Hurricane Milton: मिल्टन तूफान ने फ्लोरिडा शहर को बनाया भूतहा, 300 KM की रफ्तार, US में विनाशक तबाही की आशंका
Hurricane Milton, classified as a Category 5 storm, is expected to hit Florida with destructive winds of 300 KM/h. Residents are urged to evacuate as severe destruction is anticipated.
What is Hurricane Milton: "आपकी अभी, फौरन, पूरे इलाके को खाली कर देना चाहिए। आपको पहले ही खाली कर देना चाहिए था। यह जीवन और मौत का सवाल है और यह अतिश्योक्ति नहीं है।" अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन का ये बयान तूफान मिल्टन की तबाही मचाने की ताकत को दिखाता है।
बुधवार देर रात से लेकर गुरवार सुबह के बीच अमेरिका के सबसे प्रमुख राज्यों में से एक फ्लोरिडा में मिल्टन तूफान आने वाला है और वैज्ञानिकों ने इसे कैटोगिरी-5 में रखा है, यानि सबसे ज्यादा खतरनाक कैटोगिरी में रखा है। तूफान हेलेन के कहर और तबाही मचाने के दो सप्ताह बाद ही तूफान मिल्टन दक्षिण-पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर बढ़ रहा है। हेलेन तूफान की वजह से अमेरिका में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जो 26 सितंबर को फ्लोरिडा में आया था, जिसकी रफ्तार 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की थी और मौसम वैज्ञानिकों ने उसे कैटोगिरी-4 में रखा था।

लेकिन, तूफान निल्टन को कैटोगिरी-5 में रखा गया है, यानि ये हेलन तूफान से भी कई गुना ज्यादा खतरनाक है और इसमें फ्लोरिडा के एक बड़े हिस्से को तबाह करने की क्षमता है।
अमेरिकी राष्ट्रीय तूफान केंद्र ने कहा है, कि "यह एक बहुत ही गंभीर खतरा है और फ्लोरिडा के निवासियों से स्थानीय अधिकारियों की बात को फौरन मानने के लिए कहा है। निवासियों को अपने परिवारों और घरों को तुफान से बचने के लिए तैयार रखने के लिए कहा है और जरूरी सामान रख लेने के लिए कहा है। चेतावनी में लोगों को तत्काल अपने घरों को छोड़कर प्रभावित इलाकों से बाहर चले जाने के लिए कहा गया है।
लेकिन विशेषज्ञ तूफान मिल्टन से इतने डरे हुए क्यों हैं? यह इतना घातक क्यों है? कैटोगिरी-5 का तूफान कितनी घातक तबाही मचा सकता है? आइये जानते हैं।
तूफान मिल्टन कितना शक्तिशाली है? (How strong is Hurricane Milton?)
रविवार और सोमवार की सुबह के बीच, सिर्फ 24 घंटे के अंतर पर, तूफान मिल्टन एक उष्णकटिबंधीय तूफान से एक भयंकर श्रेणी के तूफान में बदल दिया, जिसे कैटोगिरी-5 में शामिल किया गया है। रविवार (6 अक्टूबर) को, मिल्टन की हवा की गति 65 मील प्रति घंटे (104.6 किमी प्रति घंटे) थी और सोमवार (7 अक्टूबर) को यह बढ़कर 155 मील प्रति घंटे (249.4 किमी प्रति घंटे) हो गई है और यह मेक्सिको की खाड़ी से होते हुए फ्लोरिडा की ओर बढ़ रहा है।
वर्तमान में, तूफान मिल्टन की हवाएं 180 मील प्रति घंटे (289.6 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार तक पहुंच चुकी है, जो इसे अमेरिका में आए सबसे शक्तिशाली तूफानों में से एक बनाता है। फ्लोरिडा के मौसम विज्ञानी नोआह बर्गरेन ने द गार्जियन को बताया है, "यह किसी खगोलीय घटना से कम नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा, "यह तूफान पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा इस महासागर के पानी पर उत्पन्न की जा सकने वाली गणितीय सीमा के करीब पहुंच रहा है।"
यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा ने भी अपने पूर्वानुमान में लिखा है, कि मिल्टन में "सबसे ज्यादा विस्फोटक तीव्रता है।"
जिस तरह से मिल्टन ने रफ्तार पकड़ा है, उसे देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रीय तूफान केंद्र ने इसे रिकॉर्ड पर तीसरा सबसे तेज तीव्रता वाला अटलांटिक तूफान बताया है। आपको बता दें, कि 'तेज तीव्रता' को 24 घंटों में 30 नॉट के रूप में मापा जाता है, जो कि लगभग 55.5 किमी प्रति घंटे प्रतिदिन है। हालांकि, मिल्टन में इस परिभाषा से दोगुने से ज्यादा की वृद्धि हुई है।

मिल्टन इतनी तेजी से क्यों तीव्र क्यों हुआ?
