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Nag Mk-2: भारतीय नाग के जहर से नहीं बच पाएगा चीन-पाकिस्तान, DRDO का Nag Mk-2 एंटी टैंक मिसाइल कितना विनाशक है?

Nag Mk-2 Anti-tank Guided Missile: भारत लगातार अपने हथियार भंडार को विनाशक बना रहा है, ताकि चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन अपनी औकात में रहे और देश की तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत तक ना करे और इसी कड़ी में भारत ने 13 जनवरी को स्वदेशी तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग एमके-2 का कामयाबी के साथ टेस्ट कर लिया है।

भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने राजस्थान के पोखरण फील्ड रेंज में नाग एमके-2 का कामयाबी के साथ टेस्ट किया है। टेस्ट के बाद DRDO ने यह भी घोषणा की है, कि नाग मिसाइल कैरियर वर्जन-2 का भी मूल्यांकन किया गया है और अब यह "पूरी हथियार प्रणाली भारतीय सेना में शामिल होने के लिए तैयार है।"

nag mk-2

लिहाजा जानना जरूरी हो जाता है, कि नाग एमके-2 की क्षमताएं क्या हैं? इस हथियार का विकास भारतीय सेना के लिए क्यों एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है?

भारत ने किया नाग एमके-2 का कामयाब टेस्ट (Nag Mk-2 Anti-tank Guided Missile Test)

सोमवार को DRDO ने वरिष्ठ भारतीय सेना अधिकारियों की मौजूदगी में नाग एमके-2 का फील्ड परीक्षण किया है। इस दौरान डीआरडीओ ने एक बयान में कहा, कि "स्वदेशी तौर पर विकसित तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक फायर-एंड-फॉरगेट गाइडेड मिसाइल नाग एमके 2 का फील्ड मूल्यांकन परीक्षण हाल ही में भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पोखरण फील्ड रेंज में सफलतापूर्वक किया गया।"

बयान में कहा गया है, कि "तीनों फील्ड परीक्षणों के दौरान, मिसाइल प्रणालियों ने सभी लक्ष्यों को सटीक रूप से नष्ट कर दिया - अधिकतम और न्यूनतम रेंज के साथ साथ इसकी फायरिंग रेंज की पुष्टि हुई।"

वहीं, भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नाग एमके 2 की संपूर्ण हथियार प्रणाली के सफल फील्ड परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय सेना और इंडस्ट्री को बधाई दी है।

नाग एमके-2 की ताकत क्या है? (Capabilities of Nag Mk-2)

नाग एमके-2 की सबसे खास बात ये है, कि इसका निर्माण भारत में ही किया गया है और इसकी दूसरी सबसे बड़ी खासियत ये है, कि ये सभी मौसम में, और किसी भी मौसम परिस्थितियों के दौरान काम करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, इसमें फायर-एंड-फॉरगेट, लॉन्च के बाद लॉक-ऑन, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) की क्षमताएं हैं। इसका मतलब यह है, कि लॉन्च के बाद इसे ऑपरेटर के न्यूनतम हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है।

डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नाग एमके-2 आधुनिक बख्तरबंद वाहनों के खिलाफ प्रभावी है, जिसमें विस्फोटक रिएक्टर कवच से लैस वाहन भी शामिल हैं।

हालांकि सटीक सीमा कितनी है, इसकी जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन नाग एमके-2 की सीमा सात से 10 किलोमीटर होने का अनुमान है, जो इसके पूर्ववर्ती नाग मार्क 1 की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिसकी सीमा 4 किलोमीटर थी।

इसके अलावा, इस मिसाइल में हाई-एक्सप्लोसिव एंटी टैंक यानि HEAT वारहेड है, जो इसे विनाशकारी बना देता है और बख्तरबंद लक्ष्यों के सबसे कमजोर हिस्से पर हमला करने की क्षमता ये रखता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो सके।

नाग एमके-2 मिसाइल को NAMICA से लॉन्च किया जाता है, जो भारत में निर्मित BMP-2 सरथ पर आधारित एक बख्तरबंद वाहन है। आपको बता दें, कि सरथ उभयचर क्षमता वाली रूसी मूल की BMP-II आधारित प्रणाली पर आधारित है। NAMICA नाग मिसाइल प्रणाली के लिए एक मजबूत और मोबाइल प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जिससे इसे विभिन्न इलाकों में तेजी से और प्रभावी ढंग से तैनात किया जा सकता है।

भारतीय सेना के लिए कितना महत्वपूर्ण है नाग?

नाग एमके-2 का कामयाब परीक्षण कर लिया गया है और अब यह भारतीय सेना में तैनात होने के लिए तैयार है, जो इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम और आगे ले जाएगा। अब तक, भारतीय सेना दूसरे देशों से एंटी टैंक मिसाइलें खरीद रही थी। उदाहरण के लिए, 2020 में लद्दाख में चीनी आक्रमण के बाद, भारत ने आपातकालीन हालात में इजराइल से स्पाइक एंटी टैंक मिसाइलों के लगभग 200 यूनिट्स खरीदे थे।

चीन ने अक्साई चिन में तोपखाने, रॉकेट और टैंक जमा कर रखे हैं, जिसे देखते हुए भारत में एंटी टैंक मिसाइलों की आवश्यकता महसूस की गई थी।

इसके अलावा, नाग एमके-2 को शामिल करने से पुराने प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान और सीमा पर उसकी भारत विरोधी गतिविधियों के खिलाफ भी एक निवारक के रूप में काम आएगा। इस तकनीक के मामले में यह भारत को पाकिस्तान पर बढ़त भी देता है। अभी तक, इस्लामाबाद के पास बर्क लेजर-गाइडेड मिसाइल है। हालांकि, यह तुर्की की तकनीक पर निर्भर है, और नाग की तरह इसमें फायर-एंड-फॉरगेट क्षमता नहीं हैं।

वहीं, जब चीन की बात आती है, तो उसके पास नाग के बराबर रेंज वाली HJ-10 है। लेकिन, यह वायर गाइडेंस पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जिससे यह जवाबी कार्रवाई के दौरान काफी कमजोर हो जाता है। इसके अलावा, नाग का एडवांस IIR सीकर और टॉप-अटैक मोड आधुनिक कवच के खिलाफ इसकी मारक क्षमता को और बढ़ाता है।

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