यूज और शील्ड से घिरा नीदरलैंड दुनिया का नौंवा सबसे अच्छा देश है। इसके पड़ोस में जर्मनी और बेल्जियम जैसे विकसित देश स्थित हैं। वर्ष 2001 में सेम सेक्स मैरिज को कानूनी मान्यता देने वाला नीदरलैंड दुनिया का पहला देश था। लिस्ट के मुताबिक नीदरलैंड के लोगों की वजह से यहां का समाज दुनिया का सबसे सहनशील समाज बन गया है।

यूरोप में एक अलग संस्कृति का परिचायक
डेयरी प्रॉडक्ट्स के लिए दुनिया भर में मशहूर डेनमार्क को लिस्ट में 10वीं पोजिशन मिली है। स्वीडन और नॉर्वे से सटा होने की वजह से डेनमार्क उत्तरी यूरोप में स्कैनडेनेविया संस्कृति का परिचायक भी बना है। डेनमार्क की जीडीपी 336 बिलियन डॉलर की है।












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