• search

सबसे प्रभावशाली रहे 'गुप्ता परिवार' को कैसे याद कर रहा है दक्षिण अफ्रीका

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    गुप्ता परिवार के ख़िलाफ प्रदर्शन
    Getty Images
    गुप्ता परिवार के ख़िलाफ प्रदर्शन

    ये सिर्फ़ एक ख़बर नहीं लगती. ये कोई फ़िल्मी कहानी जैसा मामला है.

    दूर देश से आया एक महत्वाकांक्षी परिवार एक ऐसे देश में गहरे तक पैठ बना लेता है, जहां लोकतंत्र अपनी जड़ें जमा ही रहा था.

    ये परिवार कल्पना से परे जाकर दौलत और रुतबा हासिल करता है. उस पर राज्य को बंधक बनाने तक के आरोप लगते हैं और तभी वो रातों रात अचानक गायब हो जाता है, उन तमाम लोगों को मुश्किलों के घेरे में छोड़कर जो उसके मददगार माने जाते रहे हैं.

    ऐसे तमाम लोग जो इस परिवार को लेकर शुरुआत से आगाह करते रहे थे वो भी हैरत में पड़ जाते हैं कि कोई इतने लंबे समय तक इतना कुछ करते हुए भी बचकर निकल कैसे सकता है?

    हैरान और अपमानित महसूस कर रहे दक्षिण अफ्रीका के लोग अब तक गुप्ता परिवार के किए को हजम करने की कोशिश में हैं. वो इस आकलन में जुटे हैं कि इस परिवार ने देश के संस्थानों, नेताओं और लोकतंत्र को कितना नुकसान पहुंचाया है.

    राजनीतिक विश्लेषक प्रिंस मशेल की राय है, "नुकसान की भरपाई हो सकती है" लेकिन तभी जबकि यहां के अधिकारी गुप्ता परिवार के साथ कथित तौर पर षडयंत्र करने वाले लोगों के ख़िलाफ तेज़ी और आक्रामक तरीके से काम करें.

    वो कहते हैं, "समाज को नज़र आना चाहिए कि लोग जेल जा रहे हैं. अगर आप ऐसा करते हैं तो आप संदेश देते हैं कि जो गुप्ता परिवार ने किया, आप भी वैसा करते हैं तो उसके नतीजे भुगतने होंगे."

    अर्श से फ़र्श पर दक्षिण अफ्रीका का गुप्ता परिवार?

    गुप्ता परिवार के परिसर में छापा डालने पहुंचे अधिकारी
    EPA
    गुप्ता परिवार के परिसर में छापा डालने पहुंचे अधिकारी

    हट गया रक्षा कवच

    ये बीते महीने की बात है. दक्षिण अफ्रीका पुलिस की हॉक्स यूनिट सूरज निकलने के पहले जोहानिसबर्ग स्थित गुप्ता परिवार के आलीशान परिसर पहुंची. अधिकारी गिरफ़्तारी करने के इरादे में थे और देश के तमाम लोगों के लिए हैरान करने वाली बात थी.

    ये परिवार कई बरसों तक कानून की पहुंच से महफूज दिखता था. इस परिवार पर अधिकारियों, ईमेल लीक और नेताओं की ओर से भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए लेकिन तत्कालीन राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा के साथ दोस्ती इनका रक्षा कवच नज़र आती रही.

    गुप्ता भाइयों पर मंत्रियों की नियुक्तियों और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए सरकारी ठेकों से धन बनाने के आरोप लगे. उन्होंने राष्ट्रपति के बेटे डूडूज़ाने को काम हासिल करने के लिए रखा और लगातार इस बात से इनकार करते रहे कि वो कुछ ग़लत कर रहे हैं.

    लेकिन 14 फरवरी को सबकुछ नाटकीय अंदाज़ में बदल गया. राष्ट्रपति ज़ुमा ने इस्तीफ़े का ऐलान किया और कुछ ही घंटों में पुलिस छापा डालने पहुंच गई. पुलिस को जानकारी हुई तीनों गुप्ता भाई विदेश चले गए हैं.

    गुप्ता परिवार में तीन भाई हैं. अतुल, राजेश और अजय.

    कानूनी अभियान चलाने वाले मार्क हेवुड का सेक्शन 27 उन संगठनों में से एक है, जो दक्षिण अफ्रीका के अधिकारियों से बरसों से गुप्ता परिवार के ख़िलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे.

    मार्क हेवुड कहते हैं, "मुझे लगता है कि वो प्रत्यर्पण की स्थिति में ही वापस आएंगे."