इसका सबसे आसान उत्तर असामान्य रूप से गर्म समुद्री जल है। विशेषज्ञों का कहना है, कि जलवायु परिवर्तन, इस खतरनाक तीव्रता का कारण बन रहा है, जैसा कि मौसम विज्ञान की दुनिया में जाना जाता है। मौसम वैज्ञानिकों ने देखा है, कि ग्रीनहाउस गैसों के संचय से वातावरण में गर्मी फंस जाती है। इसके परिणामस्वरूप, भूमि और महासागरों दोनों पर रिकॉर्ड-तोड़ तापमान हो जाता है, जिसकी वजह से शक्तिशाली तूफान आते हैं।
मियामी रोसेनस्टील स्कूल के एक जलवायु विज्ञानी और वरिष्ठ शोध सहयोगी ब्रायन मैकनॉल्डी ने वॉक्स को बताया है, कि इस अगस्त में मैक्सिको की खाड़ी में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर सबसे ज्यादा था। यह असामान्य गर्मी लगातार जारी रही है और इसने मिल्टन को इतनी तेजी से मजबूत होने में मदद की है।
अन्य विशेषज्ञ भी इस बात से सहमत हैं। उनका कहना है कि मिल्टन का केंद्र असाधारण रूप से गर्म पानी से होकर गुजर रहा है - जो साल के इस समय के औसत से लगभग दो से तीन डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। यह मिल्टन को स्पीड दे रहा है, जैसा कि दो हफ्ते पहले हेलेन के साथ हुआ था।
हालांकि, जलवायु परिवर्तन को इस स्थिति के लिए प्राइमरी फैक्टर बताया जा रहा है, लेकिन जलवायु विशेषज्ञों का मानना है, कि इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, कि अल नीनो तूफान के प्रभाव और शायद ज्वालामुखी विस्फोट भी इसके लिए ज़िम्मेदार हैं।
मिल्टन के तेजी से तीव्र होने का एक और कारण इसके रास्ते में हवा के झोंके की कमी है। यहां, हवा के झोंके का मतलब हवा की गति और दिशा में होने वाले बदलाव से है। इसके अलावा, मिल्टन की चौड़ाई भी अपेक्षाकृत छोटी है। मैकनॉल्डी ने कहा, कि छोटे तूफान "आम तौर पर ज्यादा खतरनाक होते हैं, क्योंकि वे मौसम की घटनाओं से ज्यादा आसानी से प्रभावित होते हैं।
मिल्टन तूफान से कितना विनाश मच सकता है?
तूफान मिल्टन, जो जमीन पर आने वाला है, उसे अत्यधिक विनाशकारी बताया जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है, ये तूफान जिस तरह का कहर मचाने वाला है, उसके बाद बिखरी हुई जिंदगियों को जोड़ने में महीनों या सालों लग जाएंगे। तूफान मिल्टन जैसे तूफान कथित तौर पर घरों को तबाह कर देंगे, छतों को तोड़ देंगे, दीवारों और पेड़ों को गिरा देंगे और ऐसे हालात बन जाएंगे, कि क्षेत्र कई हफ्ते या कई महीनों तक रहने लायक नहीं रहेगा।
इससे बिजली की कटौती भी होने की आशंका है जो महीनों तक चल सकती है। यह कुछ किशोरों और वयस्कों के लिए पोस्ट-ट्रॉमेटिक तनाव का कारण भी बन सकता है। जैसा कि AccuWeather.com के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी जॉन फ़ेरिक ने द इंडिपेंडेंट को बताया, कि कैटोगिरी-5 से होने वाला नुकसान लगभग असहनीय है।
उन्होंने कहा, कि "ज़्यादातर संरचनाएं मूल रूप से अपनी नींव से उड़ जाती हैं। यह मूल रूप से EF-4 बवंडर जैसा है। लेकिन, बवंडर के बजाय, जो शायद कुछ सौ गज चौड़ा हो, यह 150 मील प्रति घंटे या उससे अधिक की हवाओं के साथ बहुत बड़े क्षेत्र को प्रभावित करने वाला है।"
यूएस वर्जिन आइलैंड्स के निवासी टॉम क्रॉल, जिन्होंने कैटोगिरी-5 के तूफान इरमा को देखा है, उन्होंने एनपीआर को बताया है, कि हवाएं "ऐसा महसूस कराती हैं जैसे आप 75 की रफ्तार पर कार चला रहे हों और अपना सिर खिड़की से बाहर निकाल रहे हों। आपके कानों में एक तरह की असहज चीज है।"
इस तूफान से होने वाले खतरों को देखते हुए राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अंगोला और जर्मनी की अपनी यात्रा रद्द कर दी है। वहीं, प्रशासन ने समुद्री इलाकों की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है और शहर भर में पुलों को भी बंद कर दिया गया है। वहीं, फ्लोरिडा के कई शहरों में, जिनके सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है, वहां कर्फ्यू लगा दिए गये हैं और सड़कें पूरी तरह से खाली हैं और शहर के मेयर का कहना है, कि फ्लोरिडा शहर एक 'भूतहा' शहर जैसा बन गया है।
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