    उन्होंने कहा, "ये एक जीत है... जो कुछ हो रहा था, उसे सामने लाने के लिए हमने कई मोर्चे खोले थे. राज्य को 'बंधक' बनाए जाने की स्थिति आगे जारी न रहे, हमने लगभग ये स्थिति ला दी. हमने अधिकारियों पर दबाव बनाया कि जो उन्हें जो शुरुआत में करना चाहिए थे, वो वैसा करें."

    जैकब ज़ुमा के साथ अतुल गुप्ता
    SABC
    जैकब ज़ुमा के साथ अतुल गुप्ता

    शुरू हुई कार्रवाई

    फिलहाल दक्षिण अफ्रीका की कानून का पालन कराने वाली एजेंसियां अपनी योजनाओं को लेकर खामोश हैं. माना जा रहा है कि गुप्ता भाई फिलहाल दुबई हैं जहां कथित तौर पर उनके पास घर है.

    गुप्ता भाइयों में सबसे बड़े अजय हैं जो आधिकारिक तौर पर 'भगोड़े' हैं लेकिन यहां की पुलिस प्रत्यर्पण योजना की जानकारी नहीं देगी. वो ये भी नहीं बताएंगे कि परिवार और कौन से सदस्य उनके रडार पर हैं और किन आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की योजना है.

    इस बीच दक्षिण अफ्रीका में गुप्ता परिवार का व्यापारिक साम्राज्य तेज़ी से दरक रहा है. कोयले की खदान, टीवी स्टेशन, लक्ज़री जेट, बैंक, डेयरी फॉर्म और गुप्ता परिवार से जुड़ी दर्जन भर दूसरी कंपनियां या तो बंद हो रही हैं या फिर उनके स्वामित्व बदल रहे हैं या अधिकारी उन्हें बंद करने की तैयारी में हैं.

    साथ ही गुप्ता परिवार के कथित साझेदार अहम रहे या फिर उनकी कथित अनियमितताओं को लेकर आंखें बंद करने वाले नेताओं की मुश्किलें भी बढती दिख रही हैं.

    सरकारी ऊर्जा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को बोर्ड से हटाया जा चुका है. राजस्व जुटाने वाली सेवा 'एसएआरएस' के विवादों में रहे प्रमुख को हाल में निलंबित किया गया है.

    कभी अरबों में खेलते थे, अब छापों से तबाह हैं गुप्ता बंधु

    'जड़ से उखड़ जाएगा गठजोड़'

    विपक्षी डेमोक्रेटिक गठबंधन के पुलिस मामलों पर नज़र रखने वाले नेता ख्वाज़ैकले मबेले कहते हैं, "मुझे कोई संदेह नहीं है कि ये नया अध्याय... यानी ज़ुमा और गुप्ता का क्रोनी नेटवर्क बहुत जल्दी प्रभावी तरीके से जड़ से उखाड़ दिया जाएगा."

    ज़ुमा अब राष्ट्रपति नहीं बल्कि आम नागरिक हैं. वो इससे इतर भी कानूनी मामलों में उलझे हैं. फ्रांस की एक हथियार कंपनी से कथित रिश्वत का पुराना मामला उन्हें परेशान करने के लिए लौट आया है. गुप्ता परिवार के साथ मिलकर कथित तौर पर 'राज्य को बंधक' बनाने के मामले में भी न्यायिक जांच जल्दी शुरु हो सकती है. पूर्व राष्ट्रपति के कुर्सी छोड़ने के बाद के दिन व्यस्त और घटनाप्रद रहने की उम्मीद है.

    ये उतना ही अनिश्चित है जैसे कि दक्षिण अफ्रीका के कई लोगों को 'जुप्ता' की ओर से किए गए कथित नुकसान की जानकारी को लेकर अंधेरे में है. दक्षिण अफ्रीका में अब राहत महसूस की जा रही है. कुछ लोग मानते हैं कि गुप्ता परिवार ने अनजाने में अहम भूमिका निभाई.

    प्रिंस मशेल कहते हैं, "अगर आप दक्षिण अफ्रीका के लोगों से कहें कि ऐसा हो सकता है तो वो कहते नहीं! लेकिन गुप्ताओं ने दिखाया कि ऐसा संभव है कि आप बाहर से आएं और एक लोकतांत्रिक राज्य को पूरी तरह बंधक बनाएं और उस पर नियंत्रण करें. ऐसे में एक तरह से उन्होंने हमें जगा दिया है."

    ये अब भी एक कपोल कथा लगती है.

    दक्षिण अफ्रीका का गुप्ता परिवार सब कुछ बेचेगा

    कौन हैं ये दक्षिण अफ़्रीका के गुप्ता जी?

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    How is the most influential Gupta family remembered South Africa

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X